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Budget 2019: जानें- मोदी सरकार के अंतिम बजट पर क्या बोले पश्चिमी यूपी के दिग्गज नेता

Sat, 02 Feb 2019 01:21 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Sat, 02 Feb 2019 01:21 PM IST
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Budget 2019: Know what the Western UP leaders say on the final budget of Modi Government
विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल और पूर्व सांसद शाहिद अखलाक - फोटो : अमर उजाला

एनडीए की सरकार ने अपने अंतिम बजट में किसानों और व्यापारियों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने की कोशिश की। जहां दो हेक्टेयर तक की जोत वाले किसानों के खाते में सीधे छह हजार रुपए सालाना देने का बात कही तो वहीं नौकरीपेशा व आयकरदाताओं को सबसे बड़ा तोहफा आयकर में छूट की सीमा ढाई लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपए कर दिया। आइए आगे जानते हैं अंतरिम बजट पर पश्चिमी यूपी के नेताओं का क्य कहना है:-

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बहुत अच्छा बजट है। 2014 में जो शपथ आर्थिक दृष्टि से नरेंद्र मोदी ने ली थी, उस पर काम किया गया। यह सरकार का अंतरिम बजट है। किसान, महिला, मजदूर सभी का ध्यान रखा गया है। - राजेंद्र अग्रवाल, सांसद

आजादी के बाद यह पहला एतिहासिक बजट है, जिसमें गरीब, मध्यमवर्गी, किसान, मजदूर, व्यापारी सभी के चेहरे पर खुशी झलक रही है। हर वर्ग को लाभ दिया गया है। - सत्यप्रकाश अग्रवाल, कैंट विधायक

सरकार का एतिहासिक और सराहनीय बजट है। किसान, मध्यमवर्गी जनता को सीधे लाभ मिलेगा। किसान, मजदूर, व्यापारी, नौकरी पेशा सभी वर्ग की जनता को लाभ दिया गया है। - सत्यवीर त्यागी, विधायक किठौर

एतिहासिक बजट आया है। यह देश का विकास करने वाला बजट है। इससे अच्छा बजट आ ही नहीं सकता है। जनता में बेहद खुशी है। कल्याणकारी बजट है। - डा. सोमेन्द्र तोमर, विधायक दक्षिण मेरठ 

आजादी के बाद यह पहला बजट है जो किसान, मजदूर, व्यापारी, मध्यम वर्ग के लिए है। आने वाले समय में जनता को बड़ा फायदा मिलेगा। प्रधानमंत्री ने यह जनहित में कदम उठाया है। - हरपाल सैनी, पूर्व एमएलसी

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पीएम ने देश के किसान, मजदूर, व्यापारी के लिए राहत वाला बजट पेश किया है। पांच लाख तक की आय वाले लोगों को आयकर में छूट बड़ा कदम है। इससे हर वर्ग उन्नति करेगा।  - डॉ. सरोजिनी अग्रवाल, एमएलसी

हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। जनहित का बजट है। ऐसा बजट पहली बार आया है, जिसके बाद हर वर्ग उत्साहित है। किसान को साल में छह हजार रुपये दिया जाना बड़ा कदम है। - हरिकांत अहलुवालिया, पूर्व महापौर

प्रधानमंत्री ने देश के हर वर्ग को लाभ देने का काम किया है। पांच लाख तक की आय वाले 60 साल से टैक्स फ्री का इंतजार कर रहे थे।  अब लाभ मिला है। - मुकेश सिंहल, महानगर अध्यक्ष, भाजपा। 

बजट आने के बाद जनता खुश है। किसान को बिना किसी आग्रह के प्रतिवर्ष छह हजार रुपये देने की घोषणा की गयी है। इसके लिए प्रधानमंत्री धन्यवाद के पात्र हैं। कल्याण कारी बजट है। - रविन्द्र भड़ाना, जिलाध्यक्ष भाजपा 

बजट में किसान और मजदूर का विशेष ध्यान रखा गया है। भाजपा सरकार का यह बजट अभूतपूर्व है। इससे निश्चित रुप से देश की जनता को बड़ी राहत मिलेगी। - कुलविंदर सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष 

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मोदी सरकार ने बजट बहुत ही बेहतर दिया है। इसमें देश के हर वर्ग का खासतौर पर ध्यान रखा गया है। इस बजट से देश की जनता को बड़ा लाभ मिलेगा। - सुधीर अग्रवाल, भाजपा नेता 

सुरक्षा का बजट बढ़ाया गया है, सराहनीय है। आयकर में 5 लाख तक की छूट अच्छी है। सरकार जब खुद 8 लाख आय वाले को गरीब मान रही है, तो गरीब से टैक्स कैसा? - नवीन गुप्ता, अध्यक्ष संयुक्त व्यापार संघ 

सरकार ने देश के 90 फीसदी किसानों को 6 हजार रुपये सालाना देने का काम करके नया इतिहास बनाया है। इससे 12 करोड़ किसानों को लाभ होगा। किसान क्रेडिट कार्ड का पैसा समय से लौटाने वाले किसानों को केवल एक फीसदी ब्याज देना होगा। इतनी राहत कभी नहीं मिली। - ठाकुर विजयपाल सिंह, राज्यसभा सांसद भाजपा 

सरकार का यह बजट जनता के लिए लालीपॉप जैसा है। पूरी तरह चुनावी बजट है। किसानों को कुछ देना ही था तो चार साल पहले क्यों नहीं दिया। सरकार की मंशा को देश की जनता जानती है। बहकाने का काम किया जा रहा है। चुनाव में जनता इनको जवाब देगी। - रफीक अंसारी, शहर विधायक 

ये केवल लुभावनी घोषणाएं हैं। जो सरकार चार साल कुछ नहीं कर पाई, अब जाते समय घोषणा कर दे तो क्या गारंटी है कि यह सभी पूरी ही होंगी। चुनाव आ गया है तो लोगों को लुभाने की कवायद भर है। बाकी इस बजट में जनता के लिए कुछ भी नहीं है। - हाजी शाहिद अखलाक, पूर्व सांसद बसपा

बजट में कुछ नहीं है। ये तो देश की जनता चुनाव में इनको बता देगी। 17 रुपये रोज किसानों को देने की बात हो रही है। देना ही था तो किसान के लिए खाद, बीज, बिजली सस्ती करनी चाहिए थी। जो किसान कर्ज नहीं चुका सकते, उनका कर्ज माफ करना था। शिक्षा और चिकित्सा में कुछ नहीं दिया। - शाहिद मंजूर, पूर्व मंत्री एवं सपा नेता।  

ये बजट भी सरकार की जुमलेबाजी ही है। सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश और कर्ज माफी का वादा पूरा नहीं किया। 17 रुपये प्रतिदिन की राहत किसानों का अपमान है। किसान इसका बदला चुनाव में लेंगे। - डॉ. राजकुमार सांगवान, प्रदेश संगठन प्रभारी रालोद

इस बजट से किसी का भला नहीं होने वाला। जो सरकार पांच साल में कुछ नहीं कर पाई, वह इस अंतरिम बजट से क्या कर लेगी। किसानों और नौजवानों ने सरकार को पैवेलियन भेजने का निर्णय कर लिया है। - कृष्ण कुमार शर्मा किशनी, महानगर अध्यक्ष कांग्रेस

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