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बीएड परीक्षा : स्कैनिंग में ही लगेंगे घंटों, हर केंद्र पर 15-20 स्कैनर की जरूरत
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बीएड परीक्षा : स्कैनिंग में ही लगेंगे घंटों, हर केंद्र पर 15-20 स्कैनर की जरूरत
मेरठ। नौ अगस्त को होने वाली बीएड की प्रवेश परीक्षा कराना आसान नहीं है। हर केंद्र में एक छात्र की स्कैनिंग और सैनिटाइजेशन में 30 सेकेंड का भी समय लगा तो हर केंद्र पर छात्रों की लाइन लग जाएगी। 500 छात्र-छात्राओं की स्कैनिंग कराने के लिए घंटों का समय लग जाएगा। ऐसे में हर केंद्र पर 15 से 20 स्कैनर का इंतजाम रखना पड़ेगा। ऐसा नहीं हुआ तो व्यवस्था बिगड़ सकती है।
कोरोना संक्रमण के मामलों में अभी कोई कमी नहीं आई है। ऐसे में अगर छात्र-छात्राएं इससे प्रभावित हो गए तो यह बहुत तेजी से फैलेगा। केंद्र पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कैसे होगा, यह बड़ा सवाल है। अकेले मेरठ की बात करें तो यहां पर 20 हजार छात्र-छात्राएं प्रवेश परीक्षा देंगे। इसके लिए यहां पर 40 केंद्र बनाए गए हैं। किसी भी केंद्र पर 500 से अधिक अभ्यर्थी नहीं होंगे। पांच सौ छात्र-छात्राओं को केंद्र पर एंट्री से पहले नियमानुसार उनके हाथ सैनिटाइजर से धुलवाने और स्कैनिंग किए जाने के इंतजाम होने चाहिए। एक छात्र को इन दोनों प्रक्रिया से गुजरने में कम से कम 30 सेकेंड का समय लगेगा। यानी एक मिनट में दो छात्र एंट्री ले पाएंगे। ऐसे में पांच सौ छात्रों को एंट्री देने में घंटों लग जाएंगे। ऐसे में हर केंद्र पर 15 से 20 स्कैनर रखने होंगे। 15-20 शिक्षकों को अलग-अलग इस प्रक्रिया को करना होगा। छात्र-छात्राओं का कहना है कि ऐसा हो पाना मुमकिन नहीं लग रहा है। ऐसे में अगर संक्रमण फैला तो वे जिले के जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों को पार्टी बनाकर कोर्ट जाएंगे।
दो पालियों में होगी परीक्षा
सीसीएसयू के परिक्षेत्र में मेरठ और सहारनपुर मंडल में 95 से अधिक केंद्रों पर नौ अगस्त को बीएड की परीक्षा दो पालियों में प्रस्तावित है। इनमें सबसे ज्यादा 40 सेंटर मेरठ में बनाए गए हैं। इसके बाद दूसरे नंबर सबसे ज्यादा अभ्यर्थी गाजियाबाद में हैं। यहां पर 32 से अधिक सेंटर बनाए गए हैं।
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आंतरिक परीक्षा एक सप्ताह में कराने के निर्देश
सीसीएसयू से संबद्ध कॉलेजों में अंतिम सेमेस्टर में प्रयोगात्मक, प्रैक्टिकल-आंतरिक परीक्षा एक सप्ताह में कराने के निर्देश सभी कॉलेजों को जारी किए गए हैं। कहा गया है कि फाइनल सेमेस्टर की परीक्षाएं जल्द शुरू होने वाली हैं ऐसे में सभी इसको पूरी करा लें। सभी राजकीय-एडेड और सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों को यह भी निर्देश दिए गए हैैं कि छात्रों के अंक ऑनलाइन अपलोड कराते हुए अंक पत्रों की हार्ड कॉपी दो प्रतियों में गोपनीय विभाग की खिड़की नंबर 40 पर उपलब्ध करा दें। इसमें लापरवाही बरतने वाले कॉलेजों पर कार्रवाई होगी।
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मेरठ। नौ अगस्त को होने वाली बीएड की प्रवेश परीक्षा कराना आसान नहीं है। हर केंद्र में एक छात्र की स्कैनिंग और सैनिटाइजेशन में 30 सेकेंड का भी समय लगा तो हर केंद्र पर छात्रों की लाइन लग जाएगी। 500 छात्र-छात्राओं की स्कैनिंग कराने के लिए घंटों का समय लग जाएगा। ऐसे में हर केंद्र पर 15 से 20 स्कैनर का इंतजाम रखना पड़ेगा। ऐसा नहीं हुआ तो व्यवस्था बिगड़ सकती है।
कोरोना संक्रमण के मामलों में अभी कोई कमी नहीं आई है। ऐसे में अगर छात्र-छात्राएं इससे प्रभावित हो गए तो यह बहुत तेजी से फैलेगा। केंद्र पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कैसे होगा, यह बड़ा सवाल है। अकेले मेरठ की बात करें तो यहां पर 20 हजार छात्र-छात्राएं प्रवेश परीक्षा देंगे। इसके लिए यहां पर 40 केंद्र बनाए गए हैं। किसी भी केंद्र पर 500 से अधिक अभ्यर्थी नहीं होंगे। पांच सौ छात्र-छात्राओं को केंद्र पर एंट्री से पहले नियमानुसार उनके हाथ सैनिटाइजर से धुलवाने और स्कैनिंग किए जाने के इंतजाम होने चाहिए। एक छात्र को इन दोनों प्रक्रिया से गुजरने में कम से कम 30 सेकेंड का समय लगेगा। यानी एक मिनट में दो छात्र एंट्री ले पाएंगे। ऐसे में पांच सौ छात्रों को एंट्री देने में घंटों लग जाएंगे। ऐसे में हर केंद्र पर 15 से 20 स्कैनर रखने होंगे। 15-20 शिक्षकों को अलग-अलग इस प्रक्रिया को करना होगा। छात्र-छात्राओं का कहना है कि ऐसा हो पाना मुमकिन नहीं लग रहा है। ऐसे में अगर संक्रमण फैला तो वे जिले के जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों को पार्टी बनाकर कोर्ट जाएंगे।
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दो पालियों में होगी परीक्षा
सीसीएसयू के परिक्षेत्र में मेरठ और सहारनपुर मंडल में 95 से अधिक केंद्रों पर नौ अगस्त को बीएड की परीक्षा दो पालियों में प्रस्तावित है। इनमें सबसे ज्यादा 40 सेंटर मेरठ में बनाए गए हैं। इसके बाद दूसरे नंबर सबसे ज्यादा अभ्यर्थी गाजियाबाद में हैं। यहां पर 32 से अधिक सेंटर बनाए गए हैं।
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आंतरिक परीक्षा एक सप्ताह में कराने के निर्देश
सीसीएसयू से संबद्ध कॉलेजों में अंतिम सेमेस्टर में प्रयोगात्मक, प्रैक्टिकल-आंतरिक परीक्षा एक सप्ताह में कराने के निर्देश सभी कॉलेजों को जारी किए गए हैं। कहा गया है कि फाइनल सेमेस्टर की परीक्षाएं जल्द शुरू होने वाली हैं ऐसे में सभी इसको पूरी करा लें। सभी राजकीय-एडेड और सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों को यह भी निर्देश दिए गए हैैं कि छात्रों के अंक ऑनलाइन अपलोड कराते हुए अंक पत्रों की हार्ड कॉपी दो प्रतियों में गोपनीय विभाग की खिड़की नंबर 40 पर उपलब्ध करा दें। इसमें लापरवाही बरतने वाले कॉलेजों पर कार्रवाई होगी।