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आयुष्मान योजना: फर्जीवाड़े की जांच के लिए विजिलेंस टीम का गठन
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आयुष्मान योजना: फर्जीवाड़े की जांच के लिए विजिलेंस टीम का गठन
मेरठ। आयुष्मान भारत के तहत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में फर्जीवाड़े की जांच के लिए शासन ने मंडल स्तर पर विजिलेंस टीम का गठन किया है। मेरठ में अपर निदेशक स्वास्थ्य कार्यालय में तैनात चार संयुक्त निदेशकों की टीम बनाई गई है, जो ऐसी मामलों की जांच करेगी। ये टीम जिन जिलों की जांच करेगी, उनमें मेरठ केअलावा, बागपत, बुलंदशहर, हापुड़, नोएडा और गाजियाबाद जिले शामिल हैं।
आयुष्मान भारत में फर्जीवाड़े की शिकायते आ रही हैं। कभी फर्जी गोल्डन कार्ड बनाने का मामला सामने आता है तो कभी फर्जी तरीके से लोगों के नाम शामिल होने का। इसके अलावा शासन में भी इसकी शिकायत की जा रही है। सांसद राजेंद्र अग्रवाल और भाजपा केपूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी इस मामले को लगातार उठा रहे हैं। अब इसमें समिति का गठन किया गया है, ताकि इस तरह के मामलों की जांच कर उन पर कार्रवाई की जा सकी। सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर विजिलेंस टीम का गठन कर दिया गया है। आयुष्मान से संबंधित शिकायतों पर शासन से इन्हें ई-मेल केजरिए सूचना दी जाएगी, इसकेबाद टीम जांच करेगी और शासन को रिपोर्ट देगी।
योजना में शामिल हो गए हैं कारोबारी और अधिकारी भी
आयुष्मान योजना में कई तरह की शिकायतें हैं। इसमें अब तक 40 अस्पतालों-नर्सिंग होम के आवेदन निरस्त किए जा चुकेहैं। नेशनल फ्रॉड यूनिट की जांच में तीन अस्पताल फेल हो चुकेहैं। इलाज न करने पर दो अस्पतालों को पैनल से हटा दिया गया है। शहर केबड़े कारोबारी, सेठ और अफसर तक इस योजना में शामिल हो गए हैं। इनकेगोल्डन कार्ड तक बन गए हैं।
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मेरठ। आयुष्मान भारत के तहत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में फर्जीवाड़े की जांच के लिए शासन ने मंडल स्तर पर विजिलेंस टीम का गठन किया है। मेरठ में अपर निदेशक स्वास्थ्य कार्यालय में तैनात चार संयुक्त निदेशकों की टीम बनाई गई है, जो ऐसी मामलों की जांच करेगी। ये टीम जिन जिलों की जांच करेगी, उनमें मेरठ केअलावा, बागपत, बुलंदशहर, हापुड़, नोएडा और गाजियाबाद जिले शामिल हैं।
आयुष्मान भारत में फर्जीवाड़े की शिकायते आ रही हैं। कभी फर्जी गोल्डन कार्ड बनाने का मामला सामने आता है तो कभी फर्जी तरीके से लोगों के नाम शामिल होने का। इसके अलावा शासन में भी इसकी शिकायत की जा रही है। सांसद राजेंद्र अग्रवाल और भाजपा केपूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी इस मामले को लगातार उठा रहे हैं। अब इसमें समिति का गठन किया गया है, ताकि इस तरह के मामलों की जांच कर उन पर कार्रवाई की जा सकी। सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर विजिलेंस टीम का गठन कर दिया गया है। आयुष्मान से संबंधित शिकायतों पर शासन से इन्हें ई-मेल केजरिए सूचना दी जाएगी, इसकेबाद टीम जांच करेगी और शासन को रिपोर्ट देगी।
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योजना में शामिल हो गए हैं कारोबारी और अधिकारी भी
आयुष्मान योजना में कई तरह की शिकायतें हैं। इसमें अब तक 40 अस्पतालों-नर्सिंग होम के आवेदन निरस्त किए जा चुकेहैं। नेशनल फ्रॉड यूनिट की जांच में तीन अस्पताल फेल हो चुकेहैं। इलाज न करने पर दो अस्पतालों को पैनल से हटा दिया गया है। शहर केबड़े कारोबारी, सेठ और अफसर तक इस योजना में शामिल हो गए हैं। इनकेगोल्डन कार्ड तक बन गए हैं।
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