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ऑनलाइन ठगी मामले में अब एक और बड़ा खुलासा, जानने के लिए पढ़े यह खबर
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
Updated Tue, 21 Feb 2017 06:07 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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ऑनलाइन ट्रेडिंग की आड़ में हुई महाठगी की पड़ताल में रोजाना चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जिसमें अब व्यापारी से लेकर अपराधियों तक की ब्लैक मनी लगे होने के पुख्ता साक्ष्य जांच एजेंसियों के हाथ लगने की बात सामने आई है। अहम बात यह है कि सबसे बड़ा पैसा पश्चिमी उत्तर प्रदेश की पृष्ठभूमि से जुड़े व्यापारियों और कुख्यात अपराधियों का लगा है। जांच एजेंसियों द्वारा बनाई गई लिस्ट में 50 लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनमें 90 फीसदी पश्चिमी उत्तर प्रदेश से, तो 22 लोग अकेले मेरठ से हैं।
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नेहरू नगर मेरठ निवासी अनुराग गर्ग की कंपनी ऐडबुक मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड और वेबवर्क ट्रेड लिंक्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 500 करोड़ से ज्यादा की ठगी की जांच नोएडा पुलिस, यूपीएसटीएफ, सेंट्रल एक्साइज, आयकर विभाग, कंज्यूमर अफेयर, सेबी जैसी सरकारी एजेंसियां जांच कर रही हैं। जांच पड़ताल के दौरान एजेंसियों ने इस ठगी में जिन मुख्य लोगों को संदिग्ध माना, उनकी सूची बनाई गई।
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सोना कारोबारी सबसे ऊपर
इस लिस्ट में सबसे ऊपर मेरठ के एक सोना कारोबारी का नाम है, जो अनुराग की कंपनी में बड़ा पार्टनर बताया गया। करीब 50 लोगों की लिस्ट में इस कारोबारी का नाम व मोबाइल नंबर तक स्पष्ट तौर पर लिखा गया है। बताया जा रहा है कि यह कारोबारी बीते कुछ दिनों से फरार है, जिसके पीछे नोएडा पुलिस लगी हुई है।
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दो नंबर का पैसा खपाना था
जांच एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के अनुसार इस सूची में दर्ज अधिकांश व्यापारी और अपराधी ऐसे हैं, जिनका उद्देश्य पैक खरीदकर पैसा कमाना नहीं था। बल्कि अपना दो नंबर का पैसा लगाकर मोटी कमाई करना था। इन लोगों ने ब्लैक मनी को व्हाइट में तब्दील करने के लिए अनुराग गर्ग की कंपनी को आर्थिक सहयोग दिया। ऐसे में इन तमाम लोगों पर अब शिकंजा कसना तय माना जा रहा है। जल्द ही इनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है।
पैसा लगाने वालों की रातें काली
लिस्ट लीक होने के बाद पैसा लगाये बैठे लोगों की रातें काली हो गई हैं। क्योंकि उन पर जल्द गाज गिरना तय माना जा रहा है। इसी लिस्ट में दो लोग शास्त्रीनगर मेरठ के भी रहने वाले हैं, जो कंपनी में एक कर्मचारी के तौर पर कार्यरत थे। इनके पर्सनल एकाउंट में करोड़ों की रकम मिंली है।
क्रिमिनल कनेक्शन का उठाया फायदा
कंपनी का क्रिमिनल कनेक्शन सामने आने के बाद ऐसे तमाम लोग सोच समझकर कदम आगे बढ़ा रहे हैं, जिनका पैसा कंपनी में फंसा है। क्योंकि जांच में यह भी सामने आया है कि कंपनी की तरफ से लंबे समय से क्रिमिनल कनेक्शन का फायदा उठाया जाता रहा है। कंपनी की तरफ से बुलाई गई बैठकों में पैसा लगाये बैठे लोगों को भरोसा दिया गया है कि पैसा और पावर से हम लोग हर स्तर पर मजबूत हैं। वहीं, अनुराग गर्ग द्वारा ईव्ज चौराहा स्थित सुधांशु रत्न वालों को धमकी देने का ऑडियो टेप सामने आने के बाद से लोग दहशत में हैं।
एसआईटी के सुपुर्द हो सकती है जांच
एफआईआर दर्ज कराने वाले अमित किशोर जैन ने डीजीपी यूपी जावीद अहमद को पत्र लिखकर सारे मामले की जांच नोएडा पुलिस की जगह एसआईटी से कराने की गुहार लगाई है। पहले ही ऑनलाइन ट्रेडिंग मामले पर डीजीपी द्वारा एसआईटी गठित की गई है। लेकिन वो अभी तक अनुभव मित्तल की कंपनी एब्लेज इंफो सॉल्यूशंस तक की सीमित है। ऐसे में नोएडा पुलिस द्वारा अहम दस्तावेज लीक किये जाने के बाद जांच एसआईटी को जाने की संभावना कहीं ज्यादा बढ़ गई हैं।