बढ़ती महंगाई से बिगड़ा बजट: रसोई गैस सिलिंडर महंगा होने से पड़ेगा हर माह 2.25 करोड़ का बोझ
घरेलू उपयोग में आने वाले सिलिंडर पर 50 रुपये बढ़ाए गए हैं और कॉमर्शियल गैस सिलिंडर पर 7 रुपये घटाए गए हैं। मेरठ में प्रतिदिन 15 हजार सिलिंडर की खपत होती है। ऐसे में उपभोक्ताओं पर प्रतिदिन 7.50 लाख का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
विस्तार
घरेलू रसोई गैस सिलिंडर एलपीजी के रेट नौ माह में पाचवीं बार बढ़े हैं। अब 50 रुपये बढ़ने के बाद 14 किलो गैस सिलिंडर की कीमत 947.50 हो गई है। तेल, रिफाइंड और खाद्यान्न की महंगाई के साथ अब सिलिंडर की बढ़ी कीमतों के कारण सर्वाधिक रसोई प्रभावित हो रही है। रसोई गैस में 50 रुपये की बढ़ोतरी से एक बार फिर लोगों को बड़ा झटका लगा है। कॉमर्शियल गैस सिलिंडर पहले से ही 1995 का है। इसमें 7 रुपये घटने के बाद कोई खास फर्क नहीं पड़ा है।
एलपीजी के रेट में बढ़ोतरी के कारण शहर के लोगों को प्रतिमाह 2.25 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करने होंगे। शहर में बीपीसी, इंडेन और एचपीसी की लगभग 40 एजेंसी हैं। प्रतिदिन 15 हजार सिलिंडर की खपत होती है। ऐसे में प्रतिदिन 7.50 लाख का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। हर घर में मासिक बजट बनाया जाता है। ऐसे में लोगों को अन्य चीजों में कटौती करनी होगी।
इंडेन गैस के मैनेजर गौरव ने बताया कि घरेलू उपयोग में आने वाले सिलिंडर पर 50 रुपये बढ़ाए गए हैं और कॉमर्शियल गैस सिलिंडर पर 7 रुपये घटाए गए हैं। मेरठ एलपीजी डिस्ट्रिक्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष नमो जैन ने कहा कि 3 साल लगातार महंगाई बढ़ रही है, लेकिन एजेंसी संचालकों की कमीशन नहीं बढ़ा है। इंश्योरेंस, गाड़ी की कीमत, पेट्रोल और डीजल सभी के रेट बढ़ गए हैं।
महंगाई ने बिगाड़ा घर का बजट महिलाएं सर्वाधिक चिंतित
947.50 रुपये हो गई है 14 किलो गैस सिलिंडर की कीमत 50 रुपये बढ़ने के बाद
बढ़ती महंगाई
माह वर्ष कीमत बढ़े
जुलाई 2021 832.50 25.50 रुपये
अगस्त 2021 857.50 25.00 रुपये
सितंबर 2021 882.50 25.00 रुपये
अक्तूबर 2021 897.50 15.00 रुपये
मार्च 2022 947.50 50.00 रुपये
घर खर्च चलाना हुआ मुश्किल
महंगाई के कारण घर चलाना मुश्किल हो गया है। खर्च चलाने के लिए सिलाई केंद्र का संचालन करती हूं। त्योहार पर खर्च अधिक हुआ, अब रसोई गैस की कीमत बढ़ने से बोझ बढ़ेगा। -मोनिका निवासी जगन्नाथपुरी
दो लोगों की कमाई फिर भी संकट
खाद्यान में महंगाई, बच्चों की पढ़ाई और चिकित्सा और अन्य खर्च को पूरा करने के लिए दोनों पति और पत्नी काम करते हैं। मेट्रो हॉस्पिटल में नर्स हूं। घर खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। -निशा गुप्ता, सोतीगंज
महंगाई के कारण बचत हो रही खत्म
घर चलाने के लिए 15 हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। इसमें हर चीज का खर्च चलाना पहले से ही मुश्किल था। अब गैस के रेट बढ़ गए हैं। बचत शून्य हो गई है। -सुषमा सिंघल निवासी सूरजकुंड