UP: पश्चिम क्षेत्र में 45 साल में केवल दो महिला जिलाध्यक्ष बना पाई भाजपा, इस बार उम्मीद
भले ही भाजपा की केंद्र सरकार ने संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का कानून बना दिया हो, लेकिन राजनीति में महिलाओं की भागीदारी कम ही नजर आ रही है। विभिन राजनीतिक दल महिलाओं के प्रतिशत को बढ़ाने में जुटे है तो वहीं भाजपा इसमें फिसड्डी रही है। इस बार भाजपा जिलाध्यक्षों की घोषणा में महिलाओं को स्थान दिए जाने की उम्मीद की जा रही है।
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भले ही भाजपा की केंद्र सरकार ने संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का कानून बना दिया हो, लेकिन स्थापना के 45 वर्ष में भाजपा पश्चिमी क्षेत्र में केवल दो जिलों में ही महिलाओं को जिलाध्यक्ष बना पाई है।
इसमें सुमन त्यागी को बिजनौर और राजेश तोमर को मेरठ का जिलाध्यक्ष बनाया गया था। अब पार्टी के सूत्रों का दावा है कि नए दौर की भाजपा इस बार संगठन चुनाव में जिलाध्यक्ष पद पर महिलाओं और एससी को समायोजित करने जा रही है।
वर्तमान में प्रत्येक राजनीतिक दल बदलाव से गुजर रहा है। भाजपा ने महिलाओं व एससी की भागीदारी बढ़ाने के लिए उन्हें संगठन में अहम स्थान देने की तैयारी है। ऊर्जावान एससी नेताओं और महिला नेत्रियों को भाजपा ने खोज निकाला और उन्हें कसौटी पर परखा गया। इसमें अनुसूचित जाति की महिला नेत्रियों को भविष्य के लिए तराशा जा रहा है।
महिलाओं व एससी वर्ग को संगठन में शामिल नहीं करने से नाराज हाईकमान ने पैनल निरस्त कर दिए, जिससे जिलाध्यक्षों की घोषणा रुक गई। पार्टी का मानना है कि महिला व एससी को जिलाध्यक्ष जैसे अहम पदों का दायित्व देने से पार्टी के प्रति इन वर्गों का नजरिया बदलेगा और भाजपा के पक्ष में बड़ा बदलाव होगा। भाजपा में महिला को अहम पद देने से सशक्तीकरण और राजनीति में महिलाओं को आगे बढ़ाने का वायदा भी पूरा होगा।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बनेंगी महिला जिलाध्यक्ष
पश्चिम क्षेत्र में अभी तक महिला जिलाध्यक्ष बनाने में भाजपा फिसड्डी रही है, लेकिन इस बार यह परिपाटी बदल जाएगी। बताया जाता है कि कुछ जिलों में पार्टी महिला जिलाध्यक्ष बना सकती है। मेरठ महानगर से भी महिला नेत्रियों के नाम मांगे गए हैं।
इससे पहले वर्ष 2012 में बिजनौर जिले में सुमन त्यागी को जिलाध्यक्ष बनाया गया था। बिजनौर में ही कमलेश सैनी को कार्यवाहक जिलाध्यक्ष बनाया गया था। मेरठ जिले में राजेश तोमर को जिलाध्यक्ष बनाया गया। हालांकि लज्जारानी गर्ग भाजपा के पश्चिम क्षेत्र की अध्यक्ष रह चुकी हैं, लेकिन जिलाध्यक्ष केवल दो ही बन पाई हैं।