फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   bhaari vaahan band hone se ek laakh ko raahat

भारी वाहन बंद होने से एक लाख छात्रों को भी राहत

Sat, 06 Jan 2018 01:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 06 Jan 2018 01:17 AM IST
विज्ञापन
bhaari vaahan band hone se ek laakh ko raahat
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शहर में नो एंट्री के समय भारी वाहन बंद होने से एक लाख छात्रों को भी राहत मिली है। पुलिस अफसरों का कहना है कि जब से शहर में भारी वाहनों पर दिन में रोक लगाई है जाम से ही मुक्ति मिल गई। 
विज्ञापन

शहर में सुबह सात बजे से रात्रि दस बजे तक नो एंट्री रहती है, बावजूद भारी वाहन सड़कों पर दौड़ते थे, जिस कारण जाम लग जाता था। 25 दिसंबर की सुबह से पुलिस और प्रशासन के उच्च अधिकारियों के निर्देश पर एसपी ट्रैफिक संजीव वाजपेयी ने नो एंट्री के समय दिन में भारी वाहनों पर रोक लगा दी। बाद में ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने एसएसपी से समस्या रखी तो पुलिस अफसरों ने दिल्ली रोड पर नवीन मंडी और ट्रांसपोर्ट नगर तक भारी वाहनों को छूट दे दी, लेकिन दोपहर एक बजे से तीन बजे और शाम पांच बजे से आठ बजे तक भारी वाहन प्रतिबंधित रखे।
विज्ञापन

ट्रैफिक पुलिस के अनुसार शहर में मुख्य स्थानों से सुबह सात बजे से रात्रि नौ बजे तक 80 हजार से एक लाख वाहन निकलते हैं। इन वाहनों से आने जाने वाले करीब दो लाख लोगों को राहत मिली है। यात्रियों के अलावा शहर में एक हजार से 1200 स्कूल बस और 1500 से दो हजार ऑटो व अन्य वाहनों में बच्चे स्कूल जाते व आते हैं। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार भारी वाहन जैसे ही दिन में बंद हुए हैं तो एक लाख छात्रों को भी जाम से राहत मिली है। स्कूल बस और छात्रों के निजी वाहन भी जाम में फंसते थे। लेकिन 25 दिसंबर के बाद से यातायात व्यवस्था में ही सुधार हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


यहां सुधरी व्यवस्था
भारी वाहनों से रुड़की रोड, जीरो माइल, बेगमपुल, लालकुर्ती मुख्य मार्ग, बाउंड्री रोड, कमिश्नरी आवास चौराहा, मवाना रोड पर गंगानगर से रजपुरा पुलिस चौकी तक, विवि रोड, जेलचुंगी चौराहा, तेजगढ़ी, मेडिकल कॉलेज गेट, पीवीएस रोड शास्त्रीनगर, एल ब्लॉक तिराहा, हापुड़ रोड, हापुड़ अड्डा चौराहा, रेलवे रोड चौराहा, मेट्रो प्लाजा, बागपत रोड, दिल्ली चुंगी और दिल्ली रोड पर भारी वाहनों से जाम लगने के कारण स्कूल आने जाने वाले छात्रों की बस और अन्य वाहन फंसते थे। अब इन स्थानों पर व्यवस्था में सुधार हुआ है।


सभी करें नियमों का पालन
जाम से जूझ रहे शहरवासियों को इस समस्या से निदान दिलाने के लिए यदि पुलिस कड़े कदम उठा रही है तो वह सही है। ट्रक तो जनता की जान माल के लिए बड़ी मुसीबत का सबब बने हैं। ऐसे में आवश्यकता यह है कि सभी ट्रैफिक के लिए बनाए गए नियमों का पालन करें। कम से कम नो एंट्री के समय में तो ट्रक या अन्य भारी वाहनों को शहर में घुसने ही नहीं देना चाहिए। जनता के हित के लिए पुलिस प्रशासन पर किसी को दबाव बनाना नहीं चाहिए और पुलिस को भी इस दबाव में कतई नहीं आना चाहिए। अतर सिंह राव, सचेतक एवं एमएलसीबसपा

अन्य शहरों में नियम तो यहां क्यों नहीं
नियम तो यह पहले से ही है कि दिन में ट्रक शहर में नहीं घुसने चाहिए। पुलिस यदि सख्ती से यह काम कर रही है तो सभी को इस पर साथ देना चाहिए। यह शहर भीड़ भाड़ वाला है। ट्रक या अन्य भारी वाहन घुसने से जाम लगता है तो वहीं दुर्घटना का खतरा बना रहता है। रात का समय मुकर्रर है, उसमें ट्रक आएं। दिल्ली में कैसे दिन में ट्रक नहीं घुसते। वहां तो सभी आराम से नियम का पालन करते हैं। अन्य शहरों में भी ट्रकों की एंट्री नहीं। यहीं क्यों इस नियम को पलीता लगाया जाए। केवल एंट्री के समय में ही ट्रकों को भीतर घुसने की मंजूरी दी जाए। रफीक अंसारी, विधायक मेरठ शहर


पुलिस दबाव में न आए
नो एंट्री के समय ट्रकों पर प्रतिबंध लगाकर पुलिस शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम कर रही है। जो नियम बनाए गए हैं, उनका पालन कराना पुलिस की ड्यूटी है और पुलिस यही कर रही है। पुलिस को किसी के दबाव में आने की आवश्यकता नहीं है। जन हित में नियमों का सख्ती से पालन कराए। जाम से हांफ रहे शहर को अब राहत है और दुर्घटनाओं की आशंका भी कम है। नो एंट्री में ट्रकों को न घुसने दिया जाए।  शिवकुमार राणा, जिलाध्यक्ष भाजपा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed