होटल ब्लैक पेपर में शुक्रवार रात जो भी हुआ, वह शर्मनाक ही कहा जाएगा। इसे नेता सियासी चश्मे से देखें या पुलिस अधिकारी कानून के हिसाब से। लेकिन दोनों ही तरफ से कानून की धज्जियां उड़ीं। थाने में जहां सत्ताधारी नेताओं ने धरना देकर पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया। वहीं, डीजीपी ने कड़े निर्देश दिए कि दरोगा पर हाथ उठाने वाला कोई भी हो, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाए।होटल में मोहिउद्दीनपुर चौकी इंचार्ज सुखपाल सिंह अपनी कार से एक महिला के साथ पहुंचे थे। महिला ने होटल के वेटर को ऑर्डर दिया। पांच मिनट तक प्लेट नहीं लगी तो महिला ने नाराजगी जताई। उसके बाद दरोगा ने भी वेटर को फटकार दिया। महिला होटल के कर्मचारी से गालीगलौज करती रही। होटल मालिक मनीष पंवार मैनेजर के साथ पहुंचा तो विवाद बढ़ता गया।
दरोगा पिटाई मामला: होटल में खूब उड़ीं कानून की धज्जियां..., सामने आई विवाद की असली वजह
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वायरल वीडियो के अनुसार दरोगा ने होटल मालिक से कहा कि अपने पापा से पूछो कि मैं कौन हूं। इसको लेकर दरोगा और मनीष में झड़प होनी शुरू हो गई। इस दौरान महिला का मोबाइल एक वेटर छीन लेता है। महिला ने क्रॉकरी उठाकर फेंकनी शुरू कर दी। महिला होटल मालिक और वीडियो बना रहे होटल कर्मी से गालीगलौज करते हुए भिड़ने लगी।दरोगा ने अपने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया तो उसे छीन लिया गया। इस कदर गर्मागर्मी हो गई कि होटल मालिक मनीष ने साथी कर्मचारी से कहा कि वीडियो बना और खुद पुलिस को बुलाने के लिए फोन करने लगा। उस समय होटल के सभी गेट होटल मालिक ने बंद करा दिए थे। होटल मालिक भी गाली देने लगा। इस बीच मनीष ने दरोगा पर पहले सीधे हाथ से चार थप्पड़ जड़ दिए, उसके बाद से दूसरे हाथ से फिर से खींचकर पांचवां थप्पड़ मारा। इस बीच होटल के अन्य कर्मचारी ने वर्दी खींची और दरोगा लड़खड़ाता हुआ जमीन पर जा गिरा। यहां भी होटल मालिक ने गालीगलौज की। महिला को गाली देते हुए उसकी तरफ एक कर्मचारी दौड़ा और महिला से मोबाइल छीन लिया। महिला ने मोबाइल मांगते हुए गेट खोलने को कहा। लेिकन गेट नहीं खोला।
महिला ने कहा, कॉफी न लाने पर हुआ था विवाद
होटल प्रकरण में दरोगा सुखपाल सिंह के साथ होटल में मौजूद महिला ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि वह अधिवक्ता हैं। यह खबर गलत चल रही कि मैं नशे की हालत में थी। मैंने शराब का सेवन नहीं किया। होटल मालिक ने मुझे बदनाम करने की कोशिश की। महिला के अनुसार मेरा पति और ससुराल वालों से विवाद चल रहा है। अपने केस के संबंध में मैंने केस की जांच कर रहे विवेचक सुखपाल सिंह से बात की थी। सुखपाल सिंह दशहरा मेले की ड्यूटी के दौरान होटल में खाना खाने गए थे। मैं भी अपने केस के संबंध में वहां पहुंच गई। मैं घर से ही खाना खाकर गई थी। दरोगा ने खाना मंगाने के लिए वेटर को ऑर्डर दिया। लेकिन मैंने मना कर दिया कि मैं खाना नहीं खाऊंगी। इस पर मैने कॉफी के लिए वेटर को ऑडर्र दिया। दरोगा का खाना आ गया और उन्होंने खाना खा लिया। उसके बाद भी कॉफी नहीं आयी। मैंने फिर से कहा तो वेटर ने अपने मालिक को बुला लिया।
होटल में खाना खाना कोई जुर्म नहीं है। होटल मालिक को यह पूछना चाहिए था कि मामला क्या है। लेकिन आते ही कहा कि मैं वर्दी उतरवा दूंगा। वर्दी में दरोगा के साथ मारपीट की और गाली गलौज की। वीडियो में मै दरोगा को बचाने की कोशिश कर रही हूं, क्यों वह मेरे केस के विवेचक हैं। लेकिन मेरे साथ भी गाली गलौज कर छेड़छाड़ की गई। मेरा मोबाइल फोन छीन लिया। मैं मोबाइल फोन मांगते हुए गेट की तरफ गई तो अंदर से गेट बंद कर दिए। मैंने अपनी रक्षा के लिए प्लेट उठाकर फेंकी थी, तोड़फोड़ नहीं की। लेकिन मैंने शराब नहीं पी। इसकी मेडिकल रिपोर्ट भी आ चुकी है। महिला ने यह भी बताया कि दरोगा ने भी मेरे सामने कोई शराब का सेवन नहीं किया था।
होटल में आतीं थीं विदेशी महिलाएं : एसपी सिटी
वीडियो होटल मालिक के करीबी ने वायरल की है। पुलिस के पास सात वीडियो आयीं हैं। इन सभी की जांच की जा रही है। एसपी सिटी ने बताया कि होटल में कैमरों की व्यवस्था नहीं थी। जिसमें होटल की गंभीर लापरवाही सामने आ रही है।जांच में सामने आया कि पूर्व में इस होटल में विदेशी लड़कियों के आने का मामला भी सामने आया था। जिसकी जांच कराई जा रही है। जिसके कारण सीसीटीवी कैमरे नहीं थे। होटल मालिक का मूल गांव दांतल है जो श्रद्धापुरी में रह रहा है।