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कोरोना का असर : अपने आंगन में औषधीय पौधे लगा रहे लोग, नर्सरी में बढ़ी आयुर्वेदिक पौधों की डिमांड

Sat, 05 Jun 2021 11:39 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sat, 05 Jun 2021 11:39 AM IST
सार

संक्रमण कॉल में अपने-अपने घरों में वायरस से बचाव को लेकर कैद हुए व होम आइसोलेट मरीजों का मानसिक तनाव और उपचार करने में उक्त औषधीय पौधे बेहद कारगर हैं।

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Bijnor : demand for Ayurvedic and medicinal useful plants plants increased in nursery
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

विस्तार

कोरोना संक्रमण काल में लोग अपनी रोग प्रतिरोध क्षमता बढ़ाने को लेकर गंभीर होने लगे हैं। क्षेत्रवासियों ने ऑक्सीजन, मानसिक तनाव को दूर करने वाले और औषधीय पौधों को अपने-अपने घरों के आंगन और बगीचों में प्राथमिकता के तौर पर लगाने शुरू कर दिए हैं। ऐसे में नर्सरियों व औषधीय ऑक्सीजन बढ़ाने वाले पौधों के मांग बढ़ गई है। 

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कोरोना की दूसरी लहर में अनेक संक्रमित लोगों की उपचार के दौरान ऑक्सीजन न मिलने से मौत हो गई है। तीमारदार भी ऑक्सीजन की तलाश में भटकते नजर आए। चिकित्सकों ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए घरों पर रहकर ही इससे बचाव में कुछ उपचार के तरीके बताए।
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चिकित्सकों के अनुसार तुलसी, लौंग, एलोवीरा, अश्वगंधा, लेमन ग्रास, सौंफ, जायफल आदि जड़ी बूटी का सेवन करने व जूही, हर श्रंगार, रात की रानी, चमेली आदि सुगंधित पौधे का दवाई के रूप में सेवन करने व इनके फूलों की सुगंध से मानसिक तनाव दूर होता है।

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संक्रमण कॉल में अपने-अपने घरों में वायरस से बचाव को लेकर कैद हुए व होम आइसोलेट मरीजों का मानसिक तनाव और उपचार करने में उक्त औषधीय पौधे बेहद कारगर हैं। ऐसे में क्षेत्र के अनेक लोगों ने अपने-अपने घर आंगनों और बगीचों में औषधीय पौधे रोपने शुरू कर दिए हैं। लोग इन पौधों का काढ़ा पीने व दवा के रूप में सेवन करने में लगे हुए हैं। 

आयुर्वेदिक औषधि संजीवनी से कम नहीं
आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. कृष्ण कुमार शर्मा बताते हैं कि औषधीय पौधों का काढ़ा बनाकर पीने और औषधि के रूप में सेवन करने से रोग प्रतिरोध क्षमता में बढ़ोतरी होती है। सीएससी प्रभारी डॉ. मदनपाल सिंह बताते हैं कि कोरोना कॉल में मानसिक तनाव से जूझ रहे लोगों के लिए पौधों पर लगने वाले फूलों की सुगंध सूंघने से मानसिक तनाव में राहत मिलती है।

निरंकार त्यागी, हेमंत त्यागी, सतीश त्यागी, अजय शर्मा, इकरामुद्दीन, सरदार मलखान सिंह, जंगबीर सिंह आदि लोगों का कहना है कि उन्होंने अपने-अपने घरों के आंगन में कोरोना कॉल में विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधे लगाए हैं।

ऐसे में क्षेत्रीय नर्सरियों से इन पौधों की खूब खरीदारी की जा रही है। गांव शरीफपुर निवासी मुंगिया नर्सरी के संचालक यशपाल सिंह सैनी का कहना है कि कोरोना कॉल में उनकी नर्सरी में औषधीय पौधों की काफी बिक्री हुई है और तरह-तरह के औषधीय पौधे की मांग भी बढ़ी है।

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