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Audio Viral : गैंगमैन के ऑडियो में हादसे का सच सामने आया

Mon, 21 Aug 2017 10:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर, कपिल कुमार
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर, कपिल कुमार Updated Mon, 21 Aug 2017 10:19 AM IST
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Audio Viral : railway employees told themselves about the cause of the accident
रेल हादसा
टूटी पटरी पर उत्कल एक्सप्रेस को दौड़ाने में रेलवे की बड़ी लापरवाही का खुलासा एक गेटमैन के ऑडियो ने कर दिया है। कीमैन, गैंगमैन और जेई तक काटी गई पटरी को बिना वैल्डिंग किए लाइन में फिट कर चले गए। ट्रैक पर लाल झंडी भी नहीं लगाई गई थी। रोजमर्रा की तरह उत्कल धड़धड़ाते हुए गुजर रही थी, लेकिन चार डब्बे ही पार हो पाए और कटी पटरी का टुकड़ा उछलकर बाहर आ गया। इसके बाद अगले ही पल यह भयावह हादसा सामने आया है। खतौली में सफेदा मोड़ फाटक के एक गेटमैन को रेलवे के एक पूर्व कर्मचारी का फोन आता है। इस बातचीत में दोनों कर्मचारियों की पीड़ा,  लापरवाह कर्मचारियों के प्रति गुस्सा झलक रहा है तो उनके लिए गालियां भी निकल रही है। पेश बातचीत के अंश... 
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गेट मैन.. हैलो 
दूसरा कर्मी... रामराम भाई
गेट मैन... रामराम भाई कहां तूं
दूसरा कर्मी... भूल गया क्या
गेटमैन... न अरे हा, वो तो सुन लिया होगा 
 दूसरा कर्मी... बताइये क्या हुआ था, इसलिए तो फोन किया
गेटमैन...भाई मेरा क्या.. भाई मेरे जैसा ही नया जे ई आया है। वो मेरा नाम राशि है। इसे एक तो कोई मानता नहीं, कोई इसकी सुनता नहीं जब सै साबिर गया, काम कोई करना चाहता नी।
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दूसरा कर्मी... अच्छा  
गेटमैन... अब कोई काम करता नहीं, अब तो बाइक पर बैठकर चले है, गेट पर बैठकर चले आवै हैं। आधा घंटा काम किया और क्वार्टर में जाकर लेट गए। पटरी की जांच के लिए कीमैन कोई नहीं जा रहा। बाइक पर बैठकर कीमैनी हो रही हैं। पेट्रोलिंग हो रही है। 
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दूसरा कर्मी.. ये पूछै नहीं था...
गेटमैन... इसकी सुनै कौन, पुराने लोग जैसा कहवै, वैसा करै..
गैंगमेन... तिलक राम के सामने पटरी पर वैल्डिंग चल रहा था। जेई ने ब्लाक मांग था, ब्लाक रद्द कर दी। कुछ पुराने लोग और कुछ लुहार है उनकी सुनै है, उन्होंने सलाह दे दी और टुकड़ा कटवा दिया।  जब ब्लाक नही मिला... लाइन काट दी, ट्रेन के आने का टैम (टाइम) हो गया ...ट्रेन तो आती ही....काटे गए टुक़ड़े को जोड़ा नहीं था, मेरठ से उत्कल के आने का टाइम हो गया। सिग्नल मिलते ही मैंने फाटक बंद कर दिया। आगे कटी हुई लाइन को वेल्डिंग नहीं किया गया था। वैसे ही टुकड़े को पटरी के बीच में फिट कर दिया था। जोड़ा भी नहीं कसा था... कम से कम लाल झंडी तो लगा लेते, वह भी नहीं लगाई। ट्रेन चार डिब्बे तो उतर गए, फेर ट्रेन पलट गी।
दूसरा कर्मी... मर भी गए लोग...
गेट मैन... पूछै न ज्यादा लोग मर गए, चार ही डिब्बे बचे है, टीवी देख लिया होगा, 23 के मरने की चल रही है.. वेल्डिंग मशीन बीचों बीच पड़ी है। टुकड़ा पड़ा है, सब चूरा हो गए, जिंदगी में पहली बार ऐसी लापरवाही देक्खी, भाई भौत बुरा किया, सारे सस्पेंड होंगे। 
दूसरा कर्मी...हां सुधीर बता रहा था कि अब तो मौज आ री, मैंने कहा था अबै कुछ तो काम कर लौ
गेटमैन ... घणी अंधगी तार रखी थी...अब सब जेल जावैंगे
दूसरा कर्मी....जेल जावैंगे... सब जेल...हुआ तो ये लापरवाही से, यार इतने यात्री चलते हैं ट्रेन में, इनपै तो सारो को नंगा करकै सोटा बजाना चाहिए...
गेटमैन...गैंगमैन टीम संख्या 15-16 मौके से भाग गई। अब सारे सस्पेंड होंगे। अब तो सारे कह रहे है कि इससै तो गेटमैनी अच्छी थी, हम कहते थे कि कुछ कर लो,  जब तो कोई कुछ करै नहीं था, हम रोज कह थे कि कुछ तो कर लो, वोल्ट खुले पड़े है, कोई जाकै देक्खै नहीं था। स्टेशन पर आदमी तक नहीं छोड़ रक्खा। 
दूसरा कर्मी ...जेल जांगे सारे जेल, हत्थे चढ़ गए तो रेल से बचकै कहां चले जाओंगे, रेलवे ने इतनी तन्खाह दे रखी है, कुछ तो कर लेते, मौज लै थे, अब सब फंसेगे। लुहार कौन थे...
गेटमैन...बिजेंद्र था, शोभा था, ये थे लुहार वेल्डिंग कर रहे थे, गाली....
दूसरा कर्मी... ये तो सीनियर है सब 
गेटमैन...उन्होंने यह भी नी देखा, ट्रेन में यात्री होते थे, झंडा तक नहीं लगा रखा, साइन बोर्ड तक नहीं लगा रखा था। भोत तगड़ा हादसा हुआ, पहली बार हुआ यो, उत्कल तो बड़ी लंबी गाड़ी है। हरिद्वार पुरी, हरिद्वार से पुरी।
दूसरा कर्मी...  ऐसी लापरवाही, इतने कानून निकलेंगे, इनकी तो कोई प्रार्थना भी नहीं कर सकता। इतने राज्यों के लोग जाते हैं,... गाली
      

 

दो दिन पहले भी टूटी रही थी पटरी

Audio Viral : railway employees told themselves about the cause of the accident
मुजफ्फरनगर रेल हादसा


मुजफ्फरनगर। गैंगमैन के साथ बातचीत के ऑडियो में यह सच भी सामने आया है कि सकौती पुल के नीचे दो दिन पहले ही रेल की पटरी कई दिनों तक टूटी रही। गाडिय़ां टूटी पटरी से ही गुजरती रही। जहां पटरी टूटी थी, वहां दो स्लिपर भी नीचे दब गए। अचानक पटरी की जांच में पता चला तो हाथ-पांव फूल गए। जेई को लापरवाही पर दिल्ली से नोटिस भी मिला था।

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