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भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर को 'रावण' लिखे जाने पर ऐतराज, कहा- मीडिया ने बेवजह दे दिया नाम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Updated Mon, 17 Sep 2018 08:48 AM IST
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चंद्रशेखर उर्फ रावण
- फोटो : अमर उजाला
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सहारनपुर में जातीय संघर्ष के बाद सुर्खियों में आए भीम आर्मी प्रमुख दलित नेता चंद्रशेखर आजाद' उर्फ 'रावण' ने जेल से बाहर आते ही अपने नाम से 'रावण' शब्द को हटा दिया है। उन्होंने खुद को रावण बुलाने पर ऐतराज जताया है।
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भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर उर्फ रावण ने कहा है कि वह रावण नहीं है, उसे बेवजह ही रावण बना दिया गया है। कुछ लोगों ने उसे रावण के नाम से संबोधित किया और फिर मीडिया ने उसे रावण के रूप में प्रचारित कर दिया। वह सिर्फ चंद्रशेखर है और सिर्फ चंद्रशेखर ही रहना चाहता है।
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भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर रविवार सुबह ग्राम राम नगर में भीम आर्मी जिलाध्यक्ष कमल वालिया के भाई सचिन वालिया की मौत से दुखी परिजनों को सांत्वना देने के लिए पहुंचे थे। सचिन वालिया की नौ मई को गोली लगने से गांव में ही मौत हो गई थी। चंद्रशेखर ने रामनगर पहुंचकर बाबा साहब डाक्टर भीमराव अंबेडकर के फोटो पर माल्यार्पण किया और लोगों से जश्न में बेवजह पैसे बर्बाद न करने की अपील की।
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उन्होंने कहा कि उनकी रिहाई की खुशी में जगह-जगह आतिशबाजी की जा रही है, ढोल बजाकर जुलूस निकाले जा रहे हैं, डीजे बजाए जा रहे हैं, स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। समाज के लोग इन सब चीजों पर पैसे बर्बाद न करें। इनके पैसों को गरीब बच्चों की पढ़ाई पर, कपड़ों पर, उनकी अर्थिक स्थिति को सुधारने पर खर्च करें। उन्होंने कहा कि उन्होंने समाज के लोगों से नेतागिरी न करने के लिए कहा है। वह सिर्फ समाज के हित की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्हें राजनीति से कोई लेना देना नहीं है।