फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Bike boat scam, EOW recovered 178 bikes of the company in the raid from several districts including Meerut

बाइक बोट घोटाला: ईओडब्ल्यू की बड़ी कार्रवाई, मेरठ सहित यूपी के इन जिलों में छापा, कंपनी की 178 बाइकें बरामद

Mon, 08 Jun 2020 04:53 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Mon, 08 Jun 2020 04:53 PM IST
विज्ञापन
Bike boat scam, EOW recovered 178 bikes of the company in the raid from several districts including Meerut
bike boat - फोटो : amar ujala

बाइक बोट घोटाला मामले में इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) की टीम ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने मेरठ के अलावा गाजियाबाद, हापुड़, बागपत और मुजफ्फरनगर में एक साथ छापा मारा है। बताया गया कि कार्रवाई के दौरान कंपनी की 178 बाइकें बरामद की गई हैं। इन मोटर साइकिलों में निवेश के नाम पर ठगी की गई थी।

विज्ञापन


नोएडा के बहुचर्चित बाइक बोट घोटाले में ईओडब्ल्यू ने पश्चिमी यूपी के पांच जिलों सबसे अधिक गाजियाबाद से 72, मुजफ्फरनगर से 50, हापुड़ से 22, मेरठ से 21 और बागपत से 13 मोटर साइकिलें बरामद की गई हैं। ये गाड़ियां मामले में पहले से गिरफ्तार किए गए शिल्पी राज, इरफान, कुलदीप त्यागी, राजेश रानी, विकास लांबा और कपिल कुमार की निशानदेही पर बरामद की गईं।
विज्ञापन


आर्थिक अपराध अनुसंधान के डीजी आरपी सिंह ने बताया कि बाइक बोट घोटाले में विभिन्न जिलों में 57 मुकदमे दर्ज किए गए थे। शासन ने इसी साल 14 फरवरी को ईओडब्ल्यू को जांच सौंपी थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

इस मामले में संजय भाटी समेत 19 लोगों ने मिलकर गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड की बाइक बोट स्कीम के तहत अलग-अलग जिलों में फ्रेंचाइजी खोली।

एक बाइक में 62200 रुपये का निवेश करने पर 9765 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से 12 महीने तक पैसे देने का वादा किया गया। शुरुआत में काफी लोगों को पैसा दिया भी गया जिससे कंपनी के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ता गया और बड़ी संख्या में लोगों ने निवेश किया।

फिर अचानक यह कंपनी गायब हो गई जिसके बाद अलग-अलग जिलों में मुकदमे दर्ज होने शुरू हो गए। मामले की शिकायत जब शासन को मिली तो शासन ने इसकी जांच ईओडब्ल्यू को दे दी। इस मामले में नोएडा पुलिस पहले ही बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां कर चुकी है। 

ईओडब्ल्यू को जांच के दौरान इन बाइकों के बारे में जानकारी मिली जिसके बाद डीजी ईओडब्ल्यू ने अपने पांच इंस्पेक्टर की अलग-अलग टीम बनाकर मेरठ जोन के एडीजी से सहयोग लेते हुए पांच जिलों में छापेमारी कर 178 मोटर साइकिलें बरामद कीं।

ये मोटर साइकिलें गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स के नाम से रजिस्टर्ड तथा बजाज कंपनी द्वारा निर्मित हैं। बजाज कंपनी से ही बाइकबोट का स्टिकर और लोगो लगा हुआ आया है। कुछ बाइक ऐसी भी हैं जो कंपनी द्वारा नियुक्त किए गए एजेंटों द्वारा इस्तेमाल की जा रही थीं। जबकि काफी बाइक नई हैं और जबसे आई हैं विभिन्न गोदामों में खड़ी हैं।

यह भी पढ़ें: अनलॉक-1: खुल गए मंदिरों के कपाट, यहां देखें- पश्चिमी यूपी के छह जिलों की 15 तस्वीरें

बाइक बोट ने दूसरी कंपनियों को करोड़ों रुपये डायवर्ट किए। इस मामले में दो दर्जन बैंक खाते फ्रीज किए गए थे। बाइक बोट कंपनी के मालिक 42 वर्षीय संजय भाटी ने अलग- अलग राज्यों में निवेशकों को लालच देकर करोड़ों रुपये का निवेश कराया और फिर उसे हड़प लिया था। बाइक टैक्सी के लिए कंपनी में हर निवेशक को 62,100 रुपए निवेश करना था। दोगुना पैसा देने का लालच दिया गया। लेकिन बाद में कंपनी ने रुपए हड़प लिए।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed