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भाजपा: पुराने नेताओं को पूरी तरह किनारे करने की तैयारी
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भाजपा: पुराने नेताओं को पूरी तरह किनारे करने की तैयारी
मेरठ। भाजपा ने विधान परिषद चुनाव के लिए प्रदेश महामंत्री अश्वनी त्यागी को प्रत्याशी बनाया है। मेरठ के अश्वनी त्यागी को उम्मीदवार बनाए जाने से भविष्य के राजनीतिक समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। ब्राह्मण कोटे से डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी को उम्मीदवार बनाए जाने की अटकलें थीं लेकिन अंदरूनी उठापटक के चलते उन्हें एक बार फिर हाशिये पर रख दिया गया।
प्रदेश महामंत्री बनने के बाद से चर्चा थी कि आने वाले समय में अश्वनी एमएलसी पद के दावेदार हो सकते हैं। अश्वनी को एमएलसी के लिए प्रत्याशी बनाने से लगभग तय हो चुका है कि भाजपा आगे भी युवाओं को ही प्रतिनिधित्व देगी। पुराने नेता किसी भी सदन या संगठन से दूर ही रखे जाएंगे।
कैंट से पंजाबी, दक्षिण से वैश्य और किठौर से गुर्जर प्रत्याशी के आसार
पिछले कई महीने से भाजपा में एक और चर्चा थी कि भाजपा 2022 में कैंट सीट से वैश्य नहीं पंजाबी को चुनाव लड़ाना चाहती है। इसी तरह दक्षिण सीट पर वैश्य और किठौर से गुर्जर बिरादरी के दावेदार को टिकट देने की बात थी। अश्वनी को त्यागी बिरादरी से एमएलसी के रूप में प्रतिनिधित्व दिए जाने से इस बात को बल मिलता नजर आ रहा है।
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वर्तमान में कैंट से वैश्य, दक्षिण से गुर्जर और किठौर से त्यागी बिरादरी का प्रतिनिधित्व है। अगले चुनाव में यह रणनीति बदलने के पीछे जातिगत समीकरण को बड़ा कारण माना जा रहा है। पंजाबी समाज लंबे समय से भाजपा से जुड़ा है लेकिन उपेक्षित है। 2012 में महापौर चुने गए हरिकांत अहलूवालिया को छोड़ दें तो पंजाबी बिरादरी को मेरठ में भाजपा उचित प्रतिनिधित्व नहीं दे पाई है। संघ परिवार की तरफ से भी संगठन को बदलाव के संकेत दिए गए हैं।
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मेरठ। भाजपा ने विधान परिषद चुनाव के लिए प्रदेश महामंत्री अश्वनी त्यागी को प्रत्याशी बनाया है। मेरठ के अश्वनी त्यागी को उम्मीदवार बनाए जाने से भविष्य के राजनीतिक समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। ब्राह्मण कोटे से डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी को उम्मीदवार बनाए जाने की अटकलें थीं लेकिन अंदरूनी उठापटक के चलते उन्हें एक बार फिर हाशिये पर रख दिया गया।
प्रदेश महामंत्री बनने के बाद से चर्चा थी कि आने वाले समय में अश्वनी एमएलसी पद के दावेदार हो सकते हैं। अश्वनी को एमएलसी के लिए प्रत्याशी बनाने से लगभग तय हो चुका है कि भाजपा आगे भी युवाओं को ही प्रतिनिधित्व देगी। पुराने नेता किसी भी सदन या संगठन से दूर ही रखे जाएंगे।
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कैंट से पंजाबी, दक्षिण से वैश्य और किठौर से गुर्जर प्रत्याशी के आसार
पिछले कई महीने से भाजपा में एक और चर्चा थी कि भाजपा 2022 में कैंट सीट से वैश्य नहीं पंजाबी को चुनाव लड़ाना चाहती है। इसी तरह दक्षिण सीट पर वैश्य और किठौर से गुर्जर बिरादरी के दावेदार को टिकट देने की बात थी। अश्वनी को त्यागी बिरादरी से एमएलसी के रूप में प्रतिनिधित्व दिए जाने से इस बात को बल मिलता नजर आ रहा है।
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वर्तमान में कैंट से वैश्य, दक्षिण से गुर्जर और किठौर से त्यागी बिरादरी का प्रतिनिधित्व है। अगले चुनाव में यह रणनीति बदलने के पीछे जातिगत समीकरण को बड़ा कारण माना जा रहा है। पंजाबी समाज लंबे समय से भाजपा से जुड़ा है लेकिन उपेक्षित है। 2012 में महापौर चुने गए हरिकांत अहलूवालिया को छोड़ दें तो पंजाबी बिरादरी को मेरठ में भाजपा उचित प्रतिनिधित्व नहीं दे पाई है। संघ परिवार की तरफ से भी संगठन को बदलाव के संकेत दिए गए हैं।