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विकास की राह में कैंट बोर्ड के अड़ंगे
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Thu, 11 Feb 2016 01:54 AM IST
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विकास के कई अहम प्रोजेक्ट में कैंट बोर्ड ने अड़ंगा लगा रखा है। मेरठ विकास प्राधिकरण पैसा लगा रहा है। प्लान बनाकर काम शुरू भी किया पर ऐन मौके पर कैंट बोर्ड और सेना सक्रिय हो गए। विकास के कई काम रुके हुए हैं।
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साइकिल ट्रैक मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट है। मेरठ में भी इस लागू किया गया। निर्माण भी शुरू हो गया। लेकिन कैंट बोर्ड ने इस पर अड़ंगा लगा दिया। कहा इसे आबूनाले पर नहीं बनाया जा सकता है। ऐसे में एमडीए को यह ट्रैक ही बदलना पड़ा। अब इसे किला परीक्षितगढ़ रोड पर बनाया जा रहा है।
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मल्टी लेवल पार्किंग बीस करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट है। बंगला नंबर 173 में पूरा प्रस्ताव तैयार कर दिया। सारा प्रकरण फाइनल हो गया। यहां भी कैंट बोर्ड और सेना ने विरोध कर दिया। तर्क रखा कि हम यहां पर खुद ही पार्किंग बनाएंगे। वहीं सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के बाद बेगमपुल चौराहे का जीर्णोद्घार किया जाना था। एमडीए को यहां फुटपाथ आदि डेवलप करने थे। नया ट्रैफिक प्लान भी लागू करना था। लेकिन जब यहां काम शुरू हुआ तो कैंट बोर्ड ने रुकवा दिया। बाद में इसे पुन: डिजायन किया गया, तब जाकर काम शुरू हुआ।
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रोहटा रोड ओवरब्रिज
इस अड़ंगे का ही परिणाम है कि पांच साल से रोहटा रोड ओवरब्रिज पर काम ही चल रहा है। पुल लगभग तैयार है, पर संचालन नहीं हो पा रहा है। एक नहीं कई बार यहां अड़ंगे लगाए गए। ऐसे में इस रोड की जनता बुरी तरह से परेशान है।
सर्विस रोड
रोहटा रोड ओवरब्रिज जब रेलवे स्टेशन की तरफ उतरेगा तो यहां छोटी सी रोड है। पुल फोर लेन है। ऐसे में यहां परेशानी होना लाजिमी है। इस पर एमडीए ने रोड चौड़ा करने का प्लान बनाया, जिससे सैन्य अधिकारियों ने साफ मना कर दिया। सर्विस रोड को बेहतर करने को कहा तो उससे भी इनकार कर दिया। बाद में बड़ी मुश्किल से इसे कम चौड़ाई का ही प्रस्तावित किया गया, जब जाकर इस पर बात बनी।