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Meerut News: मोमोज-बर्गर बिगाड़ रहे लिवर की सेहत, बच्चे भी अर्ली डिसऑर्डर के शिकार

Fri, 08 May 2026 10:07 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 08 May 2026 10:07 PM IST
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Burger and mumoj are unheathy for liver
-स्वाद के चक्कर में बच्चों-युवाओं में फैली लिवर की बीमारी
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हर साल 43 हजार से अधिक लोग आ रहे चपेट में

मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में हो रहा उपचार

माई सिटी रिपोर्टर

मेरठ। मोमोज-बर्गर, पिज्जा आदि लिवर की सेहत बिगाड़ रहे हैं। बिगड़ती जीवन शैली और स्वाद के चक्कर में गलत खानपान का सीधा असर लिवर पर पड़ रहा है। युवाओं में शराब की लत से लिवर के रोगी बढ़ रहे हैं। शहर में हर साल 43 हजार से अधिक लोग लिवर की बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में बीते 10 साल में लिवर में काला पीलिया, वायरस इन्फेक्शन, अल्कोहल, टॉक्सिक इन्फेक्शन, हेपेटाइटिस के मरीजों की संख्या दोगुना हो गई है। बच्चों में बढ़ रहा फास्ट फूड का चलन कम उम्र में ही लिवर को प्रभावित कर रहा है।

मेडिकल कॉलेज में रोजाना आ रहे सौ से अधिक मरीज

लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में मेरठ ही नहीं आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में मरीज आते हैं। मेडिकल कॉलेज मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. अरविंद बताते हैं कि ओपीडी में प्रतिदिन 100 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इसमें काला पीलिया के लिए तो अलग से ही ओपीडी चलाई जा रही है। इसके अलावा पेट में वायरल इन्फेक्शन, लिवर टॉक्सिक जैसे कई रोग हैं। 10 साल में मरीजों की संख्या दोगुना से भी अधिक हो गई है। उन्होंने बताया कि अब युवाओं में ही नहीं बच्चों में भी लिवर की दिक्कतें सामने आने लगी हैं।
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थोड़ी सी भी परेशानी हो तो कराएं जांच

जिला अस्पताल के हेपेटाइटिस रोग विशेषज्ञ डॉ. अंकित कुमार के अनुसार गलत खानपान सहित अन्य कारणों से लिवर पर चर्बी जमने लगती है। इस पर नियंत्रण न होने पर लिवर सिरोसिस और लिवर कैंसर जैसी बीमारियां घेर लेती हैं। ऐसे में थोड़ी परेशानी होते ही जांच कराना जरूरी है। उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस संबंधी रोग से ग्रस्त लोगों के लिए विशेष ओपीडी मंगलवार और बृहस्पतिवार को चलाई जाती है। दो दिनों में 100 से अधिक मरीज आते हैं। अन्य लिवर संबंधी बीमारी से ग्रस्त मरीजों की संख्या 15 से 20 रहती है। अस्पताल में जांच के साथ ही दवाएं भी रोगी को मुफ्त दी जाती हैं।
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शराब पीने और तला-भुना खाने से करें परहेज, वजन रखें नियंत्रित

लिवर के फैटी होने पर अपने वजन को नियंत्रित रखें। ज्यादा तला-भुना न खाएं। वसा रहित भोजन करें। शराब का सेवन बंद करें। धूम्रपान तुरंत छोड़ देना चाहिए। कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड को भी नियंत्रित करें। इसके लिए फलों के साथ हरी सब्जियों का अधिक प्रयोग करें। अस्पताल के वरिष्ठ पैथोलॉजिस्ट देवेंद्र बताते हैं युवाओं में ही नहीं अब बच्चों में भी लिवर की समस्याएं सामने आ रही हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों में फास्ट फूड का बढ़ता चलन इसकी मुख्य वजह है।

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