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बाल सेवा योजना में लापरवाही: कोरोना ने छीने माता-पिता, सरकार ने भी छोड़ा साथ, चार माह से बच्चों के खातों में नहीं पहुंची किस्त

Wed, 23 Mar 2022 12:37 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 23 Mar 2022 12:37 PM IST
सार

कोरोना काल में जिन बच्चों के सिर से माता पिता का साया उठ गया, उन बच्चों के सरकार ने बाल सेवा योजना के तहत चार हजार रुपये उनके खाते में भेजना तय किया था।लेकिन अब सरकार ने भी इन बच्चों को साथ छोड़ दिया है। पिछले चार माह से बच्चों के खातों में किस्त नहीं पहुंची है। 
 

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Baal seva yojna: installments did not reach childrens accounts for four months
- फोटो : Pixabay

विस्तार

कोरोना की दूसरी लहर में मेरठ जिले के 415 बच्चों के सिर से माता-पिता या इनमें से किसी एक का साया सिर से उठा गया था। सरकार ने इनका पालन पोषण करने के लिए बाल सेवा योजना की शुरुआत की थी। इसमें प्रत्येक बच्चे को प्रतिमाह चार हजार रुपये सरकार की ओर से देने का एलान किया गया, लेकिन चार महीने से बच्चों के खाते में किस्त नहीं पहुंची है। दिसंबर में अंतिम किस्त भेजी गई थी। अब अनाथ ये हुए ये बच्चे मदद की बाट जोह रहे हैं। 

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योजना के पात्रों के खाते में पहली किस्त 12 हजार रुपये की जुलाई और दूसरी किस्त दिसंबर में 12 हजार रुपये की आई थी। एक बार में तीन-तीन महीने की किस्त शासन द्वारा जारी की जाती है। लेकिन दिसंबर के बाद एक भी किस्त जारी नहीं की गई। ऐसे में पात्र लोग जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में संपर्क कर रहे हैं। 
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गंगानगर निवासी अनमोल (बदला हुआ नाम) के पिता कोरोना में साथ छोड़ गए। अब उनके पास सिर्फ बाल सेवा योजना का सहारा है। लेकिन एक बार ही उनके खाते में किस्त आई है। 


भाई-बहन के पिता कोरोना में साथ छोड़ गए। जागृति विहार निवासी इस परिवार के सामने भी संकट खड़ा हो गया। अब इनके पास सिर्फ बाल सेवा योजना ही सहारा है, इनके खाते में एक किस्त पहुंची है। 

नंगला शेखू कस्तला निवासी भाई-बहन की माता साथ छोड़ गई। इनके पालन पोषण की जिम्मेदारी अब पिता के कंधों पर आ  गई है। इन्हें भी बाल सेवा योजना का इंतजार है।

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