अनुच्छेद 370 खत्म: मेरठ के बल्ला कारोबार की अब होगी बल्ले-बल्ले
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आयात-निर्यात के नियमों के कारण कश्मीर विलो क ी खरीद-फरोख्त उद्यमियों के लिए बड़ी परेशानी थी, वो दूर होगी। अब मेरठ में ही विलो से पूरा बल्ला तैयार किया जाएगा। कश्मीर से सेमीफिनिश बल्ला मंगाकर उसे तैयार करने के बजाय मेरठ में ही बल्ला बन सकेगा।
बल्ला निर्माता कंपनियों के अनुसार, कश्मीर से कच्चे माल के रूप में विलो को मंगाना विदेशी कारोबार माना जाता था। इसलिए कश्मीरी कारोबारी सेमीफिनिश बल्ला ही भेजते थे, लेकिन एक राष्ट्र होने से मेरठ में विलो आ सकेगी।
अंतरराष्ट्रीय कारोबार की श्रेणी हटने से कीमतों में 50 प्रतिशत का अंतर पड़ेगा। जो सेमीफिनिश बल्ला अभी 450 रुपये प्रति पीस आता है वो अब 250 रुपये तक मिल सकेगा। मेरठ में हर माह कश्मीर विलो के 50 हजार पीस सेमीफिनिश बल्ले आते हैं। सालाना 27 करोड़ रुपये के कश्मीर विलो बल्ले आते हैं।
बल्लों की कीमतें होंगी कम
370 हटने से बल्ला कारोबार को उछाल मिलेगा। कश्मीर विलो की कमी दूर होगी। विलो की कीमतें घटने से बल्लों क ी कीमतें भी घटेंगी। -राकेश महाजन, पदाधिकारी ऑल इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफेक्चरिंग एसोसिएशन
मुश्किलें होंगी दूर
370 हटना बल्ला इंडस्ट्री के लिए बड़ा कदम है। विलो क ी खरीद-फरोख्त की मुश्किलें दूर होंगी। कीमतों में भी 50 फीसदी गिरावट आएगी। कारोबार को लाभ मिलेगा। -अनिल सरीन, संचालक एसएफ