{"_id":"6ab3d8915c81579def0a01e8","slug":"by-circumambulating-his-parents-ganesha-became-the-first-to-be-worshipped-and-cursed-the-moon-meerut-news-c-228-1-mwn1001-105517-2026-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: माता-पिता की परिक्रमा कर गणेश बने प्रथम पूज्य, चंद्रमा को दिया श्राप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: माता-पिता की परिक्रमा कर गणेश बने प्रथम पूज्य, चंद्रमा को दिया श्राप
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में बुधवार को गणेश चतुर्थी महोत्सव में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही पूजा पंडाल में भक्तों का तांता लगा रहा। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
गणपति बप्पा के जयकारों से पूरा रामलीला मैदान गूंज उठा। महोत्सव में पंडित सतीश चंद्र मौर्य ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान गणेश का पूजन कराया। हवन और आरती का आयोजन हुआ। यजमानों के साथ श्रद्धालुओं ने भी हवन में आहुति दी। उन्होंने भगवान गणेश से परिवार की सुख-शांति और समृद्धि मांगी। पूजा के दौरान पूरा पंडाल भक्तिमय माहौल में नजर आया। शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम में कलाकारों और बच्चों ने प्रस्तुतियां दीं।
भारतीय पांडव सेना के निदेशक रणधीर नाथ उपाध्याय ने भगवान गणेश की महिमा बताई। उन्होंने गजानन नाम की कहानी सुनाई, जिसमें गणेश ने माता-पिता की परिक्रमा कर प्रथम पूज्य का स्थान पाया। चंद्रमा ने अभिमानवश गणेश का उपहास किया, जिस पर भगवान गणेश ने उन्हें काले होने का श्राप दिया। बाद में क्षमा मांगने पर गणेश ने कहा कि चतुर्थी का दिन चंद्रदेव को दंड देने वाले दिन के रूप में याद किया जाएगा। इस दिन चंद्र दर्शन से झूठे आरोप लगने की मान्यता है, जैसा भगवान श्रीकृष्ण के साथ हुआ था।
विज्ञापन
अनाज मंडी शिव मंदिर में भी महोत्सव
कस्बे की अनाज मंडी में स्थित शिव मंदिर पर भी बुधवार को गणेश चतुर्थी महोत्सव मनाया गया। यहां कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुति देकर सबका मन मोह लिया। बड़ी संख्या में कॉलोनी के लोगों ने पूजा-अर्चना में भाग लिया। पुजारी आकाश ने गणपति बप्पा की पूजा संपन्न कराई। उन्होंने गणेश जी की महिमा का विस्तार से वर्णन किया।
विज्ञापन
हस्तिनापुर। कस्बे के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में बुधवार को गणेश चतुर्थी महोत्सव में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही पूजा पंडाल में भक्तों का तांता लगा रहा। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
गणपति बप्पा के जयकारों से पूरा रामलीला मैदान गूंज उठा। महोत्सव में पंडित सतीश चंद्र मौर्य ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान गणेश का पूजन कराया। हवन और आरती का आयोजन हुआ। यजमानों के साथ श्रद्धालुओं ने भी हवन में आहुति दी। उन्होंने भगवान गणेश से परिवार की सुख-शांति और समृद्धि मांगी। पूजा के दौरान पूरा पंडाल भक्तिमय माहौल में नजर आया। शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम में कलाकारों और बच्चों ने प्रस्तुतियां दीं।
विज्ञापन
भारतीय पांडव सेना के निदेशक रणधीर नाथ उपाध्याय ने भगवान गणेश की महिमा बताई। उन्होंने गजानन नाम की कहानी सुनाई, जिसमें गणेश ने माता-पिता की परिक्रमा कर प्रथम पूज्य का स्थान पाया। चंद्रमा ने अभिमानवश गणेश का उपहास किया, जिस पर भगवान गणेश ने उन्हें काले होने का श्राप दिया। बाद में क्षमा मांगने पर गणेश ने कहा कि चतुर्थी का दिन चंद्रदेव को दंड देने वाले दिन के रूप में याद किया जाएगा। इस दिन चंद्र दर्शन से झूठे आरोप लगने की मान्यता है, जैसा भगवान श्रीकृष्ण के साथ हुआ था।
विज्ञापन
अनाज मंडी शिव मंदिर में भी महोत्सव
कस्बे की अनाज मंडी में स्थित शिव मंदिर पर भी बुधवार को गणेश चतुर्थी महोत्सव मनाया गया। यहां कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुति देकर सबका मन मोह लिया। बड़ी संख्या में कॉलोनी के लोगों ने पूजा-अर्चना में भाग लिया। पुजारी आकाश ने गणपति बप्पा की पूजा संपन्न कराई। उन्होंने गणेश जी की महिमा का विस्तार से वर्णन किया।