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'बम' हमले ने खोल दी छावनी सुरक्षा की पोल, आतंकी कनेक्शन है या नहीं पर जांच

Fri, 28 Sep 2018 01:55 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Fri, 28 Sep 2018 01:55 PM IST
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Bomb attack in Meerut Cantt area and question on the Army Police
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

भाजपा विधायक संगीत सोम की कोठी पर हुए हमले ने पूरे कैंट क्षेत्र में सुरक्षा की पोल खोलकर रख दी है। अति महत्वपूर्ण डोगरा मंदिर के पास इतनी बड़ी घटना हो गई और सेना को पता तक नहीं चल पाया। इससे सवाल ये खड़ा हो गया है कि आखिर सेना पुलिस और क्यूआरटी कितनी मुस्तैद है। ऐसे में सैन्य इलाकों में कोई भी ऐसी वारदात को अंजाम दे सकता है। 

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सुरक्षा की दृष्टि से मेरठ कैंट बेहद संवेदनशील है। यहां पर सेना का मूवमेंट भी सबसे ज्यादा रहता है। मेरठ छावनी में पांच जीओसी बैठते हैं। ऐसे में यहां का महत्व और बढ़ जाता है। लेकिन अफसोस कि इसके बाद भी कैंट इलाके की सुरक्षा में तमाम छेद हैं। हैरानी की बात ये है कि जहां पर विधायक संगीत सोम का घर है। उससे कुछ दूर डोगरा मंदिर है। यहां पर अक्सर सेना के जवान तैनात रहते हैं। लेकिन वारदात के बाद हमलावर इत्मीनान से निकल गए और सेना के जवानों को कुछ पता नहीं चला। इसके साथ ही रात को माल रोड पर सेना पुलिस या क्यूआरटी का मूवमेंट रहता है। लेकिन यहां से भी हमलावर निकल गए। साफ है कि कैंट में कुछ जगहों को छोड़ दें तो बाकी सभी जगहों पर सिर्फ नाम का सैन्य इलाका है। अगर ऐसी वारदात डोगरा मंदिर के पास कुलवंत सिंह स्टेडियम के सामने हो सकती है तो बाकी इलाकों का क्या। इन इलाकों में तो कोई कुछ भी कर जाएगा। कासमपुर, फाजलपुर, रेलवे रोड सिटी स्टेशन रोड, रोहटा रोड, लाला मोहम्मदपुर, ईश्वरपुरी कंकरखेड़ा, कसेरूखेड़ा और तोपखाना तमाम ऐसे प्वाइंट हैं जहां पर कभी भी कोई वारदात करके भाग सकता है।

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Bomb attack in Meerut Cantt area and question on the Army Police
यूपी पुलिस - फोटो : अमर उजाला

खुफिया विभाग ने हमले की भेजी रिपोर्ट
हमले में आतंकी कनेक्शन तो नहीं, इसको लेकर सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट हो गई हैं। शासन ने इसकी जानकारी गुरुवार सुबह मेरठ पुलिस से मांगी। जिस पर खुफिया विभाग ने रिपोर्ट भेजी कि ग्रेनेड तो फेंका गया हैं, आतंकी घटना को लेकर जांच की जा रही है। इसकी पुष्टि नहीं है कि हमले में आतंकी कनेक्शन है या नहीं। लेकिन पुलिस और खुफिया विभाग इस मामले में कोई लापरवाही नहीं बरतना चाहते।

नजर नहीं आई कार 
पुलिस टीमों ने गुरुवार को शहर में 50 से अधिक कैमरे की फुटेज देखी। कैंट एरिया में करीब एक हजार लोगों से जानकारी ली। हमले में शामिल सफेद रंग की कार नजर नहीं आई। जांच में एसटीएफ भी शामिल कर ली गई है। विधायक के आवास से करीब 100 मीटर की दूरी पर लालकुर्ती थाने की पिकेट रहती है। अंदेशा है कि हमलावर तोपखाना की तरफ से आए और फिर उधर की तरफ भागे। घटना की सूचना करीब 10 मिनट बाद पुलिस को मिल गई।   

कैमरों पर बैन नहीं 
कैंट में रिहायशी इलाकों में सीसीटीवी कैमरों पर किसी तरह का बैन नहीं है। खासतौर से जहां पर बंगला एरिया है, वहां पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। विधायक सोम के घर से कुछ दूर एक स्कूल के बाहर भी सीसीटीवी कैमरा लगा है। कैंट बोर्ड की तरफ से भी रिहायशी इलाकों में घरों के बाहर कैमरे पर कभी पाबंदी नहीं रही है। सेना सिर्फ उन क्षेत्रों में आदेश लागू कर सकती है, जहां पर सिर्फ सैन्य क्षेत्र है। तोपखाना, बंगला एरिया, वेस्ट एंड रोड पर प्रतिबंध नहीं है।

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