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मंडी छोड़कर बाहर आ गए गुड़ के आढ़ती

Thu, 24 Sep 2020 01:48 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 24 Sep 2020 01:48 AM IST
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bussiness of jaggerey came out after leaving the mandi
सरधना। क्षेत्र में कोल्हू संचालित हुए एक सप्ताह से अधिक बीत चुका है। इसके चलते नगर की दुकानों पर गुड़ आ गया परंतु मंडी में नहीं पहुंच सका है। मंडी शुल्क बचाने के लिए कुछ आढ़तियों ने दुकानें मंडी परिसर से बाहर बिनौली एवं छबड़िया मार्ग पर लगा ली हैं। वे यहां कारोबार कर रहे हैं। ऐसा मंडी परिसर के बाहर शुल्क नहीं लगने की वजह से किया जा रहा है। वहीं, मंडी में गुड़ नहीं पहुंचने से अन्य आढ़तियों को घाटा हो रहा है। वहीं, राजस्व का नुकसान होने से बचाने के लिए मंडी परिसर में गोल्ड मार्केट, जिला सहकारी बैंक एवं जिला सहकारी समिति के लिए बिल्डिंग आदि बनाकर किराए पर उठाने का प्रस्ताव शासन को भेजा है।
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मंडी समिति सचिव रमेश राणा ने बताया कि मंडी समिति से बाहर कुछ खाद्य वस्तुओं एवं लकड़ी आदि की बिक्री से शुल्क हटा दिया है। पूर्व में मंडी परिसर में गुड़, खांडसारी, राब, लकड़ी पर शुल्क वसूला जाता था। इस बार मंडी परिसर से बाहर इनकी खरीद-फरोख्त पर मंडी समिति द्वारा कार्रवाई नहीं की जा सकती है। जिससे इस बार कोल्हू क्रशर चलने के बाद भी मंडी में गुड़ नहीं पहुंच सका है। मंडी के कुछ आढ़तियों ने दुकानें मंडी परिसर से बाहर लगा ली हैं। पिछले वर्ष मंडी शुल्क के रूप में एक करोड रुपये से अधिक राजस्व प्राप्त हुआ था। बीते वर्ष गुड़ से 48 लाख 32 हजार, खांडसारी से 21 लाख 48 हजार, राब से 19 लाख, लकड़ी से 12 लाख 20 हजार, गेहूं खरीद से 2 लाख रुपये राजस्व प्राप्त हुआ। यह सब मिलाकर एक करोड़ रुपये से अधिक है। इस बार इस आय में कमी आने की संभावना है। वहीं, मंडी की आय बढ़ाने के लिए बीती तीन सितंबर को प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया। जिसमें गोल्ड मार्केट के लिए करीब 40 से 50 दुकानों का निर्माण, जिला सहकारी बैंक के लिए भवन निर्माण, जिला सहकारी समिति के लिए भवन निर्माण का सुझाव है। जिससे इन भवनों को किराए पर उठाकर मंडी समिति के शुल्क के नुकसान की भरपाई की जा सके। फिलहाल मंडी में गुड़ के आढ़ती बाहर दुकान लगाकर बैठ गए हैं। मंडी समिति में यदि गुड़ की खरीद-फरोख्त होती तो ढाई फीसदी शुुुुल्क लगता है। यह शुल्क इस बार मिलने की उम्मीद बहुत कम है। गुड़ मंडी के आढ़तियों का कहना है कि वह मंडी में बैठकर ढाई प्रतिशत का नुकसान क्यों करें, जब उन्हें बाहर दुकान पर बैठकर गुड़ की खरीद फरोख्त की सुविधा है।
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