फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   bad result school grant will be stop

विद्यालयों की होगी पहचान, रोका जा सकता है अनुदान

Fri, 24 Jan 2020 02:15 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jan 2020 02:15 AM IST
विज्ञापन
bad result school grant will be stop
मेरठ। माध्यमिक शिक्षा परिषद के सहायता प्राप्त विद्यालयों पर अब शिकंजा कसा जाएगा। जिले के सभी सहायता प्राप्त स्कूलों को मिलने वाली धनराशि, स्कूलों में विद्यार्थियों-शिक्षकों की संख्या और रिजल्ट की तुलनात्मक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। जिन स्कूलों का प्रदर्शन बेहद खराब है, उनकी अलग सूची बनाकर चिह्नित किया जाएगा। ऐसे विद्यालयों की विशेष रूप से निगरानी की जाएगी। इसके बाद भी अगर रिजल्ट नहीं सुधरता है तो ऐसे स्कूलों का अनुदान बंद करने की कार्रवाई की जा सकती है।
विज्ञापन

ये निर्देश प्रमुख सचिव परिवहन और जिले केनोडल अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने जिला विद्यालय निरीक्षक को दिए हैं। बृहस्पतिवार को उन्होंने डीआईओएस कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो जो गैर सहायता प्राप्त विद्यालय अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं उन्हें सहायता प्राप्त विद्यालयों की सूची में शामिल किया जाएगा। विद्यालयों को मिलने वाली मदद उनके कार्य के हिसाब से होगी, तभी प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। उन्होंने डीआईओएस से सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में प्रति छात्र खर्च का ब्योरा मांगा है। प्रति छात्र के बाद प्रति विद्यालय यह खर्च निकाला जाएगा। प्रमुख सचिव ने सहायता प्राप्त विद्यालयों के प्रबंधन में चल रहे विवाद वाले स्कूलों की भी सूची मांगी है। उनके रिजल्ट और शासन से मिलने वाले मदद की भी तुलना की जाएगी। हर कमरे में निरीक्षण करने के साथ ही उन्होंने कर्मचारियों से बात की। उनके कामकाज के बारे में पूछा। कुछ कमी दिखने पर उसमें सुधार के तरीके भी बताए। हृदय रोग से पीड़ित एक कर्मचारी को देसी नुस्खा भी बताया और सेहतमंद रहने के लिए एक्सरसाइज भी बताई। इस दौरान सीडीओ ईशा दुहन, एसीएम सुनीता सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक गिरजेश चौधरी, एआरटीओ प्रवर्तन दिनेश कुमार आदि रहे।
विज्ञापन

132 विद्यालय, 18 करोड़ रुपये अनुदान
मेरठ में 133 सहायता प्राप्त विद्यालय हैं। इनमें से 132 विद्यालयों को शासन से हर माह 18 करोड़ रुपये अनुदान मिलता है। 16 राजकीय इंटर कॉलेजों प्रतिमाह 1.72 करोड़ों रुपये वेतन जाता है। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत बने 27 हाईस्कूल संचालित हैं। इनमें 72 लाख रुपये हर माह जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

छात्रवृत्ति का वितरण बैंक खातों में होने से बंद हुई धोखाधड़ी
छात्रवृत्तियों के वितरण में आधार कार्ड का इस्तेमाल करना सहायक होगा। प्रमुख सचिव ने कहा कि छात्रवृत्ति का वितरण बैंक खातों में होने से धोखाधड़ी बंद हुई है। प्रमुख सचिव ने बोर्ड परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले विद्यार्थियों और परीक्षा केंद्रों की संख्या पूछी। उन्होेंने कहा कि परीक्षाएं नकल विहीन हों इसके लिए सरकार अपनी तरफ से पूरे प्रयास कर रही है।

कोडिंग के डिस्पैच किए जाएं पत्र
प्रमुख सचिव ने डिस्पैच रजिस्टर में कोडिंग के आधार पर डिस्पैच करने के लिए कहा। जिससे फाइलों और पत्रों को निकाला जा सकता है। उन्होंने बताया कि उपस्थिति पंजिका में हाजिरी में वर्तनी गलत होने पर उसे ठीक कराने के लिए भी कहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed