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निंदा कर दूसरों के पाप भी ग्रहण कर लेता है मनुष्य : कृष्ण भारद्वाज
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- बाबा मनोहर नाथ मंदिर में चल रही श्री राधे पुराण कथा
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। बाबा मनोहर नाथ ट्रस्ट की ओर से मंगलवार को सूरजकुंड स्थित बाबा मनोहर नाथ मंदिर में चल रही श्री राधे पुराण कथा में भक्तों की भीड़ रही। कथा व्यास गुरु गोपाल कृष्ण भारद्वाज ने कहा कि मनुष्य निंदा करके दूसरों के पाप भी ग्रहण कर लेता है। इसलिए दूसरों की निंदा करने से बचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बड़े से बड़े विद्वान और ज्ञानवान मानव भी भगवान की माया में फंसकर उन्हें पहचान नहीं पाते और प्रभु की लीला में फंस जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रभु की लीला सांकेतिक होती है। इसे हम साधारण व्यक्ति अपनी शक्ति अनुसार ही समझकर परिणाम निकालते हैं। हम अक्सर दूसरों में दोष निकालते हैं और अपने अवगुणों पर ध्यान नहीं देते हैं। हमें उत्तम चरित्र के साथ श्रेष्ठ कार्यों के लिए तत्पर रहना चाहिए।
कथा व्यास ने कहा कि हमारा जीवन जितना सरल और अच्छे आचरण वाला होगा, उतना ही हमारा कल्याण संभव है। हमें व्यक्तिगत स्तर पर अवगुणों को दूर करने के साथ ही परिवार में बच्चों को भी श्रेष्ठ संस्कार देने का प्रयास करना चाहिए। इससे उत्तम परिवार, उत्तम समाज से उत्तम राष्ट्र का निर्माण होता है।
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कार्यक्रम में यजमान विवेक वाजपेयी, श्वेता वाजपेयी ने कृष्ण भारद्वाज और महामंडलेश्वर गुरु मां नीलिमानंद महाराज का पूजन किया। इस मौके पर राजू, वासुदेव, आयुष, ऋतिक, अर्णव आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। बाबा मनोहर नाथ ट्रस्ट की ओर से मंगलवार को सूरजकुंड स्थित बाबा मनोहर नाथ मंदिर में चल रही श्री राधे पुराण कथा में भक्तों की भीड़ रही। कथा व्यास गुरु गोपाल कृष्ण भारद्वाज ने कहा कि मनुष्य निंदा करके दूसरों के पाप भी ग्रहण कर लेता है। इसलिए दूसरों की निंदा करने से बचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बड़े से बड़े विद्वान और ज्ञानवान मानव भी भगवान की माया में फंसकर उन्हें पहचान नहीं पाते और प्रभु की लीला में फंस जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रभु की लीला सांकेतिक होती है। इसे हम साधारण व्यक्ति अपनी शक्ति अनुसार ही समझकर परिणाम निकालते हैं। हम अक्सर दूसरों में दोष निकालते हैं और अपने अवगुणों पर ध्यान नहीं देते हैं। हमें उत्तम चरित्र के साथ श्रेष्ठ कार्यों के लिए तत्पर रहना चाहिए।
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कथा व्यास ने कहा कि हमारा जीवन जितना सरल और अच्छे आचरण वाला होगा, उतना ही हमारा कल्याण संभव है। हमें व्यक्तिगत स्तर पर अवगुणों को दूर करने के साथ ही परिवार में बच्चों को भी श्रेष्ठ संस्कार देने का प्रयास करना चाहिए। इससे उत्तम परिवार, उत्तम समाज से उत्तम राष्ट्र का निर्माण होता है।
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कार्यक्रम में यजमान विवेक वाजपेयी, श्वेता वाजपेयी ने कृष्ण भारद्वाज और महामंडलेश्वर गुरु मां नीलिमानंद महाराज का पूजन किया। इस मौके पर राजू, वासुदेव, आयुष, ऋतिक, अर्णव आदि मौजूद रहे।