ज्योतिषाचार्य हबीब से बनवाइये जन्मकुंडली
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इस्लाम और ज्योतिष की जुगलबंदी देखनी है तो ज्योतिषाचार्य हबीब से मिलिये। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि ज्योतिष विद्या में यकीन नहीं रखने वाले मुस्लिम समाज के हबीब जन्मकुंडली बनाते हैं तो राहु का निवारण करने के उपाय भी बखूबी बता रहे हैं। इतना ही नहीं, हबीब कुंडली के मिलान, वास्तु, वर्ष फल और हस्तरेखा विज्ञान पर भी पूरी पकड़ रखते हैं। इसके लिये शुरुआती दौर में इन्हें अपने समाज के लोगों के विरोध से दो-चार होना पड़ा, तो तानों के भी शिकार हुये। इन बातों को नजरंदाज कर ये ज्योतिष में रमे रहे। अब स्थिति यह है कि हिंदुओं के साथ मुस्लिम समाज के लोग इनके पास ज्योतिष समाधान के लिये आने लगे हैं। ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी माधवश्रम जी महाराज सम्मानित भी कर चुके हैं।
36 साल से कर रहे ज्योतिष समाधान
हापुड़ रोड स्थित गांव बिजौली निवासी ज्योतिषाचार्य हबीब शहर के जत्तीवाड़ा में एक छोटी सी जगह पर पिछले 36 साल से ज्योतिष कार्य कर रहे हैं। उनके यहां जन्म कुंडली बनवाने के लिये हिंदुओं के साथ मुसलमान भी आते हैं। हबीब बताते हैं कि मुसलिम होने के चलते उन्हें इन सवालों का भी जवाब देना पड़ता है कि वह इस पेशे में क्यों और कैसे आए।
जाति-धर्म से नहीं ज्योतिष का संबंध
हबीब कहते हैं कि ज्योतिष शास्त्र का संबंध किसी जाति या धर्म से नहीं है। इसे लगन और साधना के बूते पर कोई भी हासिल कर सकता है। इसके सहारे ही उन्होेंने तमाम विरोध और उपेक्षा के बाद यह विद्या हासिल की है। शंकराचार्य माधवश्रम जी महाराज जी ने उन्हें ज्योतिष शास्त्र की डिग्री भी प्रदान की है। हबीब ने बताया कि वह लंबे समय तक गौरक्षा आंदोलन से भी जुड़े रहे। आचार्य विनोबा भावे और लोकनायक जयप्रकाश से प्रभावित होकर उनके विचारों को भी समाज में फैलाया और भारतीय मजदूर संघ के सर्व पंथ समादर मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे।
अब तो 10 फीसदी मुसलिम आते हैं
बकौल हबीब, छोटी उम्र में ही उनका मन ज्योतिष विद्या की तरफ आकर्षित हो गया था। मुसलिम होने के कारण उन्हें इसमें पहले कुछ दिक्कत भी आई पर अब सब ठीक है। दीनी तालीम के साथ हबीब ने सीसीएसयू कैंपस से एमए (राजनीतिशास्त्र) किया है। उनके पास हिंदू और मुसलिम दोेनों धर्मों के लोग ज्योतिष समाधान के लिये आते हैं। ज्योतिष समाधान के लिये उनके पास आने वाले लोगों में 10 फीसदी संख्या मुसलिमों की है।
बच्चों ने नहीं अपनाया पेशा
हबीब ने बताया कि उनके तीन बेटे हैं और किसी ने उनका पेशा नहीं अपनाया। बड़ा बेटा एडवोकेट, मंझला डिजाइनर और सबसे छोटा बेटा बीकॉम कर रहा है। उन्होंने भी कभी किसी पर ज्योतिष के पेशे में आने के लिये दबाव नहीं बनाया। हालांकि, किसी ने दिलचस्पी दिखाई तो वह अपने हुनर को जरूर आगे बढ़ाना चाहेंगे।