यूपी में बसपा और भाजपा ही विकल्प : सत्यपाल सिंह
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14 से 24 अप्रैल तक चलने वाले ग्रामोदय कार्यक्रम के तहत विभिन्न गांवों से घूमकर लौटे भाजपा सांसद डा. सत्यपाल सिंह शनिवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाई जा रही है। क्योंकि जानकारी के अभाव में ग्रामीण लाभ नहीं ले पाते हैं। गन्ना बकाया भुगतान न होने पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
भाजपा की सरकार जब बनी थी, तब 21 हजार करोड़ रुपया किसानों का बकाया था। अब 1200 करोड़ ही बकाया बचा है। खास तौर से मोदी ग्रुप की शुगर मिलों पर बकाया है और प्रदेश सरकार उस पर कोई एक्शन नहीं ले रही है। यह सपा की विफलता है। केंद्र ने तो पहली बार ऐसी व्यवस्था की, कि जिलाधिकारी स्वयं निगरानी करेंगे कि किसानों के खेतों को पानी मिल रहा है या नहीं। यहां तक कि गन्ने का 22 रुपया प्रति कुंतल सीधा किसानों के खाते में डाला।
विधानसभा चुनाव को लेकर सत्यपाल ने कहा कि भाजपा का मुकाबला किसी से नहीं। वह लगातार जनता के बीच जाकर कार्य कर रही है। हालांकि उप्र में बसपा और भाजपा ही विकल्प हैं। जदयू से रालोद के गठबंधन की चर्चाओं या निकट भविष्य में भाजपा से गठबंधन पर उन्होेंने कहा कि जब जहाज डूबता है तो व्यक्ति किसी भी तरह से कहीं भी ठिकाना तलाशने की कोशिश करता है। ऐसे ही रालोद अब सहारा तलाश रही है। उत्तराखंड में राजनीतिक उथल पुथल पर कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है। नोएडा और अन्य जगहों पर रीयल एस्टेट में आए भूचाल पर बोले कि परेशानी यह है कि केेंद्र सरकार सीधे प्रदेश सरकार के कार्यों में हस्तक्षेप नहीं कर सकती है। प्रदेश सरकार को चाहिए कि वह इस पर एक्शन ले, ताकि आवंटियों को राहत मिल सके। इस मौके पर जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा, सतेंद्र भराला, आलोक सिसौदिया, रॉबिन गुर्जर, नरेश त्यागी, नरेश गुर्जर, संदीप प्रधान, रविंद्र नादर आदि मौजूद रहे।