बागपत: हाईवे निर्माण की जद में आए मकान और धार्मिक स्थल ढहाए, हंगामा
- दिल्ली-सहारनपुर हाईवे निर्माण के लिए काठा गांव और नंगला बहलोलपुर में की गई कार्रवाई
- ग्रामीणों ने गलत पैमाइश करने का आरोप लगाया
- सर्किल रेट से तीन गुना मांगा मुआवजा, मगर पुलिस-प्रशासन ने एक नहीं सुनी
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उत्तर प्रदेश के बागपत में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे के निर्माण की जद में आए काठा गांव के पांच घरों, मंदिर और नंगला बहलोलपुर के मंदिर और मजार को गुरुवार को जेसीबी से ढहा दिया गया। ग्रामीणों ने विरोध किया तो सीओ सदर के साथ पुलिस और पीएसी ने उन्हें शांत करा दिया।
गांव काठा में मकान मालिकों ने विरोध किया और गलत पैमाइश का आरोप लगाया। उन्होंने सर्किल रेट से तीन गुना मुआवजा दिए जाने की मांग रखी। कई घंटे तक ग्रामीणों ने विरोध किया, लेकिन पुलिस-प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करके ही दम लिया।
निर्माणाधीन दिल्ली-सहारनपुर हाईवे के चौड़ीकरण के लिए काठा गांव में पांच घरों को चिन्हित किया गया था। परिवार अधिग्रहण का विरोध कर रहे थे। एनएचएआई के अधिकारियों ने विरोध की जानकारी प्रशासन को दी थी। गुरुवार को सीओ सदर ओमपाल सिंह, तहसीलदार खेकड़ा यदुवंश के नेतृत्व में बागपत, सिंघावली अहीर, बालैनी थाने की पुलिस और पीएसी काठा गांव पहुंची। चिन्हित घरों के लोगों से कब्जा हटाने के लिए कहा गया।
पुलिस-प्रशासन की टीम का लोगों ने विरोध कर दिया। इस दौरान पुलिस से नोकझोंक भी हुई। एनएचएआई के अधिकारियों ने दोबारा पैमाइश कराई, लेकिन निशान नहीं बदला। इसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए जेसीबी से चिन्हित मकानों के अधिगृहीत हिस्सों को ढहा दिया। नंगला बहलोलपुर में शिव मंदिर और मजार और काठा गांव के दुर्गा मंदिर का जो हिस्सा हाईवे के निर्माण में आड़े आ रहा था, उसे भी ढहा दिया गया।
छह घंटे चला अभियान
काठा और नंगला बहलोलपुर में छह घंटे तक पैमाइश और चिन्हित किए मकानों और अन्य स्थानों को गिराने का अभियान चलाया गया। इस बीच सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
हाईकोर्ट से मांगेंगे इंसाफ : जोगेंद्र शर्मा
काठा गांव निवासी जोगेंद्र शर्मा, शिवचरण शर्मा, छोटेलाल शर्मा, सुशील कुमार शर्मा, जगमोहन शर्मा, ब्रह्मपाल समेत अन्य लोगों ने कहा कि उनके घर 1936 से आबादी क्षेत्र में दर्ज हैं। गलत तरीके से उनके मकानों को ढहाया गया है। हाईकोर्ट तक वह लड़ाई लड़ेंगे। एनएचएआई ने पुलिस और पीएसी बुलाकर गलत तरीके से उनके घर ढहा दिए हैं।
सिविल कोर्ट में प्रकरण, नोटिस नहीं भेजा
काठा के जोगेंद्र शर्मा का कहना है कि पूरा प्रकरण सिविल कोर्ट में विचाराधीन है। एनएचएआई ने कार्रवाई से पहले परिवारों को नोटिस या अन्य कोई जानकारी नहीं दी। सभी परिवारों को लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है।
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