खाकी ने दी कुलदीप की बेगुनाही की गवाही
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27 मार्च को इस मामले में इंस्पेक्टर सदर के घायल होने पर कुलदीप के खिलाफ नामजद जबकि अज्ञात लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में थाना सदर बाजार पर केस दर्ज किया गया था। चूंकि कुलदीप हिरासत में था, इसलिए 28 मार्च को उसे जेल भेज दिया गया था। जिसका चौतरफा विरोध होने पर पुलिस ने धारा 307 और 7 सीएल एक्ट को केस से हटा लिया था।
एसएसपी डीसी दूबे ने बृहस्पतिवार को बताया कि कुलदीप पर गलत धाराएं लगी थीं। उसकी बेगुनाही की रिपोर्ट बनाकर विवेचक ने जिला जज कोर्ट में पेश कर दी है। रिपोर्ट में लिखा कि जिस वक्त इंस्पेक्टर को ईट लगी, उस समय सिख युवक कुलदीप पुलिस की हिरासत में सदर बाजार थाने में था। जांच में कुलदीप ने जीत के जश्न में हंगामा किया, लेकिन पथराव नहीं।
बर्दाश्त से बाहर पुलिस का रवैया
बीर खालसा दल के प्रदेश उपाध्यक्ष मंजीत सिंह कोछड़ ने कहा कि कुलदीप को पुलिस ने यातना दी है। पुलिस ने कुलदीप के साथ जो रवैया अपनाया है, वह बर्दाश्त से बाहर है। थाने में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। उसकी फुटेज देखनी चाहिए, ताकि कुलदीप के साथ पुलिस का कैसा बर्ताव था, यह सामने आ सके।