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खुशखबर : मेरठ में अब घर बैठे मंगा सकेंगे किताबें और नोटबुक, विक्रेताओं के बनेंगे पास
Sat, 22 May 2021 10:58 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sat, 22 May 2021 10:58 PM IST
सार
बीजेपी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डा.लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस विषय पर पत्र लिखा था
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
विस्तार
प्रदेश सरकार की तरफ से अभी एक सप्ताह यानि 31 मई तक की सुबह सात बजे तक कोरोना कर्फ्यू को बढ़ा दिया गया है। इसको देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से बुक विक्रेताओं को कॉपी-किताब की होम डिलिवरी करने की अनुमति दी गई है।
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हालांकि, इसके लिए कलक्ट्रेट स्थित एडीएम भूमि एवं अध्याप्ति कार्यालय से पास जारी होंगे। इसके बाद ही वह शहर के विभिन्न हिस्सों में घर तक कॉपी-किताब की डिलिवरी कर सकेंगे।
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हाल ही में 20 मई से ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन शुरू हो गया था। इसके बाद ही ये मांग उठने लगी थी कि बच्चों को कॉपी-किताब का प्रबंध कैसे होगा।
इसके लिए बीजेपी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डा.लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस विषय पर पत्र लिखा था। इसके बाद ही जिला स्तर पर ये आदेश शानिवार को लागू कर दिया गया है। जिससे जिले के छात्र-छात्राओं को किसी भी तरह की दिक्कत न हो सके।
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सरकारी कर्मचारियों को तुरंत राहत के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त
वहीं, कोरोना काल में भी कई प्रमुख विभागों के अधिकारी अपने कार्य का निर्वहन कर रहे हैं। इस दौरान अपनी ड्यूटी के समय संक्रमित होने से कुछ कर्मियों की दुःखद मृत्यु भी हुई है। जिलाधिकरी के.बालाजी ने कहा कि मुख्य सचिव के आदेशों के क्रम में ऐसे कर्मियो को तत्काल अनुमन्य अनुग्रह राशि तथा उसके एक आश्रित को नियमानुसार सेवा में रखे जाने की कार्रवाई की जानी है।
जिलाधिकारी ने बताया कि शासन के आदेशों के अनुपालन में ऐसे मामलो में तत्काल अपेक्षित कार्रवाई के लिए अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को नोड़ल अधिकारी नामित किया गया है। जिनके द्वारा शासनादेश में दिये गये निर्देशों के अनुसार आगामी कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी। वहीं, जो भी ऐसी सूचनाएं विभागों से आएंगी उन्हें शासन को भी बताया जाएगा।