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लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने मौत पर उठाए कई सवाल, कहा मौत में छिपा है गहरा राज

Sun, 19 Feb 2017 09:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Sun, 19 Feb 2017 09:33 AM IST
सार

शहर विधायक लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को भेजा पत्र, ‘लंगूर मालिक की मौत की उच्चस्तरीय जांच हो’ 

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BJP leader also raised questions on the safety of the spinning mill, Said the investigation should
डॉक्टर लक्ष्मीकांत बाजपेयी

विस्तार

मेरठ में कताई मिल में लंगूर मालिक किशनलाल की मौत के मामले में भाजपा के शहर उम्मीदवार डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि किशनलाल की मौत में गहरा राज है। इसकी उच्चस्तरीय जांच किसी दूसरे राज्य की संस्था से कराई जाए। पीड़ित परिवार के लोगों ने भी मौत पर सवाल उठाए।

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मोहनपुरी स्थित आवास पर आयोजित प्रेसवार्ता में लक्ष्मीकांत ने कहा कि 14 फरवरी को किशनलाल अपने घर से कपड़े लेकर आया था। 15 को उसने अपने पुत्र की कॉल रिसीव नहीं की। 16 को यह फोन एक दरोगा ने उठाया। उसके बेटे को बताया कि किशनलाल का एक्सीडेंट हो गया है और उसे मेडिकल लेकर गए हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार झूठ बोला गया। उन्होंने सवाल उठाए कि बकौल पुलिस यदि वह छत पर लंगूर उतारने चढ़ा था तो सीसीटीवी कैमरे में क्यों नहीं देखा गया? कंट्रोल रूम में तैनात मजिस्ट्रेट ने उस पर नजर क्यों नहीं रखी। यदि ऐसा था तो उसे रोका क्यों नहीं? ऐसे तो कोई भी छत या कहीं ओर से ईवीएम तक पहुंच सकता है? पुलिस की यह कहानी ही गड़बड़ है। जिस स्थान पर उसे छत से गिरा बताया जा रहा है वह गटर से बीस मीटर दूर है और वहां खून का कोई निशान नहीं है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि वह नग्नावस्था में क्यों था? वाजपेयी ने मांग की है कि इस प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच हो। इस बाबत मुख्य निर्वाचन आयुक्त को भी पत्र भेजा गया है। उन्होंने कहा कि सभी प्रत्याशियों को बुलाकर कताई मिल पर उन कक्षों की सील चेक कराई जाए, जिनमें ईवीएम रखी हैं।
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50 लाख रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी
इस मौके पर किशनलाल के पुत्र राकेश और सतीश किशनलाल ने भी पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने 50 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। वाजपेयी एवं छात्र नेता रवि प्रकाश ने भी कहा चूंकि किशनलाल सरकारी ड्यूटी पर ही था तो उसके परिजनों को मुआवजा दिया जाए। 
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पर्यवेक्षक को भी नहीं दी सूचना
लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार शाम चार बजे चुनाव पर्यवेक्षक मदन काला से बात की। इस समय तक भी उन्हें इस घटना की कोई सूचना प्रशासन ने नहीं दी थी। यदि प्रशासन पाकसाफ है तो समय से रिपोर्ट आयोग या पर्यवेक्षक को क्यों नहीं भेजी गई। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आया है कि किशनलाल की एक भी हड्डी नहीं टूटी है। सवाल है कि 35 फीट ऊंची छत से गिरकर क्या ऐसा हो सकता है?

शहर विधायक लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को भेजा पत्र, ‘लंगूर मालिक की मौत की उच्चस्तरीय जांच हो’ 
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