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जिला अस्पताल में इलाज कम, बियर-शराब की बोतलें मिलीं ज्यादा
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Sat, 13 Aug 2016 02:50 AM IST
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निरीक्षण में डीएम को मिली शराब की बोतल
- फोटो : अमर उजाला
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45 टीमों के साथ जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की नब्ज पकड़ने निकले डीएम जगतराज त्रिपाठी को हर जगह अव्यवस्थाएं मिलीं। जिला अस्पताल में सीएमएस समेत 16 चिकित्सक और 19 कर्मचारियों के नदारद मिलने और मलेरिया वार्ड के पास बीयर की कैन, शराब की बोतलें मिलने पर डीएम भड़क गए। शहर-देहात की सीएचसी-पीएचसी पर औचक निरीक्षण में 56 चिकित्सक और 139 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। डीएम ने सभी से स्पष्टीकरण तलब करते हुए एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
डीएम पहुंचे तो मची भगदड़
डीएम की गाड़ी जैसे ही सुबह 8:30 बजे जिला अस्पताल पहुंची तो कर्मचारियों और चिकित्सकों में भगदड़ मच गई। एक महिला चिकित्सक तो अपनी गाड़ी से उतरकर भागते हुए केबिन में घुस गईं। लेकिन डीएम सबसे पहले सीएमएस कार्यालय पहुंचे और उपस्थिति रजिस्टर कब्जे में ले लिया। जब डीएम सभी की उपस्थिति चेक कर रहे थे तो वहां पहुंचे डॉ. राजकुमार ने बताया कि वह तो सुबह 7:15 बजे ही आ गए थे। लेकिन ओपीडी में चले गए थे। जिलाधिकारी ने उनके और एक अन्य चिकित्सक के हस्ताक्षर उपस्थिति रजिस्टर पर करा लिये। लेकिन बाकी की अनुपस्थित दर्ज की।
बताओ कहां हैं सीएमएस
जिला अस्पताल के सीएमएस अनुपस्थित मिले तो बताया गया कि वे लखनऊ बैठक में गए हैं। डीएम ने सीएमओ को फोन मिलवाया, लेकिन फोन नहीं उठा। करीब 9:15 बजे सीएमओ जिला अस्पताल पहुंचे तो डीएम ने उन्हें भी फटकार लगाई। कहा कि जब तुम ही फोन नहीं उठाओगे और इतना विलंब से आओगे तो अधीनस्थ तो लापरवाह होंगे ही। सीएमएस डॉ. एसके गुप्ता की अनुपस्थिति पर सीएमओ भी जवाब नहीं दे पाए। डीएम ने कहा कि सीएमएस को अनुपस्थित दर्शाकर उनका स्पष्टीकरण मांगा जाए।
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गंदगी देखकर पारा चढ़ा
निरीक्षण में बच्चा वार्ड और शौचालयों में गंदगी देख डीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने कहा कि इतनी गंदगी में तो स्वस्थ आदमी भी बीमार हो जाए। मलेरिया वार्ड के पास एक कोने में बीयर की कैन और शराब की बोतलें आदि मिलने पर कहा कि अस्पताल में यह सब नजर आना यहां की व्यवस्था को बताता है। उन्होंने कहा कि वह 15 दिन बाद फिर आएंगे। तब तक तमाम व्यवस्थाएं दुरुस्त होनी चाहिए।
पर्ची शुल्क मिला संतोषजनक
डीएम ने भर्ती मरीजों के साथ ही ओपीडी में आये मरीजों से पर्ची शुल्क के बारे में पूछा तो सभी ने बताया कि सिर्फ एक रुपये में पर्ची बनती है। कोई अन्य शुल्क नहीं लिया जाता। डीएम ने सभी से कहा कि यदि कोई समस्या आती है तो उनके कार्यालय के फोन नंबर पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
एलआईयू से कराएंगे जांच
कई चिकित्सकों के शहर के अस्पतालों में प्राइवेट प्रैक्टिस करने की शिकायत पर डीएम ने कहा कि इसकी एलआईयू से जांच कराएंगे। जो भी चिकित्सक प्राइवेट प्र्रैक्टिस करते मिला, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
यहां भी बुरा हाल
सीडीओ द्वारा जिला महिला अस्पताल के निरीक्षण में 8 चिकित्सक और 17 कर्मचारी तो देहात क्षेत्र में 48 चिकित्सक और 122 कर्मचारी अनुपस्थित मिले।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी को फटकार
बच्चा पार्क पर कूड़े के ढेर देख डीएम ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी को जमकर फटकारते हुए तत्काल सफाई कराने को कहा। उन्होंने नगर निगम से महानगर में 15 दिन सफाई अभियान चलाने और नगरवासियों को सफाई व्यवस्था के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।
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डीएम पहुंचे तो मची भगदड़
डीएम की गाड़ी जैसे ही सुबह 8:30 बजे जिला अस्पताल पहुंची तो कर्मचारियों और चिकित्सकों में भगदड़ मच गई। एक महिला चिकित्सक तो अपनी गाड़ी से उतरकर भागते हुए केबिन में घुस गईं। लेकिन डीएम सबसे पहले सीएमएस कार्यालय पहुंचे और उपस्थिति रजिस्टर कब्जे में ले लिया। जब डीएम सभी की उपस्थिति चेक कर रहे थे तो वहां पहुंचे डॉ. राजकुमार ने बताया कि वह तो सुबह 7:15 बजे ही आ गए थे। लेकिन ओपीडी में चले गए थे। जिलाधिकारी ने उनके और एक अन्य चिकित्सक के हस्ताक्षर उपस्थिति रजिस्टर पर करा लिये। लेकिन बाकी की अनुपस्थित दर्ज की।
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बताओ कहां हैं सीएमएस
जिला अस्पताल के सीएमएस अनुपस्थित मिले तो बताया गया कि वे लखनऊ बैठक में गए हैं। डीएम ने सीएमओ को फोन मिलवाया, लेकिन फोन नहीं उठा। करीब 9:15 बजे सीएमओ जिला अस्पताल पहुंचे तो डीएम ने उन्हें भी फटकार लगाई। कहा कि जब तुम ही फोन नहीं उठाओगे और इतना विलंब से आओगे तो अधीनस्थ तो लापरवाह होंगे ही। सीएमएस डॉ. एसके गुप्ता की अनुपस्थिति पर सीएमओ भी जवाब नहीं दे पाए। डीएम ने कहा कि सीएमएस को अनुपस्थित दर्शाकर उनका स्पष्टीकरण मांगा जाए।
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गंदगी देखकर पारा चढ़ा
निरीक्षण में बच्चा वार्ड और शौचालयों में गंदगी देख डीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने कहा कि इतनी गंदगी में तो स्वस्थ आदमी भी बीमार हो जाए। मलेरिया वार्ड के पास एक कोने में बीयर की कैन और शराब की बोतलें आदि मिलने पर कहा कि अस्पताल में यह सब नजर आना यहां की व्यवस्था को बताता है। उन्होंने कहा कि वह 15 दिन बाद फिर आएंगे। तब तक तमाम व्यवस्थाएं दुरुस्त होनी चाहिए।
पर्ची शुल्क मिला संतोषजनक
डीएम ने भर्ती मरीजों के साथ ही ओपीडी में आये मरीजों से पर्ची शुल्क के बारे में पूछा तो सभी ने बताया कि सिर्फ एक रुपये में पर्ची बनती है। कोई अन्य शुल्क नहीं लिया जाता। डीएम ने सभी से कहा कि यदि कोई समस्या आती है तो उनके कार्यालय के फोन नंबर पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
एलआईयू से कराएंगे जांच
कई चिकित्सकों के शहर के अस्पतालों में प्राइवेट प्रैक्टिस करने की शिकायत पर डीएम ने कहा कि इसकी एलआईयू से जांच कराएंगे। जो भी चिकित्सक प्राइवेट प्र्रैक्टिस करते मिला, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
यहां भी बुरा हाल
सीडीओ द्वारा जिला महिला अस्पताल के निरीक्षण में 8 चिकित्सक और 17 कर्मचारी तो देहात क्षेत्र में 48 चिकित्सक और 122 कर्मचारी अनुपस्थित मिले।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी को फटकार
बच्चा पार्क पर कूड़े के ढेर देख डीएम ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी को जमकर फटकारते हुए तत्काल सफाई कराने को कहा। उन्होंने नगर निगम से महानगर में 15 दिन सफाई अभियान चलाने और नगरवासियों को सफाई व्यवस्था के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।