रासुका में निरुद्ध भीम आर्मी जिलाध्यक्ष जेल से रिहा, इस बड़े मामले में हुई थी सजा
पिछले वर्ष दो अप्रैल को आंदोलन के दौरान मुजफ्फरनगर शहर में हुए उपद्रव के मामले में जेल में बंद व रासुका में निरुद्ध भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष उपकार बावरा को रासुका अवधि पूरी होने के बाद जेल से रिहा कर दिया गया। जेल के बाहर भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने बावरा का माला व पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। इसके बाद, उपकार बावरा ने कोर्ट रोड स्थित डॉ आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। भोपा के गांव गादला गांव में पहुंचकर बावरा ने उपद्रव में मारे गए अमरेश के परिजनों से भी मुलाकात की।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी-एसटी एक्ट में संशोधन किए जाने के विरोध में पिछले वर्ष दो अप्रैल को विभिन्न संगठनों ने भारत बंद का ऐलान किया था। शहर में बंद के दौरान व्यापक पैमाने पर हिंसा हुई थी, जिसमें बलवाइयों ने नई मंडी कोतवाली पर हमला कर दर्जनों वाहनों को फूंक दिया था। वहीं, शहर में भी कई स्थानों पर बलवाइयों व व्यापारियों के बीच संघर्ष-पथराव की वारदातें हुईं थीं। नई मंडी थाने पर हुए बवाल में भोपा के गांव गादला निवासी अमरेश की गोली लगने से मौत भी हो गई थी। पुलिस ने बड़ी संख्या में मुकदमे पंजीकृत कर बलवाइयों को जेल भेजा था। इसी कड़ी में भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष उपकार बावरा, शहीद उधमसिंह सेना के जिलाध्यक्ष विकास मेडियन व अर्जुन को भी जेल भेजा गया था, जिन पर प्रशासन ने बाद में रासुका के तहत कार्रवाई की थी। बवाल से जुड़े अधिकांश मामलों में उक्त तीनों लोगों की जमानत मंजूर हो चुकी है, लेकिन रासुका अवधि पूरी नहीं होने के कारण उनकी जेल से रिहाई अटकी हुई थी।
बुधवार को भीम आर्मी जिलाध्यक्ष उपकार बावरा पर लगी रासुका की एक साल की अवधि पूरी हो गई, जिसके बाद उसे गुरुवार को उसे जेल से रिहा कर दिया गया। जेल से रिहा होने पर जेल के बाहर भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने उपकार बावरा का स्वागत कर उसे मालाएं व पगड़ी पहनाई। जेल से आने के बाद उपकार बावरा सीधे कोर्ट रोड पहुंचा और कचहरी गेट स्थित डॉ भीमराव रामजी आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
इसके बाद बावरा सीधे भोपा के गांव गादला में अमरेश के घर पहुंचे और उसके परिजनों से मुलाकात की। करीब दस मिनट गादला में रुककर बावरा मुख्यालय लौट गया। इंस्पेक्टर नई मंडी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि रासुका अवधि पूरी होने के बाद उपकार बावरा को रिहा कर दिया गया है। रासुका के तहत निरुद्ध विकास मेडियन व अर्जुन एक साल की अवधि पूरी नहीं होने के कारण फिलहाल जेल में ही हैं।
अमरेश के पिता से बोला, मैं हूं आपका बेटा
पिछले वर्ष नई मंडी कोतवाली पर हुए हमले के दौरान भोपा के गांव गादला निवासी अमरेश पुत्र सुरेश की गोली लगने से मौत हो गई थी। बृहस्पतिवार को जेल से रिहा होने के बाद भीम आर्मी जिलाध्यक्ष उपकार बावरा गांव गादला पहुंचकर अमरेश के परिजनों से मिले। वहां उसने अमरेश के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद अमरेश के पिता सुरेश से कुछ देर बात कर उन्हें ढांढस बताते हुए खुद को उनका बेटा बताया और जेल से बाहर आने की बात कहकर आगे के सारे काम खुद संभालने का आश्वासन दिया। इसके बाद बावरा वापस जिला मुख्यालय के लिए रवाना हो गया। इस दौरान ग्रामीण ने भी उपकार बावरा का स्वागत किया।
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