यूपी: बीएसए के स्टेनो को रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा, बरामद हुए इतने हजार रुपए
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कार्यरत स्टेनो को एंटी करप्शन मेरठ की टीम ने पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। स्टेनो ने प्राथमिक विद्यालय नंबर एक छपरौली के सहायक शिक्षक सोमित बिश्नोई से गैरहाजिरी काटने के नाम पर रिश्वत ली। एंटी करप्शन टीम ने स्टेनो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। मामला यूपी के बागपत जनपद का है।
बड़ौत की आवास विकास कॉलोनी निवासी सोमित बिश्नोई पुत्र रामपाल ने बताया कि वह प्राथमिक विद्यालय नंबर एक छपरौली में सहायक अध्यापक है। पिछले माह 16 नवंबर को बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव रंजन मिश्र ने विद्यालय का निरीक्षण किया। वह विभागीय काम से दूसरे विद्यालय में गए हुए थे। बीएसए ने अनुपस्थिति लगा दी। इस पर बीएसए के स्टेनो विनोद मसीह ने अनुपस्थिति कटवाने के नाम पर उससे 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। उसने दो दिन पहले एंटी करप्शन विभाग मेरठ में रिश्वत मांगने की शिकायत की। मंगलवार को इंस्पेक्टर अरविंद कुमार शर्मा के नेतृत्व में एंटी करप्शन टीम बागपत पहुंची। पीड़ित शिक्षक सोमित बिश्नोई भी टीम के साथ थे। टीम ने शिक्षक को पाउडर लगाकर पांच हजार रुपये दिए। शिक्षक ने बीएसए के स्टेनो विनोद मसीह को विकास भवन के गेट के बाहर बुलाया और रिश्वत के पांच हजार रुपये उसे दे दिए। एंटी करप्शन टीम ने स्टेनो को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया।
इसके बाद टीम आरोपी को बागपत कोतवाली ले गई। टीम ने बरामद पांच हजार रुपये को सील कर दिया। इंस्पेक्टर अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि स्टेनो को रिश्वत लेते पकड़ा है। उसने शिक्षक से रिश्वत ली। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
तीसरी बार जाल में फंसा विनोद
एंटी करप्शन टीम के प्रभारी अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि बीएसए के स्टेनो विनोद मसीह की काफी समय से रिश्वत लेने की शिकायत मिल रही थी। दो बार पहले भी छापा लगाया, लेकिन वह हाथ नहीं लग सका। दो मामलों में उसकी जांच चल रही है। मंगलवार को स्टेनो टीम की ओर से बिछाए जाल में फंस गया।
पीड़ित बोला, शिक्षकों को परेशान करता था आरोपी
शिक्षक सोमित बिश्नोई ने बताया कि स्टेनो विनोद मसीह से जिले के शिक्षक परेशान थे। वह बीएसए के नाम पर शिक्षकों से 10 हजार से लेकर दो लाख रुपये तक रिश्वत वसूलता था। रिश्वत न देने पर शिक्षकों को परेशान करता था। स्टेनो के रिश्वत लेते पकड़े जाने पर शिक्षक काफी खुश है।
पानी गुलाबी होते ही खुल गई पोल
एंटी करप्शन टीम ने जैसे ही विनोद के हाथ पानी से धुलवाए तो रंग गुलाबी हो गया। इससे रिश्वत लेने की बात पुष्ट हुई। लंबे समय से शिक्षक बीएसए कार्यालय की शिकायतें अधिकारियों से कर रहे थे, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। एंटी करप्शन टीम का जैसे ही छापा लगा तो हकीकत सबके सामने आ गई।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/