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बागपत: ईस्टर्न पैरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर अब नई टोल कंपनी वसूलेगी टोल, जमा कराए 6267 करोड़ रुपये
Tue, 05 Apr 2022 07:04 PM IST
कपिल kapil
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: कपिल kapil
Updated Tue, 05 Apr 2022 07:04 PM IST
सार
एनएचएआई ने आगरा की पीएनसी कंपनी को 20 साल तक ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे पर टोल वसूलने का ठेका दिया है। इस समयावधि में टोल कंपनी एक्सप्रेस-वे का मेंटीनेंस भी करेगी।
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Eastern Peripheral Expressway
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विस्तार
बागपत के ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे (ईपीई) पर नई कंपनी अब 20 साल तक टोल वसूलेगी। इसके लिए कंपनी ने एनएचएआई के खाते में 6267 करोड़ रुपये जमा करा दिए है। टोल कंपनी इस समयावधि में एक्सप्रेस-वे का मेंटीनेंस भी करेगी।
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एनएचएआई ने हरियाणा के कुंडली से गाजियाबाद होते हुए पलवल तक एक्सप्रेस-वे का निर्माण कराया था। इसका उद्घाटन वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। इसके निर्माण में उस वक्त करीब 5400 करोड़ रुपये का खर्च आया था, जबकि करीब छह हजार करोड़ रुपये जमीन अधिग्रहण में दिए गए थे। इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण में भले ही करीब 5400 करोड़ रुपये लगे हों।
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मगर, इस एक्सप्रेस-वे ने एक ही बार में एनएचएआई का करीब आधा बजट पूरा करा दिया है। एनएचएआई ने एक्सप्रेस-वे पर टोल वसूली के लिए बीस साल तक का ठेका छोड़ा है। वह ठेका आगरा की पीएनसी कंपनी को 6267 करोड़ रुपये में दिया गया है। इसके साथ ही एनएचएआई को अब एक बड़ा फायदा यह होगा कि एक्सप्रेस वे की मेंटीनेंस भी टोल वसूलने वाली कंपनी ही करेगी।
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110 करोड़ से सुधारेगी एक्सप्रेस-वे की हालत
एक्सप्रेस-वे में कई जगह अंडरपास के ऊपर गड्ढे हो गए थे। इन खामियों को दूर करने के साथ ही मरम्मत करने के लिए एनएचएआई ने सर्वे कराया था। एक महीने पहले 110 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी देकर इसकी हालत सुधारी जा रही है।
एक्सप्रेस-वे पर टोल वसूली के साथ ही मेंटीनेंस की जिम्मेदारी कंपनी को दी गई है। कंपनी से एनएचएआई को 6267 करोड़ रुपये मिले है। - अरविंद कुमार, परियोजना निदेशक एनएचएआई
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एनएचएआई ने हरियाणा के कुंडली से गाजियाबाद होते हुए पलवल तक एक्सप्रेस-वे का निर्माण कराया था। इसका उद्घाटन वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। इसके निर्माण में उस वक्त करीब 5400 करोड़ रुपये का खर्च आया था, जबकि करीब छह हजार करोड़ रुपये जमीन अधिग्रहण में दिए गए थे। इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण में भले ही करीब 5400 करोड़ रुपये लगे हों।
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मगर, इस एक्सप्रेस-वे ने एक ही बार में एनएचएआई का करीब आधा बजट पूरा करा दिया है। एनएचएआई ने एक्सप्रेस-वे पर टोल वसूली के लिए बीस साल तक का ठेका छोड़ा है। वह ठेका आगरा की पीएनसी कंपनी को 6267 करोड़ रुपये में दिया गया है। इसके साथ ही एनएचएआई को अब एक बड़ा फायदा यह होगा कि एक्सप्रेस वे की मेंटीनेंस भी टोल वसूलने वाली कंपनी ही करेगी।
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110 करोड़ से सुधारेगी एक्सप्रेस-वे की हालत
एक्सप्रेस-वे में कई जगह अंडरपास के ऊपर गड्ढे हो गए थे। इन खामियों को दूर करने के साथ ही मरम्मत करने के लिए एनएचएआई ने सर्वे कराया था। एक महीने पहले 110 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी देकर इसकी हालत सुधारी जा रही है।
एक्सप्रेस-वे पर टोल वसूली के साथ ही मेंटीनेंस की जिम्मेदारी कंपनी को दी गई है। कंपनी से एनएचएआई को 6267 करोड़ रुपये मिले है। - अरविंद कुमार, परियोजना निदेशक एनएचएआई