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छह साल बाद भी नहीं मिला नियुक्ति पत्र, अभ्यर्थियों ने कलक्ट्रेट पर दिया धरना, मांगी इच्छामृत्यु
Fri, 17 May 2019 08:57 PM IST
कपिल kapil
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
Published by: कपिल kapil
Updated Fri, 17 May 2019 08:57 PM IST
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कलक्ट्रेट में धरना देते अभ्यर्थी
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में 2013 में पुलिस भर्ती में आरक्षी पद पर चयनित हुए अभ्यर्थियों को अब तक नियुक्ति नहीं दी गई है। नियुक्ति न मिलने से बेरोजगार घूम रहे अभ्यर्थियों ने कलक्ट्रेट में धरना देते हुए राष्ट्रपति को संबोधित एसडीएम बृजेश कुमार को देते हुए इच्छामृत्यु की मांग की है।
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अभ्यर्थी शुक्रवार को कलक्ट्रेट परिसर में एकत्र हुए और धरना दिया। कहा कि अपनी मेहनत के दम पर वे पुलिस में आरक्षी पद के लिए चयनित हुए थे। वे मेडिकल परीक्षा भी पास कर चुके हैं। इसके बाद भी उन्हें अभी तक नियुक्ति पत्र नहीं दिए गए हैं। वे नियुक्ति पत्र के लिए सैकड़ों बार उत्तर प्रदेश पुलिस बोर्ड के अधिकारियों, मुख्यमंत्री व गृह सचिव के अलावा मंत्रियों से मिल चुके हैं। लेकिन उन्हें झूठे आश्वासन देकर व बल प्रयोग करके भेज दिया जाता है। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती के चेयरमैन ने तो यहां तक कह दिया कि उनका चिकित्सा परीक्षण पुराने चेयरमैन ने किया है, वे नियुक्ति पत्र भी उनसे ही ले लें। कहा कि प्रदेश में 11 हजार 786 अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए थे। इनमें से जिले के करीब 100 अभ्यर्थी हैं। छह साल में भी नियुक्तिपत्र न देकर उनका शारीरिक, मानसिक व आर्थिक रूप से बहुत शोषण व परेशान किया गया है। उनका आत्मविश्वास लगभग समाप्त हो चुका है। उनके अंदर निराशा का भाव इस तरह से व्याप्त हो चुका है कि वे अब भविष्य में अपना जीवन यापन आत्मसम्मान के साथ करने में असमर्थ हैं। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में लिखा कि जिस जीवन में आत्मसम्मान ही न बचा हो उस जीवन से बेहतर मर जाना है।
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उन्होंने अपने लिए इच्छामृत्यु की मांग की है। कहा कि उनके दयनीय व नरकीय स्थिति में पहुंचने की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश सरकार, शासन, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड की है। एसडीएम ने मामले में अधिकारियों को सूचित करने का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया। इस दौरान रेशम कुमारी, अमित कुमार, लवी कुमार, राहुल कुमार, उत्तर कुमार, सतीश कुमार, अंतरिक्ष कुमार, सौरभ देशवाल, आकाश, अनुज, मोहित, नितिन, जितेंद्र आदि मौजूद रहे।
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