यूपी की जमीन पर फसल बो रहे हरियाणा के किसान, एसडीएम से की कार्रवाई की मांग
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भाजपा नेता एवं जिला पंचायत सदस्य अनुज चौहान के नेतृत्व में हरियाणा के सीमावर्ती गांव मवीं के किसान शिवकुमार, पवन कुमार, ऋषिपाल आदि ने तहसील कार्यालय पहुंचकर एसडीएम से मुलाकात की। किसानों ने बताया कि यमुना की धारा बदलने के कारण उनकी लगभग 2250 बीघा जमीन यमुना के उस पार चली गई। इस पर हरियाणा के गांव रीशपुर के लोगों ने अवैध कब्जा करके फसल बो रखी है। नतीजतन उनके परिवार के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
वर्ष1976 में दीक्षित अवार्ड के तहत यमुना की मध्य धारा को दोनों प्रदेशों की सीमा माना गया था। पिछले दिनों सीमा पर विवादित 825 बीघा फसल को कैराना प्रशासन ने यूपी की भूमि मानते हुए कुर्क कर लिया था, लेकिन इसके बावजूद भी हरियाणा के किसान यूपी प्रशासन द्वारा कुर्क की गई फसल को रातों रात काट कर ले गए थे। इसमें हलका लेखपाल की और से हरियाणा के 26 किसानों पर चोरी का मुकदमा भी दर्ज हैं, लेकिन कैराना पुलिस किसी भी आरोपी को आजतक गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
आरोप है कि हरियाणा पुलिस अपने किसानों का साथ देती आई है। पिछले दिनों अपने खेतों से फसल काटने के दौरान जब उन पर हमला कर दिया गया था, तब घटनास्थल यूपी की सीमा का होने के कारण कैराना थाने में रीशपुर के 17 लोगों पर केस दर्ज हुआ था ,लेकिन वही उसी घटना में हरियाणा के सनौली थाने में भी यूपी के किसानों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हो गया था।
किसानों ने बताया कि वह विवाद के निस्तारण को हरियाणा के कमिश्नर और अन्य अधिकारियों से मिल चुके हैं। कई बार दोनों प्रदेशों के प्रशासनिक अधिकारियों की बैठकें भी हो चुकी हैं, लेकिन समाधान कुछ नहीं निकल पा रहा है। एसडीएम ने किसानों से कहा कि ये मामला कोर्ट में विचाराधीन है। निर्णय आने का इंतजार करें। प्रशासन कानूनी दायरे में रहकर उनकी हर संभव मदद करेगा।