रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण तक पहुंची मेरठ के मोबाइल टावर की शिकायत, छावनी प्रशासन कटघरे में
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यूपी के मेरठ में कैंट बोर्ड की सदस्य मंजू गोयल के घर में लगे मोबाइल टावर और अवैध निर्माण के मामलों की शिकायत केंद्रीय रक्षा मंत्री से की गई है। सदस्य अनिल जैन ने शिकायत में मंजू गोयल की सदस्यता रद्द नहीं करने पर छावनी प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। जानें क्या है पूरा मामला :-
साल 2005 से घर पर लगा है टावर
सिटी कैंट बोर्ड की बैठक में सदस्य अनिल जैन ने शुक्रवार को कमांडर से शिकायत में आरोप लगाते हुए बताया था कि बोर्ड सदस्य मंजू गोयल के घर पर साल 2005 से टावर लगा है। मंजू गोयल और उनके परिजनों के नाम बोर्ड से नोटिस जारी किए गए हैं। ये सभी अवैध निर्माण में लिप्त हैं। जैन ने कमांडर को कागजात सौंपते हुए इन मामलों में मंजू गोयल की सदस्यता रद्द करने की मांग की थी।
सोमवार को इस मामले में अनिल जैन ने रक्षा मंत्री को पत्र भेजकर शिकायत कर दी है। इसमें कहा गया है कि छावनी परिषद के अध्यक्ष को उनको द्वारा निर्वाचित सदस्य मंजू गोयल की सदस्यता समाप्त करने हेतु शिकायती पत्र दिया गया है। इसके साथ ही उन्हें सुबूत भी सौंपे गए हैं। लेकिन पता नहीं किस कारण से अध्यक्ष छावनी परिषद मंजू गोयल के निलंबन की कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। मंजू गोयल की सदस्यता तुरंत रद्द करने की मांग करने के साथ शिकायती पत्र के साथ मंजू गोयल के पति दिनेश गोयल के खिलाफ दर्ज छह मुकदमों का विवरण भी दिया गया है। वहीं, सोमवार को मंजू गोयल और अनिल जैन ने सीईओ प्रसाद चव्हाण से अलग-अलग मुलाकात की।
अब क्यों चुप्पी साधे हैं अफसर
पूरे प्रकरण में अब कैंट क्षेत्र के व्यापारियों का भी कहना है कि कैंट बोर्ड और सेना के अफसर अवैध निर्माण में कार्रवाई की बात करते हैं। लेकिन अब इस मामले में सभी क्यों चुप्पी साधे हुए हैं। जब कैंट बोर्ड के सदस्यों की बारी आई तो चुप्पी क्यों साध ली गई। व्यापारियों का आरोप है कि कैंट बोर्ड सिर्फ गरीबों पर कार्रवाई करता है। ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने की बजाय हाथ क्यों बांध रखे हैं।