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मल्टी लेवल पार्किंग पर अहम फैसला
ब्यूरो/अमर उजाला मेरठ
Updated Fri, 21 Aug 2015 02:59 AM IST
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बंगला नंबर 173 में मल्टी लेवल पार्किंग के प्रस्ताव पर बृहस्पतिवार को अहम फैसला लिया गया। कैंट बोर्ड के सीईओ राजीव श्रीवास्तव के साथ एमडीए के अधिकारियों ने बैठक कर प्रस्ताव पेश किया। सहमति बनी कि प्रस्ताव को कैंट बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। साथ ही मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस को भी प्रस्ताव भेजा जाएगा।
एमडीए ने बंगला नंबर 173 और 180 का निरीक्षण कर प्रस्ताव बनाया और कैंट बोर्ड से एनओसी मांग ली है। पहली मशक्कत बंगला नंबर 173 के लिए है। यहां 320 गाड़ियों की पार्किंग बनाने के लिए लगभग 25 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस बाबत सीईओ कैंट बोर्ड और एमडीए चीफ इंजीनियर एससी मिश्रा, एसई शबीह हैदर तथा एक्सईएन डीसी तोमर के बीच बैठक हुई। तमाम सुझाव रखे गए। चीफ इंजीनियर ने बताया कि इस प्रस्ताव के लिए 70 हजार वर्ग फीट जगह चाहिए। सीईओ ने कहा कि उनके पास 78 हजार वर्ग फीट जगह है।
रेवेन्यू शेयर पर भी मंथन
पार्किंग से होने वाली कमाई का हिस्सा दोनों विभाग कैसे बांटेंगे इस पर भी मंथन हुआ। इसका प्लान बनाकर एमडीए अधिकारी ले गए थे। चीफ इंजीनियर ने बताया कि दस साल तक इससे प्राप्त होने वाले राजस्व का 70 प्रतिशत एमडीए तथा 30 प्रतिशत कैंट बोर्ड को जाएगा। दस साल बाद एमडीए अपनी तरफ से इसे फ्री कर देगा और शत प्रतिशत राजस्व कैंट बोर्ड को ही जाएगा।
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एमडीए ने बंगला नंबर 173 और 180 का निरीक्षण कर प्रस्ताव बनाया और कैंट बोर्ड से एनओसी मांग ली है। पहली मशक्कत बंगला नंबर 173 के लिए है। यहां 320 गाड़ियों की पार्किंग बनाने के लिए लगभग 25 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस बाबत सीईओ कैंट बोर्ड और एमडीए चीफ इंजीनियर एससी मिश्रा, एसई शबीह हैदर तथा एक्सईएन डीसी तोमर के बीच बैठक हुई। तमाम सुझाव रखे गए। चीफ इंजीनियर ने बताया कि इस प्रस्ताव के लिए 70 हजार वर्ग फीट जगह चाहिए। सीईओ ने कहा कि उनके पास 78 हजार वर्ग फीट जगह है।
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रेवेन्यू शेयर पर भी मंथन
पार्किंग से होने वाली कमाई का हिस्सा दोनों विभाग कैसे बांटेंगे इस पर भी मंथन हुआ। इसका प्लान बनाकर एमडीए अधिकारी ले गए थे। चीफ इंजीनियर ने बताया कि दस साल तक इससे प्राप्त होने वाले राजस्व का 70 प्रतिशत एमडीए तथा 30 प्रतिशत कैंट बोर्ड को जाएगा। दस साल बाद एमडीए अपनी तरफ से इसे फ्री कर देगा और शत प्रतिशत राजस्व कैंट बोर्ड को ही जाएगा।
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