त्योहार आते ही मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं। होली रंगों के साथ-साथ खानपान का त्योहार भी है, ऐसे में ये मिलावटखोर बड़े पैमाने पर पहले से ही अपना धंधा शुरू कर देते हैं। त्योहार पर ज्यादातर चीजें मिलावटी मिलती हैं। इनमें मिलावट इतनी सफाई से की जाती है कि इनकी पहचान करना मुश्किल है। ऐसे में खरीदारी के समय थोड़ी सी जानकारी बीमार होने से बचा सकती है।
होली में रंगों के साथ खानपान को लेकर रहें सावधान, कहीं मिलावटी सामग्री न बिगाड़ दे आपकी सेहत
त्योहारों का समय नजदीक आते ही मिठाई की मांग बढ़ जाती है। मिलावटखोर मुनाफे के लालच में लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने से भी नहीं हिचकिचाते। होली पर दूध और खोवे की सबसे ज्यादा जरूरत होती है।
इसी कमी को पूरा करने के लिए दुकानदार भी इन मिलावटखोरों से समझौता कर लेते हैं। संबंधित विभाग भी त्योहार आने पर चेकिंग के नाम पर खानापूर्ति कर लेता है। सूत्रों के अनुसार देहात क्षेत्र में धड़ल्ले से मिलावट का कारोबार चल रहा है। नकली मिठाइयों की खेप बाजाराें में पहुंच चुकी है।
मावे में हो सकती है मिलावट
होली पर मावा (खोवा) की बिक्री बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावटी खोवा भी बाजार में आ रहा है। मिलावटखोर में इसमें रिफाइंड और रंगों का प्रयोग करते हैं।
यह होता है नुकसान
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. राहुल वर्मा ने बताया कि मिलावटी मिठाई या अन्य सामान खाने से लिवर आदि पर असर पड़ता है। गले और पेट में इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए त्योहार पर स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहे।
इस पर भी ध्यान देने की जरूरत
केमिकल वाले रंग सस्ते होेते हैं। इनका सेहत पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। इससे आंखों में तेज जलन होती है। वहीं एलर्जी होने की भी आशंका रहती है। होली खेलने से पहले चेहरे पर पेट्रोलियम जेली या सरसों का तेल लगाएं। ऐसा करने से रंगों का ज्यादा असर नहीं होगा। इसलिए होली पर यही हर्बल कलर्स का ही इस्तेमाल करें। साथ ही रंग खेलते से पहले शरीर को पूरे कपड़ों से ढक लें, ताकि त्वचा को कम नुकसान पहुंचे।