Baghpat: औद्योगिक क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं बेहाल, 20 साल में फैक्टरियों में नहीं हुई पानी की सप्लाई, टंकी भी जर्जर
जिस कलक्ट्रेट में सभी बड़े अधिकारी बैठते हैं, उससे सटाकर बनाए औद्योगिक क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है। पानी कनेक्शन के लिए मिले दस-दस हजार रुपये लेकर भी दबा गए, उद्यमी परेशान हो रहे हैं। परतापुर औद्योगिक क्षेत्र की सडक़ें बदहाल पड़ी हैं। हर तरफ गंदगी का अंबार लगा है और दूषित पानी भरा रहता है।
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उत्तर प्रदेश के बागपत में जिस कलक्ट्रेट में सभी बड़े अधिकारी बैठते हैं, उससे सटाकर बनाए औद्योगिक क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है। यहां सडक़ें एवं नालियां टूटी हुई हैं। हालात ये हैं कि बीस साल पहले पानी की सप्लाई के लिए बनाई टंकी जर्जर हो चुकी है। फैक्टरी मालिकों के दस-दस हजार रुपये कनेक्शन के लिए जमा कराने के बावजूद आज तक पानी की सप्लाई नहीं मिल सकी है। औद्योगिक क्षेत्र में गंदगी का अंबार लगा है तथा भूखंडों में दूषित पानी भरा है।
सबमर्सिबल लगवाना पड़ा
फैक्टरी शुरू करने के दौरान दस हजार रुपये लेकर पानी का कनेक्शन लगाया गया। हालांकि आज तक फैक्टरी में पानी की आपूर्ति नहीं की गई। इसलिए जिन फैक्टरी में पानी की ज्यादा जरूरत है, उनको सबमर्सिबल लगवाना पड़ा। जिनको कम जरूरत है, वे आसपास से लेकर आते हैं। -अश्वनी शर्मा, महासचिव बागपत इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन
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झेलनी पड़ रही हैं परेशानी
औद्योगिक क्षेत्र की सडक़ें टूट चुकी हैं। यहां सडक़ों पर सैकड़ों वाहनों को खड़ा कर दिया जाता है। इससे उद्यमियों को परेशानी झेलनी पड़ती हैं। इन समस्याओं को कई बार उठाया जा चुका है। इसके बावजूद समाधान नहीं किया जा रहा है। -संजीव गोस्वामी, उपाध्यक्ष बागपत इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन
सफाई की व्यवस्था का अभाव
औद्योगिक क्षेत्र में गंदगी का अंबार लगा है। यहां सफाई की व्यवस्था नहीं है। फैक्टरी मालिक कई बार खुद अपने खर्च पर सफाई कराते हैं, लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं। नालियां भी टूटी पड़ी हैं। इससे दूषित पानी भरा रहता है। वह पानी उद्यमियों के भूखंड में भर जाता है। -लोकेश राजपूत, कोषाध्यक्ष बागपत इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन
मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रहीं
औद्योगिक क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं उद्यमियों को नहीं मिल रही हैं। अधिकारी दावे खूब करते हैं, लेकिन किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। अधिकारियों के पास चक्कर काटकर थक चुके हैं। अब लखनऊ में शिकायत करनी बाकी है। -अमितांशु अग्रवाल, उद्यमी
उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए उद्योग बंधु की बैठकें कराई जाती हैं। जहां समस्याएं आती हैं, उनको यूपीएसआईडीसी के अधिकारी के पास भेज देते हैं। जिससे उन समस्याओं का समाधान हो सके। यदि कोई समस्या है तो उनका समाधान कराया जाएगा। -अर्चना तिवारी, उपायुक्त उद्योग