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भाषा पर पकड़ है तो ही बनेंगे केवी के टीचर
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Thu, 13 Oct 2016 02:37 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय विद्यालय संगठन की शिक्षक भर्ती परीक्षा में सफल होने के लिए अब हिंदी और अंग्रेजी भाषा पर पकड़ होना अनिवार्य है। हाल ही में जारी आवेदन प्रक्रिया के सरकुलर में केवीएस (केंद्रीय विद्यालय संगठन) ने चयन परीक्षा में बदलाव कर दिया है। इस बार चयन परीक्षा में हिंदी और अंग्रेजी की परीक्षा के मार्क्स सीधे मेरिट में जोडे़ जाएंगे। इससे पूर्व दोनों विषयों की परीक्षा क्वालीफाइंग होती थी।
केवीएस ने इन दिनों प्रिंसिपल, टीजीटी, पीजीटी आदि पदों पर 3 हजार से अधिक रिक्तियोें के लिए आवेदन मांगे हैं। टीजीटी और पीजीटी की चयन परीक्षा में हिंदी और अंग्रेजी के 20-20 अंक की परीक्षा होगी। पीआरटी में यह 15-15 अंक की परीक्षा होगी। अभी तक दोनों भाषा की परीक्षा सिर्फ क्वालीफाई होती थी, पहली बार इन अंकों को मेरिट में जोड़ा जाएगा। ऐसे में हिंदी और अंग्रेजी विषय पर पकड़ नहीं होना अभ्यर्थियों को भारी पड़ सकता है। हिंदी और अंग्रेजी दोनों विषय की परीक्षा में अभ्यर्थियों के साहित्यिक और व्याकरण ज्ञान को परखा जाएगा। विषय का विस्तृत ज्ञान नहीं होने से अभ्यर्थियों की मेरिट पर इसका प्रभाव पड़ सकता है।
बेहतर रिजल्ट के लिए उठाए कदम
संगठन की ओर से चयन परीक्षा के नियमों में बदलाव का बड़ा कारण बोर्ड परीक्षा में बेहतर रिजल्ट लाना है। छात्रों के भाषायी ज्ञान को मजबूत बनाने के लिए ऐसे शिक्षकों के चयन पर जोर दिया जा रहा है, जिन्हें हिंदी और अंग्रेजी भाषा का विस्तृत ज्ञान हो। दूसरा बड़ा कारण छात्र और शिक्षकों के मध्य होने वाले संवाद को मजबूत बनाना है। संगठन के पास ऐसी शिकायतें निरंतर पहुंच रही हैं कि जो दोनों विषयों में निपुण नहीं होने के कारण शिक्षक छात्रों से बेहतर संवाद नहीं कर पा रहे हैं।
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केवीएस ने इन दिनों प्रिंसिपल, टीजीटी, पीजीटी आदि पदों पर 3 हजार से अधिक रिक्तियोें के लिए आवेदन मांगे हैं। टीजीटी और पीजीटी की चयन परीक्षा में हिंदी और अंग्रेजी के 20-20 अंक की परीक्षा होगी। पीआरटी में यह 15-15 अंक की परीक्षा होगी। अभी तक दोनों भाषा की परीक्षा सिर्फ क्वालीफाई होती थी, पहली बार इन अंकों को मेरिट में जोड़ा जाएगा। ऐसे में हिंदी और अंग्रेजी विषय पर पकड़ नहीं होना अभ्यर्थियों को भारी पड़ सकता है। हिंदी और अंग्रेजी दोनों विषय की परीक्षा में अभ्यर्थियों के साहित्यिक और व्याकरण ज्ञान को परखा जाएगा। विषय का विस्तृत ज्ञान नहीं होने से अभ्यर्थियों की मेरिट पर इसका प्रभाव पड़ सकता है।
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बेहतर रिजल्ट के लिए उठाए कदम
संगठन की ओर से चयन परीक्षा के नियमों में बदलाव का बड़ा कारण बोर्ड परीक्षा में बेहतर रिजल्ट लाना है। छात्रों के भाषायी ज्ञान को मजबूत बनाने के लिए ऐसे शिक्षकों के चयन पर जोर दिया जा रहा है, जिन्हें हिंदी और अंग्रेजी भाषा का विस्तृत ज्ञान हो। दूसरा बड़ा कारण छात्र और शिक्षकों के मध्य होने वाले संवाद को मजबूत बनाना है। संगठन के पास ऐसी शिकायतें निरंतर पहुंच रही हैं कि जो दोनों विषयों में निपुण नहीं होने के कारण शिक्षक छात्रों से बेहतर संवाद नहीं कर पा रहे हैं।
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