बागपत: कैसे सुधरेगी सेहत, दुधारू गाय 14 और अति कुपोषित बच्चे 745
- - जिले की 28 गोआश्रय स्थलों में संरक्षित 1333 में से 14 गाय ही दुधारू
- - सिर्फ 25 गाय गर्भित, पशु चिकित्सा विभाग करा रहा गायों का सर्वे
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इस सर्वे में गोशालाओं में इस वक्त 25 गोवंश गर्भित है, जबकि मात्र 14 दुधारू गाय ही मिली है। जिले में 745 अति कुपोषित बच्चे हैं। यानि बच्चों की संख्या के सापेक्ष लगभग चार फीसदी ही दुधारू गाय है। इससे बच्चों की सेेहत का सुधार करना मुश्किल है।
गोआश्रय स्थल एवं गोवंश की संख्या
कुल गो आश्रय स्थल 28
संरक्षित कुल गोवंश 2877
संरक्षित कुल गोवंश (मादा) 1333
संरक्षित कुल गोवंश (नर) 1544
गर्भित गोवंश 25
दुधारू गोवंश 14
(आंकड़ा पशु पालन विभाग से लिया गया है )
ब्लॉक वार कुपोषित बच्चों की संख्या
खेकड़ा 89
पिलाना 139
ग्रामीण 162
छपरौली 112
बड़ौत 124
बिनौली 70
शहर 49
कुल 745
( यह डाटा जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय से लिया गया है )
जिले में विभाग की ओर से कराए गए सर्वे में 28 गोआश्रय स्थलों में 14 दुधारू व 25 गर्भित गोवंश मिले है। - हुकुम सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।
दुधारू और गर्भित गायों की सूची तैयार कराई जा रही है। जिले में सर्वे कार्य जारी है। कुपोषित बच्चों के उन परिवारों की सूची भी तैयार होगी, जो गाय लेने के इच्छुक है। जो गाय परिवारों को पसंद आएगी, उसे जनप्रतिनिधियों के माध्यम से इच्छुक परिवारों तक पहुंचाया जाएगा। - शकुंतला गौतम, डीएम।