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69 साल बाद भी स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर नहीं हुई बिल्डिंग
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69 साल बाद भी स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर नहीं हुई बिल्डिंग
हस्तिनापुर। कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के समीप चिकित्सक आवासों के बीच करोड़ों रुपये से बनाया गया स्वास्थ्य विभाग का एक भवन चर्चा का विषय बना हुआ है। यह भवन स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर नहीं किया गया है। जबकि इस भवन के निर्माण को लगभग 69 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं।
सीएचसी में दिन की ड्यूटी समाप्त होने पर क्षेत्र की पीएचसी पर मौजूद डॉक्टर रात में अपनी आपातकालीन सेवा देने के निर्धारित ड्यूटी चार्ट के अनुसार सीएचसी पर पहुंचते हैं। परंतु आज तक कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आपातकालीन ड्यूटी करने वाले डॉक्टरों के लिए आवास की सुविधा उपलब्ध नहीं है। जबकि सीएचसी के कई भवन जीर्ण शीर्ण होकर समाप्त हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने खाली पड़े भवन में डॉक्टरों के आवास बनाने के लिए आदेश तो दिए परंतु आज तक इन पर अमल नहीं हो पाया। जिस कारण आपातकालीन ड्यूटी करने वाले डॉक्टरों के लिए परेशानी बनी हुई है।
ड्यूटी रूम बनाने का प्रस्ताव भी भेजा
स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों के अनुसार इस खाली पड़े भवन में ड्यूटी रूम बनना तय था। साथ ही यह प्रस्ताव भी उच्च अधिकारियों को भेजा गया था कि इस भवन में आधे हिस्से में डीडीआर रूम और आधे हिस्से में डॉक्टरों के आवास के लिए आवंटित कर दिया जाए। परंतु ऐसा नहीं हो सका।
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उच्च अधिकारियों से लिखित में मांग की
सीएचसी प्रभारी डॉ अंकुर त्यागी का कहना है कि वर्तमान में इस भवन पर स्वास्थ्य विभाग का अधिकार नहीं है। स्वास्थ्य विभाग कोभवन हैंडओवर करने के लिए उपजिलाधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से लिखित में मांग की गई है।
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हस्तिनापुर। कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के समीप चिकित्सक आवासों के बीच करोड़ों रुपये से बनाया गया स्वास्थ्य विभाग का एक भवन चर्चा का विषय बना हुआ है। यह भवन स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर नहीं किया गया है। जबकि इस भवन के निर्माण को लगभग 69 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं।
सीएचसी में दिन की ड्यूटी समाप्त होने पर क्षेत्र की पीएचसी पर मौजूद डॉक्टर रात में अपनी आपातकालीन सेवा देने के निर्धारित ड्यूटी चार्ट के अनुसार सीएचसी पर पहुंचते हैं। परंतु आज तक कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आपातकालीन ड्यूटी करने वाले डॉक्टरों के लिए आवास की सुविधा उपलब्ध नहीं है। जबकि सीएचसी के कई भवन जीर्ण शीर्ण होकर समाप्त हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने खाली पड़े भवन में डॉक्टरों के आवास बनाने के लिए आदेश तो दिए परंतु आज तक इन पर अमल नहीं हो पाया। जिस कारण आपातकालीन ड्यूटी करने वाले डॉक्टरों के लिए परेशानी बनी हुई है।
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ड्यूटी रूम बनाने का प्रस्ताव भी भेजा
स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों के अनुसार इस खाली पड़े भवन में ड्यूटी रूम बनना तय था। साथ ही यह प्रस्ताव भी उच्च अधिकारियों को भेजा गया था कि इस भवन में आधे हिस्से में डीडीआर रूम और आधे हिस्से में डॉक्टरों के आवास के लिए आवंटित कर दिया जाए। परंतु ऐसा नहीं हो सका।
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उच्च अधिकारियों से लिखित में मांग की
सीएचसी प्रभारी डॉ अंकुर त्यागी का कहना है कि वर्तमान में इस भवन पर स्वास्थ्य विभाग का अधिकार नहीं है। स्वास्थ्य विभाग कोभवन हैंडओवर करने के लिए उपजिलाधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से लिखित में मांग की गई है।