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निगम बोर्ड बैठक में बजट पास, बढ़ा नामांतरण शुल्क निरस्त
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नगर निगम का बजट पास, बढ़ा नामांतरण शुल्क निरस्त
मेरठ। नगर निगम बोर्ड की बैठक में वित्त वर्ष 2021-22 के मूल बजट (670 करोड़ 94 लाख 84 हजार रुपये) को पास करने के साथ पूर्व में बढ़ाए गए संपत्ति नामांतरण शुल्क को निरस्त कर दिया। बाद में पेश संशोधित नामांतरण शुल्क प्रस्ताव का महापौर खेमे के पार्षदों ने समर्थन किया लेकिन भाजपाइयों ने विरोध जताया। अब इस प्रस्ताव पर अगली बोर्ड बैठक में विचार होगा। इस बीच शहरवासियों को आवारा कुत्तों से निजात दिलाने के लिए 50 लाख रुपये का बजट आम राय से पास कर दिया गया।
बृहस्पतिवार को महापौर सुनीता वर्मा की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक की शुरूआत में भाजपा पार्षद पूनम गुप्ता के पति सतेंद्र गुप्ता के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। इसके बाद वंदे मातरम के साथ बैठक की कार्यवाही शुरू हुई। पार्षद ललित नागदेव ने शहर में आवारा कुत्तों के आतंक का मुद्दा उठाया। पार्षदों ने हंगामा करते हुए आरोप लगाया कि अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। नगर आयुक्त ने बताया कि कुत्तों की नसबंदी और एंटी रैबीज कार्यक्रम के लिए 35 लाख रुपये का टेंडर छोड़ा गया है। इससे शंकर नगर में बने शेल्टर होम में प्री-ओटी और ओटी का निर्माण किया जाएगा। पार्षदों ने समस्या को खत्म करने के लिए 50 लाख रुपये का बजट पास कर दिया।
पार्षद अब्दुल गफ्फार ने नाला-नाली पर पक्का निर्माण करने वालों पर हर महीने एक हजार रुपये का फोटोयुक्त चालान करने, नालियों में गोबर बहाने वाली डेयरियों पर हर महीने पांच हजार रुपये का चालान करने, निगम क्षेत्र में सड़क किनारे छोटे बड़े चार पहिया वाहन खड़े करने पर 500 रुपये प्रतिदिन चालान करने और खुले में मलबा, निर्माण सामग्री डालने पर एक हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से चालान करने की मांग की।
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उपाध्यक्ष रंजन शर्मा ने रोड कटिंग, संपत्तियों पर अवैध कब्जे, हैंडलूम की दुकानें बेचे जाने के मामले उठाए। अनुज वशिष्ठ ने बंदर पकड़ने, धर्मवीर सिंह ने गृहकर लक्ष्य पूरा करने के लिए कार्ययोजना के बारे में पूछा तो विक्रांत ढाका ने वार्डवार कैंप लगाकर गृहकर वसूली नहीं करने के आरोप लगाए। पवन चौधरी ने गृहकर अनुभाग कर्मियों पर ज्यादा गृहकर बिल भेजकर अवैध वसूली का मामला उठाया। विपिन जिलंद ने नाला सफाई के नाम पर डीजल में बड़ा खेल होने की बात कही। नीरज सिंह ने सभी वार्डों में एक समान सफाई कर्मचारी लगाने की मांग की।
ललित ने 14वें वित्त आयोग से जल निगम को दिए गए 500 करोड़ रुपये का हिसाब सदन को दिलाने, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में घोटाला पकड़े जाने पर भी डिफॉल्टर फर्म को हर तिमाही 81 लाख रुपये का भुगतान करने, प्लांट की लैब खराब होने के बाद शहरवासियों को बिना टेस्टिंग के पानी पिलाने, रोड कटिंग की फाइलें सदन के पटल पर रखने आदि की मांग उठाई। सविता गुर्जर, शिखा सिंघल, महेंद्र भारती, इकरामुद्दीन, स्वाति बंसल ने भी अपने वार्डों की समस्याएं रखी।
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संशोधित नामांतरण शुल्क पर चर्चा अगली बैठक में
संशोधित नामांतरण शुल्क के प्रस्ताव को अगली बैठक में रखने पर सहमति बनी है। सदस्यों ने जो मुद्दे उठाए हैं, उन पर कार्रवाई करने को कहा गया है।
- सुनीता वर्मा, महापौर नगर निगम मेरठ
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भ्रष्टाचार के मामलों की जांच कराई जाएगी
बोर्ड बैठक में 67094.84 लाख रुपये का बजट पास हो गया है। सदस्यों की ओर से उठाए गए भ्रष्टाचार के मामलों की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
- मनीष बंसल, नगर आयुक्त
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-----दूसरी खबर-----
आय बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर फिर से आड़े आए भाजपाई
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। नगर निगम पर आय नहीं बढ़ाने का ठीकरा फोड़ने वाले भाजपा पार्षदों ने ही नगर निगम बोर्ड बैठक में नगर आयुक्त द्वारा रखे गए संशोधित संपित्त नामांतरण शुल्क प्रस्ताव का जमकर विरोध किया। भाजपा पार्षद दल के नेता विपिन जिंदल और कार्यकारिणी सदस्य ललित नागदेव के साथ भाजपा पार्षदों ने कोरोना के चलते पहले से हालत खराब होने की वजह बताते हुए जनता पर बोझ नहीं डालने की बात कही। नगर आयुक्त मनीष बंसल ने कहा कि कानपुर और लखनऊ में संपत्ति की कीमत के आधार पर नामांतरण शुल्क वसूला जा रहा है। उन्होंने बताया कि नगर निगम को एकमुश्त 500 रुपये नामांतरण शुल्क से निगम को 18 लाख रुपये की आय हुई थी, वहीं बढ़ाए गए नामांतरण शुल्क से निगम को 1.57 करोड़ रुपये मिले हैं। संशोधित नामांतरण शुल्क का प्रस्ताव लागू होने पर निगम को 10 करोड़ रुपये की आय होने की संभावना है। महापौर खेमे ने इसका समर्थन किया, जिस पर भाजपाइयों ने कहा कि जो पार्षद इसका समर्थन कर रहे हैं, उनके वार्ड में इसे पहले लागू कराया जाए। कार्यकारिणी सदस्य अब्दुल गफ्फार ने इस पर मतदान कराने की मांग की। इसके बाद भाजपाइयों ने प्रस्ताव पर विचार करने का समय देने और अगली बैठक में रखने की बात कही। काफी हंगामे के बाद प्रस्ताव को अगली बैठक में रखने पर सहमति बनी।
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नाराज महापौर ने रुहेला से कहा- हिम्मत है तो हटाकर दिखाओ
भाजपा पार्षद राजेश रुहेला ने संपत्ति नामांतरण शुल्क बढ़ोतरी मामले में महापौर सुनीता वर्मा पर सदन की अनुमति बिना प्रस्ताव पास दिखाने के आरोप लगाते हुए कह दिया कि इस पद की गरिमा है। महापौर ने पद की गरिमा खत्म की है। सुनवाई नहीं हुई तो कुर्सी से हटा दिया जाएगा। इस पर महापौर खफा हो गईं। उन्होंने रुहेला से कहा कि उन्हें जनता ने चुना है। हिम्मत है तो हटाकर दिखाओ। इसी दौरान दोनों तरफ के पार्षद वेल के आगे आकर भिड़ने को तैयार हो गए। नाराज महापौर ने कहा कि जब तक रुहेला माफी नहीं मांगेगा, सदन की कार्यवाही नहीं चलेगी। इसके बाद भाजपा पार्षद दल नेता विपिन जिंदल और ललित नागदेव आदि ने राजेश रुहेला को बैठने को कहा और महापौर से कार्यवाही शुरू करने की अपील की। इसके बाद कार्यवाही आगे बढ़ी।
-------फोटो हो तो जरूर लगाएं------
ज्यादातर पार्षदों ने न दूरी रखी, न ही मास्क लगाया
बैठक में पार्षदों ने सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई। न दो गज की दूरी दिखी और न ही मास्क की अनिवार्यता। बैठक के बीच में ही चाय-नाश्ता चलता रहा। लंच पर भी दूरी नहीं बनाई जा सकी। खाना लेने में भी अफरातफरी रही। कुछ ही पार्षदों ने पूरे समय मास्क लगाए रखा। यह हाल तब था, जब निगम की ओर से सेनिटाइजर स्प्रे, थर्मल स्कैनर के साथ ही मास्क का इंतजाम किया गया था।
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विपक्ष ने खारिज की ललित की मांग
ललित नागदेव ने मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस वे की सौगात मिलने पर नगर निगम से पीएम, सड़क एवं परिवहन मंत्री के साथ ही सांसद राजेंद्र अग्रवाल का आभार प्रकट करने की मांग रखी। भाजपा सदस्यों ने इसका समर्थन किया लेकिन विपक्ष ने सदन का मुददा नहीं होने की बात कहकर इस खारिज कर दिया।
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मेरठ। नगर निगम बोर्ड की बैठक में वित्त वर्ष 2021-22 के मूल बजट (670 करोड़ 94 लाख 84 हजार रुपये) को पास करने के साथ पूर्व में बढ़ाए गए संपत्ति नामांतरण शुल्क को निरस्त कर दिया। बाद में पेश संशोधित नामांतरण शुल्क प्रस्ताव का महापौर खेमे के पार्षदों ने समर्थन किया लेकिन भाजपाइयों ने विरोध जताया। अब इस प्रस्ताव पर अगली बोर्ड बैठक में विचार होगा। इस बीच शहरवासियों को आवारा कुत्तों से निजात दिलाने के लिए 50 लाख रुपये का बजट आम राय से पास कर दिया गया।
बृहस्पतिवार को महापौर सुनीता वर्मा की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक की शुरूआत में भाजपा पार्षद पूनम गुप्ता के पति सतेंद्र गुप्ता के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। इसके बाद वंदे मातरम के साथ बैठक की कार्यवाही शुरू हुई। पार्षद ललित नागदेव ने शहर में आवारा कुत्तों के आतंक का मुद्दा उठाया। पार्षदों ने हंगामा करते हुए आरोप लगाया कि अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। नगर आयुक्त ने बताया कि कुत्तों की नसबंदी और एंटी रैबीज कार्यक्रम के लिए 35 लाख रुपये का टेंडर छोड़ा गया है। इससे शंकर नगर में बने शेल्टर होम में प्री-ओटी और ओटी का निर्माण किया जाएगा। पार्षदों ने समस्या को खत्म करने के लिए 50 लाख रुपये का बजट पास कर दिया।
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पार्षद अब्दुल गफ्फार ने नाला-नाली पर पक्का निर्माण करने वालों पर हर महीने एक हजार रुपये का फोटोयुक्त चालान करने, नालियों में गोबर बहाने वाली डेयरियों पर हर महीने पांच हजार रुपये का चालान करने, निगम क्षेत्र में सड़क किनारे छोटे बड़े चार पहिया वाहन खड़े करने पर 500 रुपये प्रतिदिन चालान करने और खुले में मलबा, निर्माण सामग्री डालने पर एक हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से चालान करने की मांग की।
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उपाध्यक्ष रंजन शर्मा ने रोड कटिंग, संपत्तियों पर अवैध कब्जे, हैंडलूम की दुकानें बेचे जाने के मामले उठाए। अनुज वशिष्ठ ने बंदर पकड़ने, धर्मवीर सिंह ने गृहकर लक्ष्य पूरा करने के लिए कार्ययोजना के बारे में पूछा तो विक्रांत ढाका ने वार्डवार कैंप लगाकर गृहकर वसूली नहीं करने के आरोप लगाए। पवन चौधरी ने गृहकर अनुभाग कर्मियों पर ज्यादा गृहकर बिल भेजकर अवैध वसूली का मामला उठाया। विपिन जिलंद ने नाला सफाई के नाम पर डीजल में बड़ा खेल होने की बात कही। नीरज सिंह ने सभी वार्डों में एक समान सफाई कर्मचारी लगाने की मांग की।
ललित ने 14वें वित्त आयोग से जल निगम को दिए गए 500 करोड़ रुपये का हिसाब सदन को दिलाने, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में घोटाला पकड़े जाने पर भी डिफॉल्टर फर्म को हर तिमाही 81 लाख रुपये का भुगतान करने, प्लांट की लैब खराब होने के बाद शहरवासियों को बिना टेस्टिंग के पानी पिलाने, रोड कटिंग की फाइलें सदन के पटल पर रखने आदि की मांग उठाई। सविता गुर्जर, शिखा सिंघल, महेंद्र भारती, इकरामुद्दीन, स्वाति बंसल ने भी अपने वार्डों की समस्याएं रखी।
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संशोधित नामांतरण शुल्क पर चर्चा अगली बैठक में
संशोधित नामांतरण शुल्क के प्रस्ताव को अगली बैठक में रखने पर सहमति बनी है। सदस्यों ने जो मुद्दे उठाए हैं, उन पर कार्रवाई करने को कहा गया है।
- सुनीता वर्मा, महापौर नगर निगम मेरठ
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भ्रष्टाचार के मामलों की जांच कराई जाएगी
बोर्ड बैठक में 67094.84 लाख रुपये का बजट पास हो गया है। सदस्यों की ओर से उठाए गए भ्रष्टाचार के मामलों की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
- मनीष बंसल, नगर आयुक्त
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आय बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर फिर से आड़े आए भाजपाई
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। नगर निगम पर आय नहीं बढ़ाने का ठीकरा फोड़ने वाले भाजपा पार्षदों ने ही नगर निगम बोर्ड बैठक में नगर आयुक्त द्वारा रखे गए संशोधित संपित्त नामांतरण शुल्क प्रस्ताव का जमकर विरोध किया। भाजपा पार्षद दल के नेता विपिन जिंदल और कार्यकारिणी सदस्य ललित नागदेव के साथ भाजपा पार्षदों ने कोरोना के चलते पहले से हालत खराब होने की वजह बताते हुए जनता पर बोझ नहीं डालने की बात कही। नगर आयुक्त मनीष बंसल ने कहा कि कानपुर और लखनऊ में संपत्ति की कीमत के आधार पर नामांतरण शुल्क वसूला जा रहा है। उन्होंने बताया कि नगर निगम को एकमुश्त 500 रुपये नामांतरण शुल्क से निगम को 18 लाख रुपये की आय हुई थी, वहीं बढ़ाए गए नामांतरण शुल्क से निगम को 1.57 करोड़ रुपये मिले हैं। संशोधित नामांतरण शुल्क का प्रस्ताव लागू होने पर निगम को 10 करोड़ रुपये की आय होने की संभावना है। महापौर खेमे ने इसका समर्थन किया, जिस पर भाजपाइयों ने कहा कि जो पार्षद इसका समर्थन कर रहे हैं, उनके वार्ड में इसे पहले लागू कराया जाए। कार्यकारिणी सदस्य अब्दुल गफ्फार ने इस पर मतदान कराने की मांग की। इसके बाद भाजपाइयों ने प्रस्ताव पर विचार करने का समय देने और अगली बैठक में रखने की बात कही। काफी हंगामे के बाद प्रस्ताव को अगली बैठक में रखने पर सहमति बनी।
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नाराज महापौर ने रुहेला से कहा- हिम्मत है तो हटाकर दिखाओ
भाजपा पार्षद राजेश रुहेला ने संपत्ति नामांतरण शुल्क बढ़ोतरी मामले में महापौर सुनीता वर्मा पर सदन की अनुमति बिना प्रस्ताव पास दिखाने के आरोप लगाते हुए कह दिया कि इस पद की गरिमा है। महापौर ने पद की गरिमा खत्म की है। सुनवाई नहीं हुई तो कुर्सी से हटा दिया जाएगा। इस पर महापौर खफा हो गईं। उन्होंने रुहेला से कहा कि उन्हें जनता ने चुना है। हिम्मत है तो हटाकर दिखाओ। इसी दौरान दोनों तरफ के पार्षद वेल के आगे आकर भिड़ने को तैयार हो गए। नाराज महापौर ने कहा कि जब तक रुहेला माफी नहीं मांगेगा, सदन की कार्यवाही नहीं चलेगी। इसके बाद भाजपा पार्षद दल नेता विपिन जिंदल और ललित नागदेव आदि ने राजेश रुहेला को बैठने को कहा और महापौर से कार्यवाही शुरू करने की अपील की। इसके बाद कार्यवाही आगे बढ़ी।
-------फोटो हो तो जरूर लगाएं------
ज्यादातर पार्षदों ने न दूरी रखी, न ही मास्क लगाया
बैठक में पार्षदों ने सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई। न दो गज की दूरी दिखी और न ही मास्क की अनिवार्यता। बैठक के बीच में ही चाय-नाश्ता चलता रहा। लंच पर भी दूरी नहीं बनाई जा सकी। खाना लेने में भी अफरातफरी रही। कुछ ही पार्षदों ने पूरे समय मास्क लगाए रखा। यह हाल तब था, जब निगम की ओर से सेनिटाइजर स्प्रे, थर्मल स्कैनर के साथ ही मास्क का इंतजाम किया गया था।
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विपक्ष ने खारिज की ललित की मांग
ललित नागदेव ने मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस वे की सौगात मिलने पर नगर निगम से पीएम, सड़क एवं परिवहन मंत्री के साथ ही सांसद राजेंद्र अग्रवाल का आभार प्रकट करने की मांग रखी। भाजपा सदस्यों ने इसका समर्थन किया लेकिन विपक्ष ने सदन का मुददा नहीं होने की बात कहकर इस खारिज कर दिया।