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बीएसएफ जवान हत्याकांड : पुलिस की जांच नैन सिंह के परिजनों तक पहुंची, फोरेंसिक टीम ने फिर से की छानबीन
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बीएसएफ जवान हत्याकांड: नैन सिंह की हत्या में पुलिस कार्रवाई को लेकर थाने पहुंचे परिजन और ग्राम
- फोटो : samvad
बीएसएफ जवान नैन सिंह हत्या में पुलिस की जांच परिजनों तक पहुंच गई है। सोमवार को पुलिस ने नैन सिंह की पत्नी कोमल, छोटे भाई की पत्नी प्रियंका से कई घंटे पूछताछ की है। दूसरी ओर फोरेंसिक टीम ने दोबारा से कमरे की जांच की और नमूने लिए हैं। घटना में कार्रवाई को लेकर परिजन ग्रामीणों के साथ इंचौली थाने भी गए।
धनपुर गांव में बीएसएफ जवान नैन सिंह की हत्या में पुलिस जांच जारी है। सोमवार को फोरेंसिक टीम फिर से उसी कमरे में गई। उन्होंने कपड़ों व खून आदि के नमूने लिए। करीब 2 घंटे तक टीम ने छानबीन की। वहीं साथ में क्राइम ब्रांच ने घर के आसपास की लोकेशन देखी। टीम घर के बराबर में स्थित खेत में भी गई जहां से हत्यारोपियों के आने की बात कही जा रही है।
जानकारी के अनुसार इंचौली थाने की टीम ने घर आकर परिजनों से अलग अलग पूछताछ की। उसके बाद शाम को नैन सिंह की पत्नी कोमल और प्रदीप को पत्नी प्रियंका को फिर से पूछताछ के लिए थाने बुलाया। नैन सिंह के पिता गरीब सिंह, भाई प्रदीप और जॉनी अन्य ग्रामीणों और ग्राम प्रधान के साथ इंचौली थाने पहुंचे। परिजनों का आरोप है जब चारों आरोपी पकड़े गए हैं तो उन्हें जेल क्यों नहीं भेजा गया है। हालांकि थाने में उनकी पुलिस से मुलाकात नहीं सकी। सीओ सदर देहात सुधीर सिंह ने गांव में आकर मिलने की बात कही। इसके बाद परिजन लौट गए। वहीं, परिजनों से बसपा के कार्यकर्ता मिलने गए। एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि पुलिस सभी पहलूओं की गहनता से जांच पड़ताल कर रही है जल्द पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
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घटना के समय आर्यों के लोकेशन अलग
पिता गरीब सिंह ने पड़ोसी महेश और उनके तीन बेटे प्रेम, निशु और शुभम पर मुकदमा दर्ज कराया है। जांच में सामने आया कि आरोपियों की लोकेशन अलग अलग मिली है और मोबाइल भी सभी के खुले थे। वहीं, हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद नहीं हुआ है। इसी के चलते चारों से पूछताछ जारी है। वहीं, आरोपी महेश की पत्नी ने पुलिस से कहां हत्या हुई है, घटना में जो दोषी है उसे जेल भेजा जाए, परंतु उससे पहले ठीक से जांच हो।
एक साल पहले कोमल को लेने गए परिजन
ग्रामीणों के अनुसार कोमल करीब दो सालों से नैन सिंह से अलग मेरठ में रह रही है। करीब एक साल पहले परिजन, समाज के लोग और ग्राम प्रधान मोनू कोमल को गांव में लाने के लिए गए थे। परंतु, वह नहीं मानी और गांव में आने से साफ इनकार कर दिया था। पिछले कुछ महीनों में पति-पत्नी में विवाद भी होना जांच में सामने आया है। करीब एक सप्ताह पहले ही बच्चों के पेपर खत्म होने पर नैन सिंह बेटी यशिका और बेटे आयुष को फाजलपुर स्थित नाना के यहां छोड़कर आए थे।
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धनपुर गांव में बीएसएफ जवान नैन सिंह की हत्या में पुलिस जांच जारी है। सोमवार को फोरेंसिक टीम फिर से उसी कमरे में गई। उन्होंने कपड़ों व खून आदि के नमूने लिए। करीब 2 घंटे तक टीम ने छानबीन की। वहीं साथ में क्राइम ब्रांच ने घर के आसपास की लोकेशन देखी। टीम घर के बराबर में स्थित खेत में भी गई जहां से हत्यारोपियों के आने की बात कही जा रही है।
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जानकारी के अनुसार इंचौली थाने की टीम ने घर आकर परिजनों से अलग अलग पूछताछ की। उसके बाद शाम को नैन सिंह की पत्नी कोमल और प्रदीप को पत्नी प्रियंका को फिर से पूछताछ के लिए थाने बुलाया। नैन सिंह के पिता गरीब सिंह, भाई प्रदीप और जॉनी अन्य ग्रामीणों और ग्राम प्रधान के साथ इंचौली थाने पहुंचे। परिजनों का आरोप है जब चारों आरोपी पकड़े गए हैं तो उन्हें जेल क्यों नहीं भेजा गया है। हालांकि थाने में उनकी पुलिस से मुलाकात नहीं सकी। सीओ सदर देहात सुधीर सिंह ने गांव में आकर मिलने की बात कही। इसके बाद परिजन लौट गए। वहीं, परिजनों से बसपा के कार्यकर्ता मिलने गए। एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि पुलिस सभी पहलूओं की गहनता से जांच पड़ताल कर रही है जल्द पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
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घटना के समय आर्यों के लोकेशन अलग
पिता गरीब सिंह ने पड़ोसी महेश और उनके तीन बेटे प्रेम, निशु और शुभम पर मुकदमा दर्ज कराया है। जांच में सामने आया कि आरोपियों की लोकेशन अलग अलग मिली है और मोबाइल भी सभी के खुले थे। वहीं, हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद नहीं हुआ है। इसी के चलते चारों से पूछताछ जारी है। वहीं, आरोपी महेश की पत्नी ने पुलिस से कहां हत्या हुई है, घटना में जो दोषी है उसे जेल भेजा जाए, परंतु उससे पहले ठीक से जांच हो।
एक साल पहले कोमल को लेने गए परिजन
ग्रामीणों के अनुसार कोमल करीब दो सालों से नैन सिंह से अलग मेरठ में रह रही है। करीब एक साल पहले परिजन, समाज के लोग और ग्राम प्रधान मोनू कोमल को गांव में लाने के लिए गए थे। परंतु, वह नहीं मानी और गांव में आने से साफ इनकार कर दिया था। पिछले कुछ महीनों में पति-पत्नी में विवाद भी होना जांच में सामने आया है। करीब एक सप्ताह पहले ही बच्चों के पेपर खत्म होने पर नैन सिंह बेटी यशिका और बेटे आयुष को फाजलपुर स्थित नाना के यहां छोड़कर आए थे।