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बारिश से तबाही, आठ की मौत, 154 मकान गिरे
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 29 Jul 2018 01:17 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
बीते तीन दिनों में हुई भारी बारिश से जिले में आठ लोगों की जान चली गई। जबकि पांच लोग घायल हुए। इस आफत की बारिश में चार पशुओं की भी मौत हो गई। वहीं पूरी तरह और आंशिक रूप से 154 मकान क्षतिग्रस्त हुए। प्रशासन ने सभी का आंकड़ा जुटाते हुए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है।
जनपद में 26 जुलाई से शुरू हुई बारिश 28 जुलाई की दोपहर तक जारी रही। इस दौरान जलभराव के साथ दर्जनों मकान और पेड़ भी गिरे। इनके नीचे दबने से आठ लोगों की मौत हो गई। मेरठ तहसील के ग्राम आलमगिरपुर निवासी चंद्रपाल के साथ ही ग्राम पिठोलकर निवासी नन्हीं, ग्राम खेड़ा निवासी विनिता और उनकी बेटी गुड़िया, मुजफ्फरनगर सैनी निवासी रामवीरी, घोसीपुर निवासी प्यारी, जई निवासी सुमैया और अमजद की इस बारिश में मौत हो गई। जबकि पांच लोग घायल हुए।
वहीं दूसरी तरफ मकान गिरने से उनके नीचे दबकर चार पशुओं की भी मौत हो गयी। जनपद में सबसे ज्यादा सरधना तहसील में 99 कच्चे और 13 पक्के आवास आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए। वहीं 17 कच्चे और 4 पक्के भवन पूरी तरह गिर गये। मवाना तहसील में दो कच्चे आवास आंशिक रूप से और मेरठ तहसील में तीन पक्के आवास आंशिक और चार पक्के आवास पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुए।
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लिसाडी गेट में गिरे तीन मकान, एक घायल
लखीपुरा निवासी अख्तर के मुताबिक शनिवार सुबह बेटी शुमेएला मकान में खाना बना रही थी। उसी दौरान मकान की छत गिर गई। शोर सुनकर आसपास के लोगों ने मलबे में दबी युवती को निकाला। मलबे में दबने के कारण युवती का एक पैर टूट गया। वहीं समर गार्डन कालोनी में नसीम के मकान के एक कमरे की कच्ची छत गिर गई। उमर गार्डन कालोनी में भूरे के मकान की छत गिर गई। हादसे में भूरे का पुत्र इस्माईल चुटहिल हो गया। सदर के धर्मपुरी निवासी विनोद कुमार गर्ग की दीवार भी बारिश के कारण गिर गई।
मकानों में आई दरार, लोगों ने लगाया जाम
बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो गई। इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। लिसाडी गेट थाना क्षेत्र में जलभराव के कारण न्यू इस्लामनगर, लखीपुरा व श्यामनगर में कई मकानों में दरार आ गई। सलमू, सलमान, अनवार, हैदर, फैय्याज, इनामुल राणा व अहमद ने बताया कि दरार आने के कारण कई मकान गिरने की कगार पर है। शनिवार को लोगों ने लिसाड़ी रोड़ पर जाम लगाकर हंगामा कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया। किया। लोगों का कहना था कि जलभराव के कारण मकान धंस रहे हैं। निगम की ओर से भी कोई व्यवस्था नही की गई।
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जनपद में 26 जुलाई से शुरू हुई बारिश 28 जुलाई की दोपहर तक जारी रही। इस दौरान जलभराव के साथ दर्जनों मकान और पेड़ भी गिरे। इनके नीचे दबने से आठ लोगों की मौत हो गई। मेरठ तहसील के ग्राम आलमगिरपुर निवासी चंद्रपाल के साथ ही ग्राम पिठोलकर निवासी नन्हीं, ग्राम खेड़ा निवासी विनिता और उनकी बेटी गुड़िया, मुजफ्फरनगर सैनी निवासी रामवीरी, घोसीपुर निवासी प्यारी, जई निवासी सुमैया और अमजद की इस बारिश में मौत हो गई। जबकि पांच लोग घायल हुए।
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वहीं दूसरी तरफ मकान गिरने से उनके नीचे दबकर चार पशुओं की भी मौत हो गयी। जनपद में सबसे ज्यादा सरधना तहसील में 99 कच्चे और 13 पक्के आवास आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए। वहीं 17 कच्चे और 4 पक्के भवन पूरी तरह गिर गये। मवाना तहसील में दो कच्चे आवास आंशिक रूप से और मेरठ तहसील में तीन पक्के आवास आंशिक और चार पक्के आवास पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुए।
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लिसाडी गेट में गिरे तीन मकान, एक घायल
लखीपुरा निवासी अख्तर के मुताबिक शनिवार सुबह बेटी शुमेएला मकान में खाना बना रही थी। उसी दौरान मकान की छत गिर गई। शोर सुनकर आसपास के लोगों ने मलबे में दबी युवती को निकाला। मलबे में दबने के कारण युवती का एक पैर टूट गया। वहीं समर गार्डन कालोनी में नसीम के मकान के एक कमरे की कच्ची छत गिर गई। उमर गार्डन कालोनी में भूरे के मकान की छत गिर गई। हादसे में भूरे का पुत्र इस्माईल चुटहिल हो गया। सदर के धर्मपुरी निवासी विनोद कुमार गर्ग की दीवार भी बारिश के कारण गिर गई।
मकानों में आई दरार, लोगों ने लगाया जाम
बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो गई। इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। लिसाडी गेट थाना क्षेत्र में जलभराव के कारण न्यू इस्लामनगर, लखीपुरा व श्यामनगर में कई मकानों में दरार आ गई। सलमू, सलमान, अनवार, हैदर, फैय्याज, इनामुल राणा व अहमद ने बताया कि दरार आने के कारण कई मकान गिरने की कगार पर है। शनिवार को लोगों ने लिसाड़ी रोड़ पर जाम लगाकर हंगामा कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया। किया। लोगों का कहना था कि जलभराव के कारण मकान धंस रहे हैं। निगम की ओर से भी कोई व्यवस्था नही की गई।