गठबंधन की रैली: चुनावी मंच से पीएम मोदी पर जमकर बरसे बुआ-बबुआ, भाषण की दस खास बातें
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यूपी के देवबंद में गठबंधन की रैली में बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कांग्रेस से लेकर पीएम मोदी पर मंच से खूब निशाने साधे। मायावती ने तो प्रधानमंत्री के चौकीदार अभियान को ड्रामा करार देते हुए इसे नाटकबाजी बताया। वहीं मंच पर पहुंचे अखिलेश यादव ने भी भाजपा पर कई पलटवार किए। आगे जानें इनके भाषण की दस बड़ी बातें: -
प्रथम चरण के लिए गठबंधन की पश्चिमी यूपी में यह पहली रैली है। यहां रैली की शुरुआत बसपा सुप्रीमो मायावती ने की। यहां महिलाओं का आभार प्रकट करने के बाद उन्होंने सीधा पीएम मोदी पर हमला बोल दिया।
1- मायावती ने मंच से कहा कि पीएम मोदी आज यहां उपस्थित समर्थकों की भीड़ को देखेंगे तो पगला जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस लोकसभा चुनाव में भाजपा इस बार सत्ता से बाहर जरूर होगी और गठबंधन का आगमन होगा।
2- मायावती ने प्रधानमंत्री मोदी के मैं भी चौकीदार अभियान पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनैतिक फायदे के लिए की जा रही एक नाटकबाजी है। उन्होंने कहा कि इस बार लोकसभा चुनाव में इनके छोटे बड़े चौकीदार भले ही कितनी ही ताकत क्यों न लगा लें फिर भी बीजेपी को चौकीदारी की ये नाटकबाजी भी नहीं बचा पाएगी।
3- भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए बसपा सुप्रीमो ने कहा कि इनकी देशभक्ति का पर्दा भी फाश हो चुका है। चुनाव घोषित होने वाले दिन तक भी हवा हवाई घोषणा करते रहे और इन्हें पुलवामा हमले के दिन तक भी जारी रखा। इससे इनकी देशभक्ति का पता चलता है।
4 - नोटबंदी और जीएसटी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यह जल्दबाजी में लिया गया फैसला था जिस पर प्रधानमंत्री मोदी खुद भी दुखी हैँ। देश की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है। गरीबी और बेरोजगारी बढ़ी है। इससे भ्रष्टाचार कम नहीं हुआ बल्कि बढ़ा ही है। कांग्रेस की सरकार में बोफोर्स का मामला और मोदी सरकार में राफेल का मामला इसका ताजा उदाहरण है।
5- मायावती ने कहा कि बीजेपी सरकार ने यूपी में छोड़े गए आवारा पशुओं द्वारा भी किसानों का खूब नुकसान कराया। राज्य में हमारी सरकार किसानों का आधा भुगतान पहले ही करा चुकी थी। यदि हमें केंद्र में आने का मौका मिला तो किसानों को गन्ना बकाया फिर नहीं होगा। मायावती ने कहा कि बीजेपी और कांग्रेस को चुनाव के वक्त ही गरीबों की याद आती है। सबका साथ-सबका विकास सिर्फ जुमलेबाजी है। कांग्रेस की 72 हजार देने वाली योजना भी गरीबों पर निशाना है। पिछली सरकार ने गरीब का मजाक बनाया।
पीएम मोदी के सराब वाले बयान पर तीखे हुए अखिलेश के तेवर
अखिलेश यादव ने जनसभा को ऐतिहासिक बताते हुए देवबंद की जनता को बधाई दी। इस दौरान वहां मौजूद भीड़ ने जोर शोर से उनका अभिवादन किया। गठबंधन की रैली में बड़ी संख्या में लोग भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर के पोस्टर लेकर भी शामिल हुए जिसे लेकर रैली स्थल पर अलग अलग तरह की चर्चाएं रहीं। अखिलेश यादव ने अपने भाषण की शुरुआत में ही पीएम मोदी पर हमला बोल दिया। उन्होंने कहा कि पहले जनता ने एक चायवाले पर भरोसा किया और अब वह चौकीदार बनकर आए हैं।
1-अखिलेश यादव ने देवबंद रैली को संबोधित करते हुए सीधा नरेंद्र मोदी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि ये टीवी पर पैर धो रहे थे मैं भी देख रहा था। एक तरफ ये गरीबों के पांव धो रहे थे तो दूसरी तरफ गरीबों की नौकरियां धो डालीं।
2-उन्होंने मंच से व्यापारियों और किसानो को साधने की कोशिश करते हुए कहा कि हमारे व्यापारी भाई बीजेपी सरकार में केवल लंच और मंच के लिए रह गए हैं, उनकी तरक्की नहीं हुई। पश्चिमी यूपी किसानों की धरती है। यहां के लोगों ने गन्ना पैदाकर पूरे देश को मिठास देने का काम कर रहे हैं। लेकिन विपक्ष के लोग आपके और हमारे बीच नफरत बोने का काम कर रहे हैं। खेत में गन्ना खड़ा रहे इससे उन्हें फर्क नहीं पड़ता।
3-अखिलेश ने नरेंद्र मोदी के गठबंधन को मिलावट का गठबंधन करार दिए जाने के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि ये हमारे चौधरी चरण सिंह की विरासत को खत्म करना चाहते हैं तो जान लें कि यह गठबंधन चौधरी चरण सिंह की विरासत को आगे बढ़ाने का गठबंधन है। अखिलेश ने कहा कि चौकीदार की चौकी छीनने का काम करेंगे। गठबंधन को सराब बताने वाले ये लोग सत्ता के नशे में हैं। ये मिलावट का गठबंधन नहीं हैं यह परिवर्तन का गठबंधन हैं। यह नई सरकार का गठबंधन है।
4-अखिलेश ने आगे कहा कि ये धर्म के ठेकेदार बनते हैं। हमने तो तस्वीरें देखी हैं कि ये कैसे नहाते हैं। हम चाहते थे कि छप्पन इंच का सीना दिख जाए लेकिन वह भी नहीं दिखा। यह चुनाव परिवर्तन का चुनाव है। देश को बदलने का चुनाव है। आपसी भाईचारे और जो दूरियां आपके और हमारे दिलों में इन्होंने पैदा की है। उन्हें मिटाने का चुनाव है।
5-कांग्रेस पर हमला बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यही हाल कांग्रेस का है, दोनों की नीतियां एक हैं। ये महागठबंधन तो देश में बदलाव लाने के लिए है। सोचना आपको है। आप जानते हैं कि यूपी में गठबंधन ने कैसी सड़कें बनाई हैं। यदि बिजली की समस्या रही होगी तो उसका भी समाधान किया। लैपटॉप बांटना पड़ा वह भी बांटा। इस गठबंधन ने तो बिजली बनाई है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार में एक मैगावॉट बिजली नहीं बनी और ये पांच साल में बिजली नहीं दे पाए।