यूपी: जांच में फंसते जा रहे बसपा नेता याकूब कुरैशी,फर्जी तरीके से कराया था करोड़ों की जमीन का बैनामा
मेरठ में कोर्ट द्वारा फर्जी बैनामा घोषित करने के बाद भी बसपा नेता और पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी ने साल 2005 में आबिद से बैनामा कराया। पुलिस ने याकूब पक्ष से जांच में शामिल करने के लिए दस्तावेज मांगे थे, जिसे वह सप्ताह बाद भी नहीं दे पाए। याकूब व उनके बेटे इमरान पर आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच में होती जा रही है।
खरखौदा क्षेत्र में हापुड़ रोड पर धोखाधड़ी करके करोड़ों रुपये की जमीन पर कब्जा करने के मामले में पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी और उनके बेटे इमरान कुरैशी की घेराबंदी चल रही है। पिता-पुत्र के खिलाफ हाजीपुर खरखौदा निवासी मुजम्मिल ने धोखाधड़ी और जानलेवा हमले की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस जांच में सामने आया कि साल 2002 में मुजम्मिल की मां नीरा की मौत हुई थी। इस दौरान आबिद नाम के एक युवक ने फर्जी तरीके से मुजम्मिल की जमीन का बैनामा कर दिया।
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लेकिन उसका दाखिल खारिज नहीं हुआ। जिसके बाद कोर्ट ने आबिद का बैनामा खारिज कर दिया। लेकिन तीन साल बाद साल 2005 में इस जमीन का बैनामा आबिद से पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी ने करा लिया। सवाल उठता है कि फर्जी बैनामे से याकूब ने कैसे बैनामा कर दिया। इसको लेकर पुलिस ने पूर्व मंत्री के पक्ष से सारे दस्तावेज मांगे थे। जिसको वह एक सप्ताह में नहीं दे सके।
सीओ किठौर आलोक सिंह का कहना है कि जांच में याकूब कुरैशी के खिलाफ सबूत मिले हैं। सभी बिंदु पर जांच चल रही है।
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