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बिना कार्य योजना पास करा डाले निर्माण
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Thu, 08 Sep 2016 02:21 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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इसे चुनावी साल के आखिरी महीनों में बजट ठिकाने लगाने की कवायद कहें या धांधली। लेकिन बड़ा गड़बड़झाला यह है कि बिना कार्य योजना पास कराए ही निर्माण कार्य शुरू कर दिए गए हैं। यही नहीं, बजट का भुगतान भी कर दिया गया। ऐसे कई मामले सामने आने पर जांच शुरू हो गई है। उधर, जिलाधिकारी ने कहा है ऐसे सभी प्रकरण देखे जाएं।
अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। अगले माह इसकी अधिसूचना जारी हो जानी है। ऐसे मेें विकास कार्य कराने को लेकर तमाम विभाग कमर कस रहे हैं। हैरत की बात यह है कि इसमें इस तरह भी काम किए जा रहे हैं जिनमें नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सुनकर ताज्जुब होगा कि कार्ययोजना तैयार तो कर ली, लेकिन उसे अभी तक सीडीओ या जिलाधिकारी ने मंजूरी नहीं दिलाई गई है और निर्माण कार्य कराकर भुगतान करा लिया गया है। यह खेल पंचायतों में सबसे ज्यादा चल रहा है। वह भी क्षेत्र पंचायत में।
रजपुरा के दो मामले सामने आए
रजपुरा ब्लॉक में ऐसे दो मामलों की शिकायत हुई। जांच में प्रथम दृष्टया सामने आया है कि दोनों में ही बिना कार्ययोजना नियमानुसार स्वीकृत कराए बिना ही निर्माण कराकर भुगतान किया गया है। एक ग्राम सैनी में इंटरलॉकिग टाइल्स का काम है। 230 मीटर रोड पर यह काम हुआ है। दूसरा काम खरदौनी में इंटरलॉकिंग टाइल्स का है। पहले काम के लिए 5.45 लाख रुपये से ज्यादा तो दूसरे काम के लिए 3.37 लाख रुपये से ज्यादा का भुगतान हुआ है।
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योजना तो मंजूर ही नहीं
नियमानुसार राज्य एवं केन्द्रीय वित्त आयोग से कराए गए काम पर स्थानीय स्तर पर कार्ययोजना बनाने के बाद जिला स्तर पर कार्य योजना पास करानी होती है। इसमें जिला पंचायत राज अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और जिलाधिकारी से स्वीकृति लेनी होती है। आरोप है कि इन दोनों ही कामों में ऐसा नहीं किया गया और भुगतान कर दिया गया। केवल प्रमुख क्षेत्र पंचायत रजपुरा, अवर अभियंता एवं खंड विकास अधिकारी के हस्ताक्षर से ही पूरा काम कर दिया गया। यही नहीं, इन टेंडरों की ऑनलाइन फीडिंग भी नहीं की गई।
काम भी एडवांस में कराया
बताया जा रहा है कि यह निर्माण कार्य भी एडवांस में पहले ही करा लिए गए थे। मौके पर काम हो गया था और भुगतान बाद में कराया गया, वह भी पूरी तरह से नियम विरुद्घ। किनानगर निवासी पंकज की शिकायत पर अब जांच हो रही है।
इन चेकों पर हैं सवाल
- 17 जून 2016 चेक संख्या 10009747 आहरणकर्ता मैसर्स ब्रह्मपाल रकम 5,45418
- 17 जून 2016 चेक संख्या 10009748 आहरणकता मैसर्स ब्रह्मपाल रकम 3,37321
इसी ब्लॉक के 22 कार्यो पर निगाह
इस ब्लॉक के कुल 22 कार्यों की कार्ययोजना तैयार की गई है। एक करोड़ से ज्यादा के काम प्रस्तावित हैं। इस बाबत सभी की जांच की जाएगी। कहीं काम होगा तो देखा जाएगा कि एडवांस में ही काम कराकर इसी तरह से बजट जारी तो नहीं किया जा रहा है।
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अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। अगले माह इसकी अधिसूचना जारी हो जानी है। ऐसे मेें विकास कार्य कराने को लेकर तमाम विभाग कमर कस रहे हैं। हैरत की बात यह है कि इसमें इस तरह भी काम किए जा रहे हैं जिनमें नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सुनकर ताज्जुब होगा कि कार्ययोजना तैयार तो कर ली, लेकिन उसे अभी तक सीडीओ या जिलाधिकारी ने मंजूरी नहीं दिलाई गई है और निर्माण कार्य कराकर भुगतान करा लिया गया है। यह खेल पंचायतों में सबसे ज्यादा चल रहा है। वह भी क्षेत्र पंचायत में।
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रजपुरा के दो मामले सामने आए
रजपुरा ब्लॉक में ऐसे दो मामलों की शिकायत हुई। जांच में प्रथम दृष्टया सामने आया है कि दोनों में ही बिना कार्ययोजना नियमानुसार स्वीकृत कराए बिना ही निर्माण कराकर भुगतान किया गया है। एक ग्राम सैनी में इंटरलॉकिग टाइल्स का काम है। 230 मीटर रोड पर यह काम हुआ है। दूसरा काम खरदौनी में इंटरलॉकिंग टाइल्स का है। पहले काम के लिए 5.45 लाख रुपये से ज्यादा तो दूसरे काम के लिए 3.37 लाख रुपये से ज्यादा का भुगतान हुआ है।
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योजना तो मंजूर ही नहीं
नियमानुसार राज्य एवं केन्द्रीय वित्त आयोग से कराए गए काम पर स्थानीय स्तर पर कार्ययोजना बनाने के बाद जिला स्तर पर कार्य योजना पास करानी होती है। इसमें जिला पंचायत राज अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और जिलाधिकारी से स्वीकृति लेनी होती है। आरोप है कि इन दोनों ही कामों में ऐसा नहीं किया गया और भुगतान कर दिया गया। केवल प्रमुख क्षेत्र पंचायत रजपुरा, अवर अभियंता एवं खंड विकास अधिकारी के हस्ताक्षर से ही पूरा काम कर दिया गया। यही नहीं, इन टेंडरों की ऑनलाइन फीडिंग भी नहीं की गई।
काम भी एडवांस में कराया
बताया जा रहा है कि यह निर्माण कार्य भी एडवांस में पहले ही करा लिए गए थे। मौके पर काम हो गया था और भुगतान बाद में कराया गया, वह भी पूरी तरह से नियम विरुद्घ। किनानगर निवासी पंकज की शिकायत पर अब जांच हो रही है।
इन चेकों पर हैं सवाल
- 17 जून 2016 चेक संख्या 10009747 आहरणकर्ता मैसर्स ब्रह्मपाल रकम 5,45418
- 17 जून 2016 चेक संख्या 10009748 आहरणकता मैसर्स ब्रह्मपाल रकम 3,37321
इसी ब्लॉक के 22 कार्यो पर निगाह
इस ब्लॉक के कुल 22 कार्यों की कार्ययोजना तैयार की गई है। एक करोड़ से ज्यादा के काम प्रस्तावित हैं। इस बाबत सभी की जांच की जाएगी। कहीं काम होगा तो देखा जाएगा कि एडवांस में ही काम कराकर इसी तरह से बजट जारी तो नहीं किया जा रहा है।