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'बद्दो' फरारी मामला: पुलिसकर्मियों को फिर भेजा जेल, ग्यारह आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित
Tue, 02 Apr 2019 05:39 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Tue, 02 Apr 2019 05:39 PM IST
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मेरठ कचहरी में पेशी पर आए बदन सिंह बद्दो को भगाने में शामिल आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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कुख्यात बदन सिंह बद्दो को फरार कराने वाले फर्रुखाबाद के छह पुलिसकर्मियों और तीन आरोपियों पर कमजोर अनुच्छेद लगाकर जेल भेजकर मेरठ पुलिस ने फजीहत कराई। अदालत की फटकार के बाद पुलिस ने अनुच्छेद बढ़ाकर 48 घंटे बाद आरोपियों को फिर से जेल भेजा। वहीं इस मामले में शामिल सभी ग्यारह आरोपियों पर एसएसपी मेरठ नितिन तिवारी ने मंगलवार को 25 25 हजार का इनाम घोषित किया है।
28 मार्च को बददो दिल्ली रोड स्थित मुकुट महल होटल से फरार हुआ था। पुलिस ने फर्रुखाबाद जिले के छह पुलिसकर्मियों देशराज त्यागी, संतोष कुमार, सुनील कुमार, राजकुमार, ओमवीर, भूपेंद्र सिंह और बद्दो के तीन साथियों एहतेशाम, जवाहर लाल व शिशुपाल को मौके से गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने कमजोर अनुच्छेद लगाकर उनको कोर्ट में पेश किया था। जिस पर कोर्ट ने उनको जमानत दी। शनिवार को जमानती पेशी कर सभी पुलिस वाले छूट गए। जवाहर लाल शुक्रवार को रिहा हो गया था। इस मामले में पुलिस की खूब किरकिरी हुई वहीं कोर्ट ने ब्रह्मपुरी पुलिस को फटकार भी लगाई।
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इसके बाद थाना पुलिस ने अनुच्छेद 222 और 225 आईपीसी का इजाफा किया। जिस पर कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई की। कोर्ट के आदेश पर छह पुलिसकर्मियों को स्पेशल सीजेएम रामलाल की कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उनको न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।
बताया गया कि बद्दो को उम्रकैद हो चुकी है। इसे देखते इन अनुच्छेद में संशोधन हुआ है। शुरुआत में कमजोर अनुच्छेद लगाने के मामले में पुलिस पर भी आरोप लगे हैं जिसको लेकर पुलिस की फजीहत हुई है।
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28 मार्च को बददो दिल्ली रोड स्थित मुकुट महल होटल से फरार हुआ था। पुलिस ने फर्रुखाबाद जिले के छह पुलिसकर्मियों देशराज त्यागी, संतोष कुमार, सुनील कुमार, राजकुमार, ओमवीर, भूपेंद्र सिंह और बद्दो के तीन साथियों एहतेशाम, जवाहर लाल व शिशुपाल को मौके से गिरफ्तार किया था।
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पुलिस ने कमजोर अनुच्छेद लगाकर उनको कोर्ट में पेश किया था। जिस पर कोर्ट ने उनको जमानत दी। शनिवार को जमानती पेशी कर सभी पुलिस वाले छूट गए। जवाहर लाल शुक्रवार को रिहा हो गया था। इस मामले में पुलिस की खूब किरकिरी हुई वहीं कोर्ट ने ब्रह्मपुरी पुलिस को फटकार भी लगाई।
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इसके बाद थाना पुलिस ने अनुच्छेद 222 और 225 आईपीसी का इजाफा किया। जिस पर कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई की। कोर्ट के आदेश पर छह पुलिसकर्मियों को स्पेशल सीजेएम रामलाल की कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उनको न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।
बताया गया कि बद्दो को उम्रकैद हो चुकी है। इसे देखते इन अनुच्छेद में संशोधन हुआ है। शुरुआत में कमजोर अनुच्छेद लगाने के मामले में पुलिस पर भी आरोप लगे हैं जिसको लेकर पुलिस की फजीहत हुई है।
असलहा लेने आई थी पुलिस
इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी रघुराज सिंह के मुताबिक फर्रुखाबाद पुलिस आरोपी पुलिसकर्मियों के जमा सरकारी असलहे लेने के लिए रविवार को मेरठ आई थी। इस कारण पुलिस ने सभी पुलिसकर्मियों को मेरठ ही रोक लिया था। सोमवार को बढ़ाई गई धारा में निर्णय होगा, इसकी जानकारी पुलिस को पहले से थी। सोमवार को पुलिस ने फिर से छह पुलिसकर्मियों को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उनको दोबारा जेल भेजा। चर्चा कि बद्दो को फरार कराने वाले पुलिसकर्मियों को दो दिन से मेरठ पुलिस ने होटल में रुकने का इंतजाम कराया था।
उम्र कैद की सजा पा चुके शातिर बदन सिंह बद्दो को पुलिस कस्टडी से फरार कराने में मेरठ के एक फाइनेंसर समेत दो लोगों की भूमिका रही है। होटल मुकुट महल से काले रंग की सेंट्रो में बद्दो भागा था और कुछ दूरी पर उसे दूसरी गाड़ी में बैठाया गया था। दूसरी लग्जरी गाड़ी में पंजाब के बदमाश थे। पुलिस की जांच में यह सामने आया है। पुलिस ने फाइनेंसर की तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार होटल मुकुट महल में बद्दो से मुलाकात करने में पपीत बढ़ला, लल्लू मक्कड़, सोनू सहगल, एहतेशाम, जवाहरलाल, शिशुपाल समेत एक दर्जन से अधिक लोग थे। करीब आधे घंटे मीटिंग चली। शराब पी और खाना भी खाया गया। पुलिसकर्मियों के नशे में होते ही बद्दो एहतेशाम के मोबाइल से बात करते होटल से बाहर आया। जहां काले रंग की सेंट्रो में मेरठ का एक फाइनेंसर समेत दो लोग पहले से बैठे थे।
दोनों लोग बद्दो को लेकर वहां से निकले। कुछ दूरी पर एक लग्जरी गाड़ी थी, जिसमें पंजाब के बदमाशों के होने की बात सामने आई। इसको खुलासा मौके से पकड़े आरोपियों ने पूछताछ में किया है। बद्दो को भगाने में इन लोगों की भूमिका है या नहीं, इसका खुलासा गिरफ्तारी के बाद होगा। पुलिस कहती है कि बद्दो को भागना है, इसकी जानकारी सबको थी। होटल मालिक ने सीसीटीवी कैमरे तक बंद करा दिए थे।
इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी रघुराज सिंह के मुताबिक फर्रुखाबाद पुलिस आरोपी पुलिसकर्मियों के जमा सरकारी असलहे लेने के लिए रविवार को मेरठ आई थी। इस कारण पुलिस ने सभी पुलिसकर्मियों को मेरठ ही रोक लिया था। सोमवार को बढ़ाई गई धारा में निर्णय होगा, इसकी जानकारी पुलिस को पहले से थी। सोमवार को पुलिस ने फिर से छह पुलिसकर्मियों को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उनको दोबारा जेल भेजा। चर्चा कि बद्दो को फरार कराने वाले पुलिसकर्मियों को दो दिन से मेरठ पुलिस ने होटल में रुकने का इंतजाम कराया था।
उम्र कैद की सजा पा चुके शातिर बदन सिंह बद्दो को पुलिस कस्टडी से फरार कराने में मेरठ के एक फाइनेंसर समेत दो लोगों की भूमिका रही है। होटल मुकुट महल से काले रंग की सेंट्रो में बद्दो भागा था और कुछ दूरी पर उसे दूसरी गाड़ी में बैठाया गया था। दूसरी लग्जरी गाड़ी में पंजाब के बदमाश थे। पुलिस की जांच में यह सामने आया है। पुलिस ने फाइनेंसर की तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार होटल मुकुट महल में बद्दो से मुलाकात करने में पपीत बढ़ला, लल्लू मक्कड़, सोनू सहगल, एहतेशाम, जवाहरलाल, शिशुपाल समेत एक दर्जन से अधिक लोग थे। करीब आधे घंटे मीटिंग चली। शराब पी और खाना भी खाया गया। पुलिसकर्मियों के नशे में होते ही बद्दो एहतेशाम के मोबाइल से बात करते होटल से बाहर आया। जहां काले रंग की सेंट्रो में मेरठ का एक फाइनेंसर समेत दो लोग पहले से बैठे थे।
दोनों लोग बद्दो को लेकर वहां से निकले। कुछ दूरी पर एक लग्जरी गाड़ी थी, जिसमें पंजाब के बदमाशों के होने की बात सामने आई। इसको खुलासा मौके से पकड़े आरोपियों ने पूछताछ में किया है। बद्दो को भगाने में इन लोगों की भूमिका है या नहीं, इसका खुलासा गिरफ्तारी के बाद होगा। पुलिस कहती है कि बद्दो को भागना है, इसकी जानकारी सबको थी। होटल मालिक ने सीसीटीवी कैमरे तक बंद करा दिए थे।
जिला और सेंट्रल जेल के 14 बंदी चिह्नित
फर्रुखाबाद सेंट्रल जेल के कैदी बदन सिंह उर्फ बद्दो के फरार होने के बाद गैर जनपद पेशी पर जाने वाले कैदी चिह्नित कर लिए गए। इसमें जिला जेल के छह व सेंट्रल जेल के आठ बंदियों को पेशी पर ले जाने के दौरान विशेष नजर रखने के आदेश दिए गए हैं। इसके बाद से अपराधी के साथ कई बार पेशी पर जाने वाले पुलिस कर्मियों को भी रडार पर रखा गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मेरठ स्थित होटल से भागने के बाद बदन सिंह अपने हथियारबंद गुर्गों के साथ दिल्ली गया। उसके पुत्र सिकंदर के भी साथ होने की पुष्टि हुई है।
फाइनेंसर मुकदमे में नहीं
बद्दो की फरारी के बाद से फाइनेंसर भी फरार है। उसका नाम अभी पुलिस ने मुकदमे में नहीं लिया है। पुलिस ने बताया कि जांच में फाइनेंसर समेत दो लोगों के नाम आए हैं। जिसकी तलाश में दबिश जारी है, लेकिन कोई हत्थे नहीं चढ़ा।
गैंगवार भी हो सकती है
बद्दो के भागने और सुशील मूंछ का तुरंत सरेंडर होना एक ही प्लानिंग के तहत बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि दोनों की प्लानिंग के पीछे वेस्ट यूपी में बड़ी गैंगवार के संकेत है। पुलिस ने सुशील मूंछ से जेल में जाकर पूछताछ की, लेकिन वह कुछ बताने को तैयार नहीं।
फर्रुखाबाद सेंट्रल जेल के कैदी बदन सिंह उर्फ बद्दो के फरार होने के बाद गैर जनपद पेशी पर जाने वाले कैदी चिह्नित कर लिए गए। इसमें जिला जेल के छह व सेंट्रल जेल के आठ बंदियों को पेशी पर ले जाने के दौरान विशेष नजर रखने के आदेश दिए गए हैं। इसके बाद से अपराधी के साथ कई बार पेशी पर जाने वाले पुलिस कर्मियों को भी रडार पर रखा गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मेरठ स्थित होटल से भागने के बाद बदन सिंह अपने हथियारबंद गुर्गों के साथ दिल्ली गया। उसके पुत्र सिकंदर के भी साथ होने की पुष्टि हुई है।
फाइनेंसर मुकदमे में नहीं
बद्दो की फरारी के बाद से फाइनेंसर भी फरार है। उसका नाम अभी पुलिस ने मुकदमे में नहीं लिया है। पुलिस ने बताया कि जांच में फाइनेंसर समेत दो लोगों के नाम आए हैं। जिसकी तलाश में दबिश जारी है, लेकिन कोई हत्थे नहीं चढ़ा।
गैंगवार भी हो सकती है
बद्दो के भागने और सुशील मूंछ का तुरंत सरेंडर होना एक ही प्लानिंग के तहत बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि दोनों की प्लानिंग के पीछे वेस्ट यूपी में बड़ी गैंगवार के संकेत है। पुलिस ने सुशील मूंछ से जेल में जाकर पूछताछ की, लेकिन वह कुछ बताने को तैयार नहीं।
हवा में पुलिस के तीर
बद्दो कहां भागा है, इसकी कोई जानकारी अभी पुलिस को नहीं लगी है। पुलिस अधिकारी दावा कर रहे हैं कि एसटीएफ, क्राइम ब्रांच समेत कई पुलिस टीमें बद्दो की तलाश में लगी है। लेकिन कहीं से कोई सुराग पुलिस को नहीं मिल रहा। पुलिस अभी हवा में तीर चला रही है।
वांछित हुआ जवाहरलाल
जमानत मिलने के बाद आरोपी जवाहरलाल उर्फ पिंकू जमानती पेश कर शुक्रवार को ही रिहा हो गया था। जबकि दो आरोपी एहतेशाम और शिशुपाल जेल चले गए थे। सोमवार को धारा बढ़ाकर कोर्ट ने सुनवाई की। जिसमें पुलिस रिहा हुए जवाहरलाल को पेश नहीं कर पाई। जिसके बाद पुलिस ने उसको वांछित बनाया है।
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बद्दो कहां भागा है, इसकी कोई जानकारी अभी पुलिस को नहीं लगी है। पुलिस अधिकारी दावा कर रहे हैं कि एसटीएफ, क्राइम ब्रांच समेत कई पुलिस टीमें बद्दो की तलाश में लगी है। लेकिन कहीं से कोई सुराग पुलिस को नहीं मिल रहा। पुलिस अभी हवा में तीर चला रही है।
वांछित हुआ जवाहरलाल
जमानत मिलने के बाद आरोपी जवाहरलाल उर्फ पिंकू जमानती पेश कर शुक्रवार को ही रिहा हो गया था। जबकि दो आरोपी एहतेशाम और शिशुपाल जेल चले गए थे। सोमवार को धारा बढ़ाकर कोर्ट ने सुनवाई की। जिसमें पुलिस रिहा हुए जवाहरलाल को पेश नहीं कर पाई। जिसके बाद पुलिस ने उसको वांछित बनाया है।
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