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भक्तामर स्रोत सर्व कष्ट निवारक : भाव भूषण महाराज
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भक्तामर स्रोत सर्व कष्ट निवारक : भाव भूषण महाराज
हस्तिनापुर। कैलाश पर्वत स्थित दिगंबर जैन मंदिर में विश्व की सुख, शांति व समृद्धि के लिए 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ के चौथे दिन शुक्रवार को विधानाचार्य सुदीप शास्त्री ने मांगलिक मंत्रों से क्रियाओं का शुभारंभ किया। शुक्रवार को स्वर्ण कलश से विशाल जैन ने अभिषेक किया।
शांतिधारा जीवेंद्र जैन, सुशील जैन, चंदन, नरेंद्र जैन तथा दीप प्रज्ज्वलन राजरानी जैन ने किया। बाल ब्रह्मचारी सुनीता दीदी ने शांतिधारा का उच्चारण किया। देव, शास्त्र, गुरु व आदिनाथ भगवान की पूजा के बाद भक्तामर विधान का शुभारंभ हुआ। 91 परिवारों की ओर से विधान का आयोजन किया गया। उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए 48 अर्घ्य चढ़ाए गए।
गुरुवर भाव भूषण महाराज ने कहा कि भक्तामर स्रोत सर्व कष्ट निवारक है। एक भक्त जब अंबर को छू लेता है तो वह भक्तांबर हो जाता है। भक्ताम्बर स्त्रोत हमारे सभी दुख, पीड़ा व कष्टों को हरने वाला है। विधान का विसर्जन बीनू ने किया। पंच परमेष्ठी की आरती का दीप प्रज्ज्वलन माधुरी जैन, रानी जैन ने किया। भगवान आदिनाथ समेत चौबीसों भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन ब्रह्मचारी सुनीता दीदी, लीला दीदी एवं गुरुकुल के बच्चों ने किया। अध्यक्ष विनोद जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन, सह संयोजक मोतीलाल जैन, अनिल जैन, अरुण जैन का सहयोग रहा।
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हस्तिनापुर। कैलाश पर्वत स्थित दिगंबर जैन मंदिर में विश्व की सुख, शांति व समृद्धि के लिए 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ के चौथे दिन शुक्रवार को विधानाचार्य सुदीप शास्त्री ने मांगलिक मंत्रों से क्रियाओं का शुभारंभ किया। शुक्रवार को स्वर्ण कलश से विशाल जैन ने अभिषेक किया।
शांतिधारा जीवेंद्र जैन, सुशील जैन, चंदन, नरेंद्र जैन तथा दीप प्रज्ज्वलन राजरानी जैन ने किया। बाल ब्रह्मचारी सुनीता दीदी ने शांतिधारा का उच्चारण किया। देव, शास्त्र, गुरु व आदिनाथ भगवान की पूजा के बाद भक्तामर विधान का शुभारंभ हुआ। 91 परिवारों की ओर से विधान का आयोजन किया गया। उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए 48 अर्घ्य चढ़ाए गए।
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गुरुवर भाव भूषण महाराज ने कहा कि भक्तामर स्रोत सर्व कष्ट निवारक है। एक भक्त जब अंबर को छू लेता है तो वह भक्तांबर हो जाता है। भक्ताम्बर स्त्रोत हमारे सभी दुख, पीड़ा व कष्टों को हरने वाला है। विधान का विसर्जन बीनू ने किया। पंच परमेष्ठी की आरती का दीप प्रज्ज्वलन माधुरी जैन, रानी जैन ने किया। भगवान आदिनाथ समेत चौबीसों भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन ब्रह्मचारी सुनीता दीदी, लीला दीदी एवं गुरुकुल के बच्चों ने किया। अध्यक्ष विनोद जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन, सह संयोजक मोतीलाल जैन, अनिल जैन, अरुण जैन का सहयोग रहा।
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