फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Asian Games 2023: Meerut Parul wins silver, today there will be a five thousand meter race

एशियन गेम्स 2023: चांदी सी चमकी पारुल की मेहनत, गांव में घर-घर बंटी मिठाई, आज पांच हजार मीटर की होगी दौड़

Tue, 03 Oct 2023 10:56 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 03 Oct 2023 10:56 AM IST
सार

चीन के हांगझोऊ में आयोजित एशियन गेम्स में एथलीट पारुल चौधरी ने तीन हजार मीटर स्टीपल चेज स्पर्धा में रजत पदक जीता है। पारुल आज पांच हजार मीटर दौड़ में हिस्सा लेंगी।एशियन गेम्स से पहले वह पेरिस ओलंपिक 2024 का कोटा भी ले चुकी हैं।
 

विज्ञापन
Asian Games 2023: Meerut Parul wins silver, today there will be a five thousand meter race
पारुल चौधरी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

चीन के हांगझोऊ में आयोजित एशियन गेम्स के ट्रैक एंड फील्ड इवेंट में रजत पदक जीतने वाली एथलीट बेटी पारुल चौधरी का सफर गांव की चकरोड से शुरू हुआ था। यहां तक पहुंचने के लिए पारुल ने कड़ा संघर्ष किया। दौराला के इकलौता गांव निवासी कृष्णपाल सिंह ने बताया कि उनकी बेटी पारुल साइकिल से सिवाया टोल प्लाजा तक जाती थी, वहां पार्किंग में साइकिल खड़ी करके टेंपो से कैलाश प्रकाश स्टेडियम पहुंचती थी। 

विज्ञापन


कृष्णपाल सिंह ने बताया कि बेटियों ने देश का नाम रोशन करते हुए हमारा सीना चौड़ा कर दिया है। पारुल ने इसी वर्ष केरल में आयोजित स्टीपल चेज में गोल्ड मेडल जीता था। एशियन चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल अपने नाम किया था।
विज्ञापन


एशियन गेम्स से पहले वह पेरिस ओलंपिक 2024 का कोटा भी ले चुकी हैं। पारुल चौधरी प्राथमिक प्रशिक्षण कैलाश प्रकाश स्टेडियम में लिया है। उनके कोच रहे कोच गौरव त्यागी ने बताया कि पारुल ने दो माह पहले ही थाइलैंड के बैंकाक में आयोजित एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। 2018 एशियन गेम्स में भी पारुल पदक जीत चुकी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: UP: पहाड़ों पर मैगा वीकेंड मनाकर लौटे सैलानी, हाईवे पर लगा जाम, रात भर रेंगते रहे 55 हजार वाहन

पारुल दो बार वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। सोमवार को चीन में आयोजित एशियन गेम्स में पारुल चौधरी के रजत पदक जीतने की खबर जैसे ही स्टेडियम पहुंची तो वहां अभ्यास कर रहे खिलाड़ियों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। दौराला के गांव इकलौता में परिवार के सदस्यों ने घर-घर मिठाई बांटी। मंगलवार को पारुल चौधरी पांच हजार मीटर दौड़ में हिस्सा लेंगी और अन्नु रानी भाला फेंक में दम दिखाएंगी। 

क्षेत्रीय क्रीड़ा प्रतियोगिता से शुरू किया दौड़ना 
भराला गांव के बीपी इंटर कॉलेज से बड़ी बहन प्रीति चौधरी के साथ पारुल चौधरी ने दौड़ प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने की शुरुआत की। शुरुआती दिनों में बड़ी बहन से ही पारुल की प्रतिस्पर्धा रही। दोनों ने ही 1600 और तीन हजार मीटर में दौड़ना शुरू किया।

चयन के दौरान बहन से ही प्रतिस्पर्धा होने के बाद परिजनों ने बड़ी बहन को पांच हजार मीटर में दौड़ने की सलाह दी। बहन के साथ शुरू हुई प्रतिस्पर्धा के बाद पारुल ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और हंगरी में आयोजित वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पदक से चूक जाने के बाद भी पारुल ने ओलंपिक के लिए क्वालिफाई किया था।

किसान परिवार से हैं पारुल
दौराला के इकलौता गांव निवासी कृष्णपाल सिंह खेती करते हैं। उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं। बड़ा बेटा राहुल दीवान टायर फैक्टरी में मैनेजर है, दूसरे नंबर की बेटी प्रीति सीआईएसएफ में स्पोर्ट्स कोटे से दरोगा है। तीसरे नंबर की पारुल चौधरी हैं। वह रेलवे में टीटीई हैं। चौथे नंबर का बेटा रोहित यूपी पुलिस में है। पारुल और प्रीति ने भराला गांव स्थित बीपी इंटर कॉलेज से कक्षा 10 व इंटर की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद मेरठ कॉलेज मेरठ से ग्रेजुएशन की। पटियाला पहुंचकर विवि टॉपर रही।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed